मुख्यपृष्ठनए समाचार‘इंडिया’ की पदयात्रा को रोका! ...पुलिस और कार्यकर्ताओं में भिड़ंत

‘इंडिया’ की पदयात्रा को रोका! …पुलिस और कार्यकर्ताओं में भिड़ंत

•  पुलिस ने किया लाठीचार्ज
• लगभग डेढ़ सौ कार्यकर्ता पुलिस हिरासत में
सामना संवाददाता / मुंबई
राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने अहिंसा के माध्यम से शक्तिशाली ब्रिटिश साम्राज्य को उखाड़ फेंका था। गांधी का वह डर अब भी कायम है। अंग्रेज डरते थे, आज ‘घाती’ सरकार भी डरती है। महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर ‘इंडिया’ गठबंधन ने भारतीय जनता पार्टी की जनविरोधी नीतियों के खिलाफ मुंबई में ‘मैं भी गांधी’ यात्रा का आयोजन किया, लेकिन शांतिपूर्ण यात्रा को पुलिस ने रोक दिया। इस दौरान पुलिस और यात्रा में शामिल कार्यकर्ताओं के बीच जमकर धक्का मुक्की हुई। पुलिस ने लाठियां भी चलार्इं। बाद में यात्रा को दबाने के लिए पुलिस ने कांग्रेस, समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और कम्युनिस्ट पार्टी के लगभग डेढ़ सौ नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। इस तानाशाह सरकार के खिलाफ ‘इंडिया’ गठबंधन के दलों में काफी रोष है।
‘इंडिया’ गठबंधन की यह पदयात्रा कल दोपहर मेट्रो सिनेमा चौक से शुरू हुई, जिसमें हजारों की संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। इस पदयात्रा के लिए पुलिस से अनुमति मांगी गई थी, लेकिन पुलिस ने मेट्रो सिनेमा से अनुमति न होने की बात कहते हुए जमा हुए कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेना शुरू कर दिया। पुलिस ने डेढ़ सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। कांग्रेस और एनसीपी कार्यकर्ताओं को भी हिरासत में लिया। इस दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच बहस भी हुई, हाथापाई हुई।
‘देश में आएगी बदलाव की आंधी,
मैं भी गांधी… तू भी गांधी’
इसके बाद भी प्रमुख सर्वदलीय ‘कार्यकर्ता’ ‘देश में आएगी बदलाव की आंधी, मैं भी गांधी… तू भी गांधी’ जैसे नारे लगाते हुए मेट्रो सिनेमा चौक से आगे बढ़ रहे थे, लेकिन जैसे ही यात्रा पैâशन स्ट्रीट के पास पहुंची, पुलिस ने उसे रोक दिया क्योंकि यात्रा को अनुमति नहीं होने का हवाला देते हुए लोगों को लौट जाने की हिदायत दी। इसके बाद भी कार्यकर्ताओं की पदयात्रा पैâशन स्ट्रीट के पास स्थित महात्मा गांधी की प्रतिमा की ओर बढ़ती रही।
यात्रा को पुलिस ने तीन बार रोका
पुलिस द्वारा रोके जाने के बाद भी कार्यकर्ता सड़क पर ही रुके रहे,लेकिन पुलिस कार्यकर्ताओं के उत्साह पर काबू नहीं रख पा रही थी, जब पुलिस ने उन्हें मुंबई जिमखाना के सामने रोका तो सभी लोग सड़क पर बैठकर ताली पीटते हुए गांधी जी के नारे लगाने लगे। साथ ही गद्दार सरकार के अत्याचार के खिलाफ नारे भी लगाने लगे। यात्रा में कदम से कदम मिलाकर कई प्रमुख नेताओं के शामिल होने से कार्यकर्ताओं का उत्साह बढ़ता गया और यात्रा आगे बढती रही। पदयात्रा मंत्रालय के बगल में गांधी प्रतिमा के पास समाप्त हुई। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने ‘जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है’, ‘मोदी सरकार क्या करे?’ ऐसे जोरदार नारे लगाए।
इस दौरान मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़, शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई, विधायक, रवींद्र वायकर, सचिन अहिर, आम आदमी पार्टी मुंबई अध्यक्ष प्रीति शर्मा मेनन, एनसीपी मुंबई अध्यक्ष राखी जाधव, विधायक विद्या चव्हाण, कांग्रेस नेता अशोक जाधव, असलम शेख, जीशान सिद्दीकी, पदाधिकारी सचिन सावंत, चरण सिंह सपरा आदि सैकड़ों शिवसैनिक और भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के कार्यकर्ता यात्रा में शामिल हुए।
गोडसे के पुजारी गांधी की
आवाज नहीं दबा सकते – वर्षा गायकवाड़
मुंबई कांग्रेस अध्यक्ष वर्षा गायकवाड़ ने इसके लिए गद्दार सरकार और भाजपा की आलोचना की। उन्होंने कहा कि गांधी जयंती के दिन ही हमारी यात्रा को रोकने की कोशिश की गई, लेकिन नाथूराम गोडसे के पुजारी गांधीजी की आवाज को दबा नहीं सके। उन्होंने सवाल किया कि आप शांतिपूर्वक विरोध करने का हमारा संवैधानिक अधिकार क्यों छीन रहे हैं? पहले महात्मा गांधी के आंदोलन में भाग लेने वालों को ब्रिटिश राज्य में गिरफ्तार कर लिया जाता था। आज भी हमें वैसा ही अनुभव हुआ है।

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