मुख्यपृष्ठनए समाचार`शिंदे' राज में मुंबईकरों की सुरक्षा राम भरोसे!

`शिंदे’ राज में मुंबईकरों की सुरक्षा राम भरोसे!

-नए सिक्योरिटी नंबर प्लेट योजना लागू करने में विफल हुई सरकार

-२०१९ से पहले पंजीकृत २ करोड़ से अधिक वाहनों के पास नहीं नए नंबर प्लेट

अभिषेक कुमार पाठक / मुंबई

महानगर मुंबई में पिछले कुछ वर्षों में वाहनों की संख्या तेजी से बढ़ी है। सड़कों पर अनियमित दौड़ते वाहनों से दुर्घटना में भी काफी इजाफा हुआ है, जिसे रोकने के लिए यातायात सुरक्षा नियम के अनुसार, हाईटेक नंबर प्लेट (एचएसआरपी) लगाने की योजना थी, लेकिन राज्य की `घाती’ सरकार के शासन में लापरवाही के चलते अब तक यह नियम पूरी तरह से लागू नहीं हो पाया है। शिंदे सरकार इस नए नंबर प्लेट के नियम को लागू करने में असफल रही है। नतीजतन, राज्य में यातायात सुरक्षा व्यवस्था रामभरोसे है। पिछले ४ वर्षों में पंजीकृत २ करोड़ से अधिक वाहनों में यह नंबर प्लेट नहीं लगाया गया है, जिससे सड़क पर लोगों की सुरक्षा खतरे में हैं। यही हालत कमोबेश राज्य के अन्य शहरों में भी है। बता दें कि सड़कों पर होनेवाली दुर्घटना में आरोपी को पक़ड़े जाने पर जमानत मिल जाती है। जिसके लिए २०११-२०१२ में हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट लगाने के लिए नए नियम आए, लेकिन तब से अब तक महाराष्ट्र में मात्र टेंडर निकला है, उसके आगे कुछ काम नहीं हुआ है।
उल्लेखनीय है कि हिंदुस्थान में होनेवाले अधिकांश अपराध गाड़ियों की वजह से होते हैं, इसलिए कुछ साल पहले भारत सरकार ने वाहनों की पहचान से संबंधित कई मुद्दों को हल करने के लिए उच्च सुरक्षा पंजीकरण प्लेट (एचएसआरपी) लेकर आई थी। इसके तहत नंबर प्लेट ३डी होलोग्राम, एक रिफ्लेक्टिव फिल्म के साथ इंस्क्रिप्शन, जिस पर `भारत’ लिखा हो और एक लेजर-नक्काशीदार सीरियल नंबर होता है, जो इसे छेड़छाड़-रोधी बनाता है। सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप से कई राज्य सरकारों ने २०११ की शुरुआत में ही अपने-अपने राज्यों में इस योजना की शुरुआत कर दी, लेकिन महाराष्ट्र और कर्नाटक सहित कुछ राज्यों को बार-बार निर्देश दिए जाने के बावजूद लागू नहीं किया गया है, जबकि महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा गाड़ियां चोरी हुई हैं।
नंबर का डिजिटल प्लान क्यों हुआ फेल
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा परिषद के सदस्य और राहत के संस्थापक डॉ. कमल सोई ने कहा कि महाराष्ट्र सरकार डिजिटलीकरण को काफी बढ़ावा देती है, लेकिन अब तक एचएसआरपी योजना के क्रियान्वयन में विफल रही है।  राज्य में १ अप्रैल २०१९ से पहले पंजीकृत २ करोड़ से अधिक वाहन हैं, जिन्हें एचएसआरपी के साथ जुड़ना बाकी है? सरकार ने एचएसआरपी आपूर्तिकर्ताओं के चयन के लिए निविदा जारी की है। हालांकि, हर बार विफलता मिली। बोली जमा करने की अंतिम तिथि पिछले ५ महीनों में कई बार बढ़ाई गई है, आखिरी तारीख १२ फरवरी २०२४ को थी, जिसे एक बार फिर बढ़ा कर अप्रैल तक कर दिया गया है।
६ बार जारी किया गया टेंडर
हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के लिए महाराष्ट्र सरकार द्वारा २०२३ और २०२४ के बीच लगातार ६ बार टेंडर निकले गए हैं। यह सरकार १ या २ बार नहीं, बल्कि ६ बार टेंडर निकलने के बाद भी अभी तक कोई निर्णय नहीं ले पाई है।

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