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अध्यापकों में बढ़ती ‘आसुरी’ प्रवृत्ति … अब झारखंड में ५० बच्चों को पीटा!

• १ दिन अनुपस्थित रहने की प्रधानाध्यापक ने दी सजा
• सामाजिक कुंठा से लगातार बिगड़ रहा है स्कूली माहौल
•  मुजफ्फरनगर में शिक्षिका ने मुस्लिम बच्चे को पिटवाया था
• कठुआ के स्कूल में अध्यापक ने हिंदू छात्र को पीटा था
सामना संवाददाता / नई दिल्ली
अध्यापक का काम बच्चों को शिक्षा व संस्कार देना है इसलिए उसे माता-पिता से भी बड़ा दर्जा दिया गया है। संत कबीर ने तो गुरु को भगवान से भी बड़ा दर्जा देते हुए लिखा है कि गुरु गोविंद दोनों खड़े काके लागू पाय, बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताए। मगर आज के माहौल में गुरुओं का भी चरित्र बदलता जा रहा है। मुजफ्फरनगर और कठुआ जैसी कुछ हालिया घटनाओं पर नजर डालें तो आप पाएंगे कि इन दिनों अध्यापकों में आसुरी प्रवृति बढ़ रही है। अब झारखंड से आई एक खबर के अनुसार, वहां एक मुख्याध्यापक ने एक दिन स्कूल न आनेवाले ५० बच्चों को बुरी तरह से पीटा।
देश में इन दिनों काफी नकारात्मकता का माहौल पसर चुका है। हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस ओर ध्यान आकृष्ट करते हुए कहा था कि देश में किरोसिन पैâलाया जा रहा है। उन्होंने देश के विभिन्न हिस्सों में पैâले सांप्रदायिक हिंसा की ओर इशारा करते हुए केंद्र सरकार पर जोरदार हमला करते हुए कहा कि उसने देश का सामाजिक माहौल खराब कर दिया है। इन घटनाओं का असर शिक्षकों पर भी पड़ा है और वे अपनी कुंठाएं बच्चों पर निकाल रहे हैं। इस संबंध में आम लोगों का यही कहना है कि मुजफ्फरनगर और कठुआ जैसी कुछ हालिया घटनाओं पर नजर डालें तो यही लगता है कि इन शिक्षकों के हाथों में घातक हथियार नहीं थे, वरना सोचा जा सकता है कि इन बच्चों के साथ ये शिक्षक क्या हरकत करते!
झारखंड के पलामू जिले स्थित भोगू गांव में श्रावण के अंतिम सोमवार को कलश यात्रा निकाली गई थी। यात्रा में भाग लेने के कारण ये छात्र स्कूल नहीं आए। अगले दिन जब ये बच्चे स्कूल पहुंचे तो प्रधानाध्यापक चंदन शर्मा ने इन बच्चों को लाइन में खड़ा कर बेंत से पिटाई शुरू कर दी। उन्होंने करीब ५० छात्रों को पीटा। इसके बाद यह धमकी भी दी कि अगर तुम लोगों ने इस बारे में घर पर बताया तो इसके लिए और भी मार खानी पड़ेगी। पिटाई के कारण बच्चों के शरीर पर बेंत के निशान पड़ गए। तब पीड़ित बच्चों के अभिभावकों ने मांग की कि शर्मा के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके बाद प्रधानाध्यापक के खिलाफ मामला दर्ज किया गया पर खबर लिखे जाने तक गिरफ्तारी नहीं हुई थी।

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