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कर्मचारियों की कमी की मार झेल रहा कीटनाशक विभाग,अब मच्छरों को मारेंगे स्वयंसेवक

सामना संवाददाता / मुंबई
मनपा के कीटनाशक विभाग को कर्मचारियों की भारी कमी की मार झेलनी पड़ रही है। आलम यह है कि मजबूरन विभाग को स्वयंसेवकों की आउटसोर्सिंग करनी पड़ी है। ऐसे में अब मच्छरों के प्रजननस्थलों को नष्ट करने के लिए आउटसोर्स किए गए करीब १,२१३ स्वयंसेवकों की मदद ली जाएगी। ये स्वयंसेवक मनपा द्वारा शुरू किए गए निवारक उपायों में शामिल हो गए हैं। विभाग की तरफ से बताया गया है कि ये निर्माणस्थलों, मिल क्षेत्रों आदि पर कीटाणुनाशक का छिड़काव करने में मदद कर रहे हैं। उल्लेखनीय है कि मच्छरजनित बीमारियों पर नजर रखते हुए उनकी रोकथाम के लिए मनपा एक पखवाड़े का अभियान चलाती है। इस अभियान के तहत सरकारी संस्थानों, आवासीय और वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया जाता है। साथ ही मलेरिया और डेंगू के लार्वा से प्रभावित प्रजननस्थलों पर कीटाणुनाशक का छिड़काव किया जाता है। इसके अलावा कीटनाशक विभाग के कर्मचारी अन्य मच्छरप्रजनन स्थलों जैसे कंटेनर, टायर, अजीब वस्तुएं, नारियल के गोले आदि की खोज करते हैं और उन्हें नष्ट कर देते हैं। जानकारी के मुताबिक, शहरभर के २४ प्रशासनिक विभागों में केवल १,५९४ कर्मचारी कार्यरत हैं इसलिए मनपा ने गैर-सरकारी संगठनों से मानव बल को आउटसोर्स किया है। इन स्वयंसेवकों को अपने-अपने क्षेत्रों में निर्माणस्थलों पर जाने और हर हफ्ते कीटाणुनाशक छिड़काव करने का काम सौंपा गया है।

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