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भारतीय दे रहे स्वदेशी से ज्यादा विदेशी यात्रा पर जोर!

• अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की मांग ११८ फीसदी बढ़ी
• जबकि घरेलू उड़ानों की मांग ९१ फीसदी बढ़ी है
सामना संवाददाता / मुंबई
कोरोना में लगाए गए यात्रा प्रतिबंधों पर ढील के बाद पर्यटकों का विभिन्न पर्यटन स्थलों पर आवागमन काफी बढ़ गया है। पर्यटन की गतिविधियां फिर बढ़ रही हैं क्‍योंकि अब पर्यटकों की नई-नई जगहों की यात्रा सहित नए अनुभव लेने की इच्छा फिर बढ़ने लगी है। भारतीय स्वदेश से अधिक विदेशी यात्रा पर जोर दे रहे हैं। त्योहारी सीजन में जहां अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की मांग ११८ फीसदी बढ़ी है तो वहीं घरेलू उड़ानों की मांग महज ९१ फीसदी पर आकर अटकी है। ये जानकारी विश्व के प्रमुख ट्रैवेल सर्च इंजन ‘कायक’ पर तलाश किए गए डेटा से मिली है। इसमें २०२२ के फेस्टिव सीजन में यात्रा की अवधि के लिए अलग-अलग पर्यटक स्थलों की तलाश का विश्लेषण किया गया।
आंकड़ों के विश्लेषण से पता चला कि महामारी से पहले की तुलना में भारतीय हवाई अड्डों से विमान की तलाश करीब ११८ फीसदी बढ़ी। अंतरराष्‍ट्रीय उड़ानों के लिए की गई खोज की मांग करीब १४३ फीसदी बढ़ी, जबकि घरेलू विमानों की उड़ानों से संबंधित सर्च में ९१ फीसदी की बढ़ोतरी हुई। फ्लाइट्स की बढ़ती कीमतें भी भारतीय पयर्टकों के उत्साह को खत्म नहीं कर पाई हैं। २०१९ की तुलना में अंताराष्‍ट्रीय उड़ानों में करीब ३८ फीसदी और घरेलू उड़ानों में ३९ फीसदी की बढ़ोतरी हुई। इस फेस्टिव सीजन में रिटर्न इकोनॉमी डोमेस्टिक फ्लाइट की औसत कीमत करीब ८,५८५ रुपए रही, जबकि रिटर्न इंटरनेशनल इकोनॉमी फ्लाइट की कीमत ५६,३३२ रुपए रही। कायक के इंडिया कंट्री मैनेजर तरुण तहलियानी ने कहा, ‘इस फेस्टिव सीजन में आपको कई अच्छी डील मिल सकती है। हमेशा ‘कायक’ पर लचीले सर्च ऑप्शन और फिल्टर की तलाश करें, जिससे आपको उस दिन का पता चल सके, जिस दिन फ्लाइट्स और होटल किफायती दर पर उपलब्ध हों। इसमें आप अपनी पसंदीदा जगहों के लिए प्राइस अलर्ट भी तय कर सकते हैं।’ २०१९ की तुलना में भारतीयों द्वारा इस साल होटलों की तलाश ३४ फीसदी बढ़ गई। देश भर में भी घरेलू होटलों की खोज में करीब ९८ फीसदी की बढ़ोतरी हुई।

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