मुख्यपृष्ठसमाचारबिजली लूट ले गए उद्योगपति! फडणवीस सरकार में हुआ खेल

बिजली लूट ले गए उद्योगपति! फडणवीस सरकार में हुआ खेल

सामना संवाददाता / मुंबई
विदर्भ, मराठवाड़ा सहित औद्योगिक तौर पर पिछड़े जिलों में उद्योग लगाने वाले उद्योगपति बिजली लूट ले गए। ये खेल सन २०१६ में तत्कालीन देवेंद्र फडणवीस सरकार में हुआ। फडणवीस सरकार ने १,२०० करोड़ रुपए सालाना बिजली सब्सिडी देने का निर्णय लिया था। इसके बाद १५ उद्योगपति ही सब्सिडी की १,२०० करोड़ रुपए रकम में से ६५ फीसदी उड़ा ले गए। कई सालों तक ऐसा ही चलता रहा। बिजली सब्सिडी की लूट पर लगाम लगाने के लिए कई बिजली उपभोक्ता संगठनों व जनप्रतिनिधियों ने सरकार से शिकायत भी किए लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ। इसके बाद जाने माने वकील विनोद सिंह द्वारा अदालत में जनहित याचिका भी दाखिल की गई। उसकी सुनवाई चल रही है।
जनहित याचिका दाखिल होते ही घोटाले में शामिल तथा कथित अधिकारियों का दामन बचाने के लिए सरकार ने महावितरण के निदेशक (वाणिज्य) डॉ. मुरहरी केले की अध्यक्षता में एक समिति गठित की है। समिति में निदेशक (परिचालन) संजय ताकसांडे को भी शामिल किया गया है। १५ दिन के अंदर जांच रिपोर्ट सौंपने के लिए कहा गया है। महावितरण ने १९ जुलाई को आदेश जारी कर कहा कि बिजली सब्सिडी का फायदा उठाने वाले उद्योगपति कागजात जमा कराएं। आदेश में कहा गया है कि कुछ उद्योगपतियों ने बिजली सब्सिडी का फायदा लेने के लिए गलत तरीके अपनाए हैं। जैसे पुराना बिजली कनेक्शन कटवा कर नया कनेक्शन लिया, कुछ ने कंपनी का नाम बदलकर बिजली सब्सिडी ली है। ऐसे कई कारण गिनाए गए हैं।

अन्य समाचार