मुख्यपृष्ठनए समाचारइनसाइड स्टोरी : टेंशन में सरकार! ...रसोई पर लगातार महंगाई की मार

इनसाइड स्टोरी : टेंशन में सरकार! …रसोई पर लगातार महंगाई की मार

•  प्याज पर महाभारत, दिल दुखाने की तैयारी में दाल
•  ‘लखपति दीदी’ का सब्जबाग दिखानेवाली सरकार पर महिलाएं खफा
एसपी यादव

लोकसभा चुनाव की तेज होती आहट के बीच आम जनता को राहत का लॉलीपॉप चटाने के लिए सरकार जहां डीजल-पेट्रोल के दाम कम करने की सोच रही है, वहीं रसोई का बार-बार बिगड़ता बजट सरकार के लिए सिरदर्द साबित हो रहा है। टमाटर के बाद अब प्याज की कीमतें बढ़ रही हैं। शनिवार को सरकार ने ३१ दिसंबर २०२३ तक के लिए प्याज पर ४० फीसद निर्यात शुल्क लगा दिया। सरकारी आंकड़ों के मुताबिक प्याज पर पहली बार निर्यात शुल्क लगाया गया है। भारत से बांग्लादेश, मलेशिया और संयुक्त अरब अमीरात में सबसे ज्यादा प्याज भेजा जाता है। ऐसे में प्याज निर्यातक परेशान हो गए हैं।
आंदोलन की चेतावनी
महाराष्ट्र राज्य प्याज उत्पादक संघ और स्वाभिमानी शेतकरी संगठन ने चेतावनी दी है कि केंद्र सरकार ने प्याज पर निर्यात शुल्क लगाने का निर्णय वापस नहीं लिया तो रेल रोको और रास्ता रोको आंदोलन किया जाएगा। उनका तर्क है कि पिछले सालभर से प्याज कौड़ी के दाम मिल रहे थे, तब सरकार आंखें मूंदे रही। अब कमाने का समय आया है तो निर्यात शुल्क लगा दिया गया है।
बफर स्टॉक भरोसे सरकार
सरकार ने इस साल तीन लाख टन प्याज का बफर स्टॉक बनाए रखा है। इसका उपयोग आमतौर पर सितंबर से अक्टूबर तक नई फसल आने तक किया जाता है। लेकिन इस बार असम, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की थोक मंडियों में २ हजार टन बफर स्टॉक का प्याज बेचा जा चुका है। गौरतलब है कि सब्जियों और अनाज की कीमतों में तेज उछाल के कारण खुदरा मुद्रास्फीति के दर में बढ़त दर्ज की जा रही है। जुलाई में खुदरा मुद्रास्फीति ७.४४ फीसदी पर पहुंच गई है। खाने-पीने की चीजों की बढ़ती कीमतों ने सरकार की चिंता बढ़ा दी है।
दिल दुखाने की तैयारी में दाल
मुंबई कृषि उत्पन्न बाजार समिति के थोक बाजार में अरहर की दाल का भाव ११५ से १४० रुपए किलो तक जा पहुंचा है। इसलिए रिटेल बाजार में दाल १६० रुपए किलो में बिक रही है। व्यापारियों का अनुमान है कि आगामी दो महीने में अरहर की दाल के दाम २५० रुपए प्रति किलो तक हो जाएंगे, वहीं गणेशोत्सव तक प्याज भी लगभग १०० रुपए किलो तक पहुंच जाएगा। चूंकि चुनाव करीब आ रहे हैं। ऐसे में रसोई का बजट बिगड़ने से खासकर महिला मतदाताओं में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ेगी।
किचन का बजट बिगाड़ने की जिम्मेदार सरकारी नीतियां
सब्जियों के दाम बढ़ने के साथ-साथ सरकार की नीतियों ने भी किचन का बजट बिगाड़ा है। अब तक नॉन ब्रांडेड आटा, मैदा, सूजी, दूध, मक्खन, पनीर आदि वस्तुएं जीएसटी मुक्त थीं। लेकिन हाल ही में इन वस्तुओं पर जीएसटी लागू कर दी गई है। इससे रसोई का बजट और बिगड़ गया है। अब महिलाएं केंद्र सरकार से नाराज हैं और ‘लखपति दीदी’ का सब्जबाग दिखा रही सरकार आनन-फानन में महंगाई की नकेल कसने की कसरत करने लगी है।

टमाटर के दाम कुछ घटे
लगभग एक महीने तक १५० से २०० रुपए प्रति किलो बिकनेवाला टमाटर अब ८०-१०० रुपए प्रति किलो हो गया है। दरअसल, पिछले आठ महीने में टमाटर का सही भाव न मिलने से कई किसानों को टमाटर फेंक देना पड़ा था। इसके चलते किसानों ने बरसात के लिए टमाटर नहीं लगाया, जिससे बाजार में ३० प्रतिशत कम टमाटर पहुंचा। मुंबई में टमाटर की मांग पूरी करने के लिए रोज ४० गाड़ी टमाटर की जरूरत होती है, लेकिन १०-१५ गाड़ियां ही पहुंच रही थी। मुंबई में सातारा, सांगली और पुणे से टमाटर आता है। अब नासिक और पिंपलगांव से भी टमाटर आने लगा है, जिससे राहत मिली है। अब मंडी में टमाटर की २० गाड़ियां पहुंच रही हैं। हालांकि, अब भी बाजार में मांग से ५० फीसदी कम टमाटर पहुंच रहा है।

गणेशोत्सव में सेंचुरी लगाएगा प्याज?
पखवाड़े भर पहले २५ रुपए किलो बिक रहा प्याज अब ३५-५० रुपए किलो पर जा पहुंचा है। पिछले महीने कई जगहों पर प्याज का भंडारण पानी में भीग गया, जिससे बाजार में गीला प्याज पहुंच रहा है। गीला प्याज जल्दी खराब हो जाता है। इससे अच्छा प्याज कम मिल पाता है, जिससे प्याज के दाम बढ़ रहे हैं। व्यापारियों का अनुमान है कि गणेशोत्सव में प्याज का दाम १०० रुपए प्रति किलो तक पहुंच जाएगा।

अन्य समाचार