मुख्यपृष्ठस्तंभअंदर की बात : बनेगी पैरा खेल अकादमी

अंदर की बात : बनेगी पैरा खेल अकादमी

  • रमेश सर्राफ धमोरा

बनेगी पैरा खेल अकादमी
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जोधपुर में पैरा खिलाड़ियों हेतु पैरा खेल अकादमी की स्थापना के लिए १४.१४ करोड़ रुपए की राशि को मंजूरी दे दी है। इस अकादमी में पैरा खिलाड़ियों को उच्च तकनीकी प्रशिक्षण, ट्रेनिंग व अभ्यास हेतु आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। प्रस्ताव के अनुसार यह अकादमी राजकीय शारीरिक शिक्षा महाविद्यालय परिसर, जोधपुर में स्थापित होगी तथा महाविद्यालय परिसर में आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार होने तक इसे उम्मेद स्टेडियम, जोधपुर में संचालित किया जाएगा। इस अकादमी में राजस्थान राज्य के प्रतिभावान २५ खिलाड़ियों (१५ शूटिंग व १० टेबल टेनिस) का चयन किया जाएगा। खिलाड़ियों को शिक्षा, चिकित्सा, प्रशिक्षण, आवास व्यवस्था, भोजन व अन्य आवश्यक सुविधाएं राजस्थान राज्य क्रीड़ा परिषद द्वारा नि:शुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके अतिरिक्त निर्धारित समय अनुसार प्रात: एवं सायं को प्रशिक्षकों द्वारा खेल प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा। खिलाड़ियों को शिक्षा हेतु नजदीकी विद्यालय में प्रवेश दिलाते हुए खेल के साथ शिक्षा भी प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री की इस स्वीकृति से अकादमी के आवर्तक व अनावर्तक व्यय, परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना, खेल उपकरण की खरीद एवं छात्रावास भवन निर्माण संबंधी कार्य करवाए जा सवेंâगे। मुख्यमंत्री ने बजट घोषणा वर्ष २०२२-२३ में पैरा खिलाड़ियों के लिए जयपुर व जोधपुर में पैरा खेल अकादमी स्थापित करने की घोषणा की थी।
मीणा नेताओं में जंग
राजस्थान में मीणा समाज के दो बड़े नेताओं में राजनीतिक वर्चस्व को लेकर जंग छिड़ी हुई है। कांग्रेस सरकार में वैâबिनेट मंत्री रमेश चंद मीणा व भाजपा के राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा अपने मीणा समाज व राजनीति में प्रभाव जमाने को लेकर एक दूसरे के खिलाफ आरोप-प्रत्यारोप कर रहे हैं। रमेश मीणा करौली जिले की सपोटरा विधानसभा सीट से लगातार तीसरी बार विधायक बने हैं। वर्तमान में वो अशोक गहलोत सरकार में ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के कैबिनेट  मंत्री हैं। २०१८ के विधानसभा चुनाव में उन्होंने भाजपा सांसद किरोड़ी लाल मीणा की पत्नी गोलमा देवी मीणा को १४ हजार से अधिक वोटों से चुनाव हरा दिया था। उसके बाद से ही किरोड़ी लाल मीणा उनसे खुन्नस खाए बैठे हैं तथा उनकी खिलाफत करने का कोई भी मौका नहीं चूकते हैं। भाजपा के बड़े नेता होने के बावजूद किरोड़ी लाल की पत्नी गोलमा देवी के चुनाव हारने से किरोड़ी लाल की बहुत किरकिरी हुई थी, जिसे वो अभी तक भी नहीं भुला पाए हैं। रमेश मीणा राजस्थान में सचिन पायलट समर्थक हैं। वो २००८ में बसपा से पहली बार चुनाव जीतकर कांग्रेस में शामिल हुए थे। उसके बाद दो बार कांग्रेस से चुनाव जीत चुके हैं।
मंत्री पर विधायक का वार
राजस्थान में कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक व पूर्व मंत्री भरत सिंह ने फिर अपनी ही पार्टी के खनन मंत्री प्रमोद जैन भाया पर निशाना साधते हुए भ्रष्टाचार के समस्त रिकॉर्ड तोड़ने का आरोप लगाया है। भरत सिंह ने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को सबूत सहित मंत्री भाया के भ्रष्टाचार के कारनामों की जानकारी दी है। विधानसभा में भी मामला उठाया था लेकिन न जाने मुख्यमंत्री की ऐसी क्या मजबूरी है कि भाया को ही खान मंत्री बनाकर रखा गया है? उन्होंने कहा कि गहलोत ने मुख्यमंत्री रहते २०११ में भ्रष्टाचार के आरोप में भाया को मंत्री पद से हटा दिया था। उस समय भी भाया पर अवैध खनन और भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। भाया के कारनामों का नुकसान कांग्रेस को चुनाव में उठाना पड़ सकता है। भरत सिंह ने कहा कि कोई सुनवाई नहीं होने के कारण ही वो विधानसभा के पिछले बजट सत्र में भी शामिल नहीं हुए थे। वहीं मंत्री प्रमोद जैन भाया ने भरत सिंह के आरोप को गलत बताते हुए कहा कि मेरे कार्यकाल में कोरोना महामारी के बावजूद खनन विभाग ने एक हजार करोड़ का अधिक राजस्व अर्जित किया है। भाया की पत्नी उर्मिला बारां की जिला प्रमुख है।
वरदान बनेगा एक्सप्रेस-वे
राजस्थान के ५ जिलों से होकर गुजरने वाले अमृतसर-भटिंडा-जामनगर एक्सप्रेस-वे को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने अपने ट्वीट के जरिए बताया कि राजस्थान और गुजरात में इस एक्सप्रेस-वे का ६०० किमी का काम पूरा हो चुका है। अब राजस्थान और गुजरात एक दूसरे से अच्छे से कनेक्ट हो गए हैं। १,२२४ किमी लंबे इस कॉरिडोर का सबसे बड़ा हिस्सा ६३६ किमी राजस्थान से गुजर रहा है। यह एक्सप्रेस-वे राजस्थान के पांच जिलों हनुमानगढ़, बीकानेर, जोधपुर, बाड़मेर और जालौर से गुजर रहा है। अमृतसर-जामनगर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर सितंबर २०२३ तक पूरा होगा। यह कॉरिडोर चार राज्यों पंजाब, हरियाणा, राजस्थान और गुजरात को जोड़ेगा। २६ हजार करोड़ की लागत से बन रहे इस एक्सप्रेस-वे का राजस्थान और गुजरात का हिस्सा बनकर तैयार हो गया है। कॉरिडोर न केवल इन शहरों के बीच यातायात को सुगम बनाएगा, बल्कि बंदरगाहों को भी आपस में जोड़ेगा। देश के उत्तरी औद्योगिक और कृषि  केंद्रों को पश्चिमी भारत के प्रमुख बंदरगाहों जामनगर और कांडला को जोड़ेगा। इससे जम्मू कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, लद्दाख से निर्यात में फायदा भी मिलेगा। यह देश का दूसरा सिक्स लेन एक्सप्रेस-वे है, जिस पर इंटरचेंज बनाए जा रहे हैं। हेलिपैड भी बनाया जाना प्रस्तावित है।

(लेखक राजस्थान सरकार से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र पत्रकार हैं। इनके लेख देश के कई समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहते हैं।)

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