मुख्यपृष्ठनए समाचारकार पर भी महंगाई की मार!.... १ अप्रैल से महंगा हो जाएगा...

कार पर भी महंगाई की मार!…. १ अप्रैल से महंगा हो जाएगा बीमा

•  नए वाहन लेते ही होता है थर्ड पार्टी बीमा
• जान-माल की हानि पर देनी पड़ती है क्षतिपूर्ति

योगेंद्र सिंह ठाकुर / पालघर । पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के बाद आम आदमी को अब एक और झटका लगेगा। कार, बाइक या अन्य वाहन मालिकों को अगले महीने से वाहनों के थर्ड पार्टी बीमा के लिए ज्यादा रुपए खर्च करने होंगे। भारतीय बीमा और नियामक और विकास प्राधिकरण (इरडा) ने थर्ड पार्टी बीमा की दरों को बढ़ाने को लेकर प्रस्ताव तैयार किया है। माना जा रहा है कि नई दरें वित्त वर्ष २०२२-२३ के लिए लागू हो जाएंगी। यानी एक अप्रैल से बीमा के लिए ज्यादा रुपए चुकाने होंगे।
नई बाइक खरीदते वक्त ही ५ साल का थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस और कार के लिए ३ साल का थर्ड पार्टी बीमा लेना अनिवार्य है। बीमा का प्रीमियम इरडा निर्धारित करता है। जानकारी के मुताबिक, १००० सीसीवाली कारों पर थर्ड पार्टी बीमा प्रीमियम २०७२ रुपए था, जो कि बढ़ोतरी के बाद २,०९४ रुपए हो जाएगा। इसी तरह १,५०० सीसीवाले वाहनों के थर्ड पार्टी बीमे के लिए ३,४१६ रुपए किए जाने का प्रस्ताव है। इससे पहले इसके लिए ३,२२१ रुपए देने होते थे। १,५०० सीसी से ऊपर के वाहन मालिकों को बढ़ोतरी के बाद ७,८९७ रुपए प्रीमियम देना होगा जो कि पहले ७,८९० रुपए था।
१५० से ३५० सीसी के बीच के बाइक पर १,३६६ रुपए का प्रीमियम लगेगा और ३५० सीसी से अधिक की बाइक के लिए २,८०४ रुपए का प्रीमियम लगेगा। इसके अलावा कमर्शियल वाहनों के लिए प्रीमियम १६,०४९ रुपए और ४४,२४२ रुपए के बीच होगा। निजी लोगों के लिए, प्रीमियम ८,५१० रुपए से २५,०३८ रुपए के बीच होगा।

• थर्ड पार्टी यानी तीसरा पक्ष। पहला पक्ष वाहन मालिक, दूसरा वाहन चालक और दुर्घटना की स्थिति में पीड़ित व्यक्ति तीसरा पक्ष होता है। मोटर वाहन के सार्वजनिक स्थान पर उपयोग के दौरान वाहन से यदि कोई दुर्घटना होती है और किसी तीसरा पक्ष (थर्ड पार्टी) को जान-माल की हानि होती है तो वाहन का मालिक और उसका चालक इस नुकसान की क्षतिपूर्ति के लिए कानूनन बाध्य होते हैं। ऐसी स्थिति में आर्थिक मुआवज़े की भरपाई के लिए बीमा कंपनियां थर्ड पार्टी इंश्‍योरेंस करती हैं। बीमा होने पर मुआवजे की राशि का भुगतान संबंधित बीमा कंपनी करती है।

अन्य समाचार