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वाराणसी में गंगा पुन: रौद्र रूप में, चेतावनी बिंदु को पार कर गंगा का रुख शहर की ओर, बाढ़ की स्थिति

उमेश गुप्ता / वाराणसी

पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बारिश और राजस्थान समेत मध्य प्रदेश में जल प्रलय की स्थिति के बाद अब चंबल बेतवा और गंगा की अन्य सहायक नदियों में जल बढ़ोतरी हो रही है। जिसकी वजह से लगातार अलग-अलग राज्यों में खोले जा रहे बांधों के कारण वाराणसी में गंगा के जलस्तर में बहुत तेजी से बढ़ोतरी हो रही है। हालात ये है कि वाराणसी में गंगा गुरुवार दोपहर २:०० बजे चेतावनी बिंदु ७०.२६ मीटर के स्तर को पार करते हुए ७०.३३ मीटर के जल स्तर पर बह रही हैं और अभी भी ५ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा में बढ़ोतरी जारी है, जो शाम या कल सुबह तक गंगा को खतरे के निशान के करीब भी पहुंचा देगा।
बता दें कि वाराणसी में गंगा के जलस्तर में बीते लगभग १ महीने से बढ़ोतरी के बाद कुछ दिनों तक जल स्तर में कमी हुई थी। जिससे गंगा का जलस्तर नीचे जाना शुरू हो गया था लेकिन राजस्थान समेत उत्तराखंड में हो रही लगातार भारी बारिश का असर गंगा समेत उसकी सहायक नदियों पर पड़ रहा है। राजस्थान और मध्य प्रदेश में बारिश के बाद लगातार बांध खोले जा रहे हैं। जिसकी वजह से गंगा के जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी जारी है। वाराणसी में गंगा का जलस्तर खतरे के निशान ७१.२६ मीटर के करीब पहुंच चुका है। जबकि वार्निंग लेबल ७०.२६ मीटर से ऊपर ७०.३३ मीटर पर गंगा बह रही हैं। यानी वार्निंग लेवल से लगभग ७ सेंटीमीटर ऊपर गंगा का पानी वाराणसी में वर्तमान समय में बना है। केंद्रीय जल आयोग के अधिकारियों का कहना है कि गंगा के जलस्तर में मौजूदा समय में कमी संभव ही नहीं है। क्योंकि क्योंकि गंगा और उसकी सहायक नदियों के लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। इस पानी आने की वजह से ५ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हो रही है। जो अपने वास्तविक स्तर से काफी तेज है। यदि ५ सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा में बढ़ोतरी होती है तो गुरुवार की रात तक गंगा का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच जाएगा।
गंगा के जल स्तर में बढ़ोतरी का असर गंगा के घाटों, सड़कों और गलियों में भी दिखने लगा है। दशाश्वमेध घाट, शीतला घाट पर गंगा का पानी सीढ़ियों से होता हुआ सड़क तक पहुंचने वाला है। अस्सी घाट पर पानी सड़क और गलियों में पहुंच भी चुका है। दशाश्वमेध घाट पर के रास्तों से गंगा लोगों के घरों में घुसने को तैयार हैं। बनारस में गंगा का यह तीव्र वेग लोगों को डरा रहा है।

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