मुख्यपृष्ठस्तंभअंदर की बात :भाजपा डरी

अंदर की बात :भाजपा डरी

 रमेश सर्राफ धमोरा 

राजस्थान में राज्यसभा की ४ सीटों के लिए होनेवाले चुनाव में ५ प्रत्याशी मैदान में होने के कारण चुनावी मुकाबला रोमांचक हो गया है। कांग्रेस ने अपने तीनों प्रत्याशियों को जिताने के लिए अपने समर्थक सभी विधायकों को उदयपुर के एक रिसोर्ट में एक सप्ताह पूर्व ही भेज दिया था। ताकि भाजपा वहां सेंध नहीं लगा सके। वहीं भाजपा को भी अपने समर्थक विधायकों के टूटने का डर सताने लगा इसीलिए भाजपा ने भी जयपुर के एक होटल में प्रशिक्षण के नाम पर अपने समर्थक सभी विधायकों की बाड़ेबंदी कर दी है। हालांकि भाजपा मतदान के दिन तक विधायकों को विभिन्न सत्रों में प्रशिक्षण के नाम पर बांधे रखने का प्रयास कर रही है। इस बार के चुनाव में कांग्रेस ने ३ प्रत्याशी जबकि भाजपा ने एक प्रत्याशी मैदान में उतारा है। वहीं सुभाष चंद्रा भाजपा के समर्थन से निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान में उतरे हैं। सुभाष चंद्रा के निर्दलीय प्रत्याशी बनने से राजस्थान में मतदान की नौबत आई है। निर्दलीय सुभाष चंद्रा अपनी जीत का दावा कर लगातार बढ़त बनाने का प्रयास कर रहे हैं। मगर कांग्रेस के तीनों प्रत्याशियों की जीत सुनिश्चित बताई जा रही है।
मजबूत हुए मंत्री गुढ़ा
बसपा से कांग्रेस में शामिल हुए ६ विधायकों में से राज्य मंत्री बनाए गए राजेंद्र सिंह गुढ़ा राज्यसभा चुनाव में मजबूत होकर उभरे हैं। कांग्रेस द्वारा उदयपुर में विधायकों की बाड़ेबंदी में भी गुढ़ा व उनके साथी छह अन्य विधायक उदयपुर न जाकर सरिस्का अभयारण में घूम रहे थे। गुढ़ा का कहना था कि हम बाड़ेबंदी में क्यों जाएं? हम स्वतंत्र हैं। हम अपने मन से फैसला  लेंगे। गुढ़ा ने खुद को राज्य मंत्री बनाए जाने पर भी नाराजगी जाहिर की थी। उन्होंने कांग्रेस के तीनों ही प्रत्याशी राजस्थान से बाहर के होने पर भी सवाल उठाया था। उनको राजस्थान के प्रभारी महासचिव अजय माकन से भी शिकायत थी कि उन्होंने उन लोगों से किए गए वायदे पूरे नहीं करवाए हैं। बाद में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के साथ जयपुर में हुई एक बैठक में राजेंद्र सिंह गुढ़ा व उनके साथी ६ विधायक संतुष्ट होकर मुख्यमंत्री के साथ विशेष विमान से उदयपुर कैंप में शामिल हो गए थे। चर्चा है कि राज्यसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मंत्रिमंडल का फेरबदल करेंगें, जिसमें राजेंद्र सिंह गुढ़ा को कैबिनेट  मंत्री बनाया जाएगा तथा उनके साथ ही अन्य छह विधायकों को भी अच्छे पदों पर समायोजित किया जाएगा।
हाईकोर्ट में जज दंपति
राजस्थान के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब दोनों पति-पत्नी कोर्ट में जज के तौर पर काम करते दिखाई देनेवाले हैं। हालांकि पति-पत्नी का एक साथ जज के रूप में सेवा देना पहली बार नहीं है। देश में कई जोड़े पहले भी साथ-साथ ऐसी सेवाएं दे रहे हैं या दे चुके हैं। शुभा मेहता के पति महेंद्र गोयल पहले से ही उच्च न्यायालय में न्यायाधीश हैं और अब उनके इस काम में उनका साथ उनकी पत्नी भी देंगी। राजस्थान उच्च न्यायालय में यह पहली बार है कि पति और पत्नी दोनों न्यायाधीश हैं। दोनों की प्रैक्टिस फील्ड अलग थी पर फिर भी दोनों एक ही सेवाएं देनेवाले हैं। शुभा मेहता जहां न्यायिक सेवा से हैं वहीं उनके पति कुलदीप माथुर जज बनने से पहले वकील रह चुके हैं। नवंबर २०१९ में न्यायमूर्ति महेंद्र गोयल को नियुक्त किया गया था। इससे पहले भी न्यायमूर्ति विवेक पुरी और न्यायमूर्ति अर्चना पुरी ने नवंबर २०१९ में एक ही दिन पंजाब उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के रूप में शपथ ली थी। दिसंबर २०२० में जस्टिस मुरली शंकर कुप्पुरजू और उनकी पत्नी जस्टिस तमिलसेल्वी टी वलयापालयम ने एक ही दिन मद्रास हाईकोर्ट के न्यायाधीशों के रूप में शपथ ली थी।
अनूठा ट्रीटमेंट प्लांट
बरसों से जल प्रदूषण की समस्या का दंश झेलनेवाले पाली में अब ‘जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्रोजेक्ट’ तैयार किया गया है। अब जल्द ही बांडी नदी को भी पाली के प्रदूषित पानी से राहत मिल जाएगी। यह देश का ऐसा पहला कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट है, जो डीएएफ तकनीक से बना है। इसमें विदेशी मशीनें लगाई गई हैं। यह प्लांट प्रदूषित पानी को ३ चरणों में शुद्ध करके बाहर निकालेगा। उसमें से ९३ फीसदी पानी का रीयूज हो सकेगा। इस प्लांट पर करीब १०० करोड़ रुपए की लागत आई है। इसमें चार प्रमुख विदेशी मशीनें आधुनिक तकनीक से पानी को साफ करेंगी। इसमें यूएफ, मेमरन, एनर्जी सेविंग टर्बो पंप और मल्टी इफेक्टिव एवोब्रेटर मशीन पूरी तरह से पानी को साफ कर रीयूज करने लायक बनाएगी। ये चारों मशीनें जापान, यूएस और कनाडा से मंगवाई गई हैं। रीयूज हो सकनेवाले पानी को छोड़कर शेष केमिकल वेस्ट को एमईई में डालकर नमक बनाया जाएगा। यह केमिकल के रूप में काम आएगा। इसकी टेस्टिंग पूरी हो चुकी है। आगामी २५ जून से पहले चरण में इसमें ३ एमएलडी पानी को ट्रीट किया जाएगा। उसके बाद २० जुलाई तक सभी फैक्ट्रियों का पूरा १२ एमएलडी पानी वापस फैक्ट्रियों में सप्लाई होगा।

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