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आईएनएस विक्रांत क्राउड फंडिंग मामला कांपे किरीट! …  पुलिस पूछताछ से भागे सोमैया पिता-पुत्र

•  १३ अप्रैल तक का मांगा समय
सामना संवाददाता / मुंबई । आईएनएस विक्रांत से जुड़े ५७ करोड़ रुपए की धोखाधड़ी के मामले में भाजपा नेता किरीट सोमैया और इनके बेटे नील शनिवार को ट्रॉम्बे पुलिस के सामने पेश नहीं हुए। सूत्रों की मानें तो किरीट पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने की वजह से ‘कांप’ (डर) गए हैं। सूत्रों का दावा है कि सोमैया ने पुलिस पूछताछ से बचने के लिए अग्रिम जमानत के लिए कोर्ट में आवेदन किया है। इस मामले पर सोमवार को सुनवाई के दौरान पुलिस जमानत याचिका का विरोध करनेवाली है।
बता दें कि ५३ वर्षीय पूर्व सैनिक बबन भीमराव भोसले की शिकायत पर ट्रांबे पुलिस ने आईपीसी की धारा ४०६, धारा ४२० और धारा ३४ के तहत भाजपा नेता किरीट सोमैया, उनके बेटे नील सोमैया के खिलाफ मामला दर्ज किया है। भोसले ने अपनी शिकायत में कहा है कि २०१३ और २०१४ में पूर्व सांसद किरीट और नील ने आईएनएस विक्रांत को बचाने के लिए चंदा वसूलने का अभियान शुरू किया था। हालांकि इस चंदे की रकम को राज्यपाल के सचिव के कार्यालय में जमा करना चाहिए था लेकिन उसे वहां जमा नहीं किया गया और वित्तीय सहायता का गबन कर लोगों को धोखा दिया गया है। इसके लिए उनके साथ भी धोखा हुआ है। बबन के बयान के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक दिलीप चव्हाण ने सोमैया बाप-बेटे को पूछताछ के लिए नोटिस भेजा था। नोटिस में शनिवार सुबह ११ बजे हाजिर होने को कहा गया था लेकिन सोमैया बाप-बेटे उपस्थित नहीं हुए। हालांकि पिता-पुत्र की गैरहाजिरी पर उनके वकील एडवोकेट विवेकानंद गुप्ता शनिवार की सुबह ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन पहुंचे और उन्होंने हवाला देते हुए कहा कि किरीट इस समय राज्य के बाहर हैं और एफआईआर की कॉपी भी उन्हें शनिवार की सुबह मिली है। इसके लिए पुलिस के सामने पेश होने के लिए १३ अप्रैल तक का समय मांगा है। पुलिस उपायुक्त (जोन-६) कृष्णकांत उपाध्याय ने बताया कि इस मामले में आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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