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सरकार की नाकामी का खामियाजा भुगत रहे मासूम!

योगेंद्र सिंह ठाकुर / पालघर

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सरकार के बीच जारी लड़ाई में पिस रहे हैं पालघर के आदिवासी बच्चे और गर्भवती महिलाएं

प्रलंबित हैं विभिन्न मांगें

आंगनवाड़ी कर्मचारियों के पद वैधानिक हैं और उन्हें मिलनेवाला पारिश्रमिक वेतन है, इसलिए इन्हें सरकारी कर्मचारी घोषित किया जाए और वेतनमान, ग्रेच्युटी, भविष्य निधि आदि सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ दिया जाए। वेतन बढ़ने पर भी उन्हें बढ़ोतरी नहीं मिल रही है। इसके लिए हर छह माह में महंगाई सूचकांक में जोड़कर वेतन बढ़ाया जाना चाहिए।

जिले में कुपोषण के खिलाफ अभियान इन दिनों दम तोड़ता नजर आ रहा है, जिसका खामियाजा गर्भवती आदिवासी महिलाएं और कुपोषित बच्चे भुगत रहे हैं। सरकार और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के बीच जारी लड़ाई में आदिवासियों के बच्चे और गर्भवती महिलाएं बुरी तरह फंस गए हैं।

आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से पालघर जिले के लगभग २,७९९ आंगनवाड़ी केंद्रों में ताला लग चुका है और ६३,५१३ बच्चों को पोषण आहार मिलना बंद हो गया है, साथ ही गर्भवती महिलाओं को मिलनेवाली योजना के तहत सभी सुविधाएं बंद कर दी गई हैं। दरअसल, अपनी मांगों को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं और ऐसे में कुपोषण मुक्त पालघर का सपना अधूरा रह गया है। ऐसे में पालघर जिले के मोखाड़ा, विक्रमगढ़, वाड़ा, जव्हार आदि आदिवासी बाहुल्य इलाके जो कुपोषण की गंभीर समस्या से जूझ रहे थे। इन इलाकों में रहनेवाले कुपोषित बच्चों की समस्या अब आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के हड़ताल पर चले जाने से और गंभीर हो गई है। सरकारी योजना के तहत बच्चों को मिलने वाला पोषण आहार भी नहीं मिल पा रहा है और यह योजना पूरी तरह से ठप पड़ी हुई है।

बता दें कि पालघर में भी आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाने से जिले में इसका काफी बुरा असर पड़ता दिखाई दे रहा है। आंगनवाड़ी केंद्रों में ताला लग जाने की वजह से खासकर ग्रामीण क्षेत्रों में कुपोषित बच्चों को पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है, वहीं जिला प्रशासन ने भी इन आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन के लिए कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की है, जिले के करीब ६३,५१३ से अधिक बच्चे आंगनवाड़ी केंद्रों में मिलनेवाले पोषण आहार से पूरी तरह से वंचित हैं। सबसे ज्यादा इस अनिश्चितकालीन हड़ताल से कुपोषित बच्चों की सेहत पर असर पड़ रहा है, उन्हें हर दिन विटामिन, प्रोटीनयुक्त भोजन आंगनवाड़ी केंद्र में दिया जाना है, लेकिन आंगनवाड़ी केंद्र में ताला लग जाने की वजह से उन्हें पोषण आहार नहीं मिल पा रहा है। आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को मिलनेवाले अल्प पारिश्रमिक, पेंशन, ग्रेच्युटी आदि मांगों को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और कर्मचारियों ने अनिश्चितकालीन हड़ताल का आह्वान किया है।

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