मुख्यपृष्ठस्तंभअंदर की बात : माथुर के बहाने वसुंधरा पर वार

अंदर की बात : माथुर के बहाने वसुंधरा पर वार

  • रमेश सर्राफ धमोरा
    झुंझुनू

माथुर के बहाने
वसुंधरा पर वार
ओम प्रकाश माथुर को भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति का सदस्य बनाया गया है। माथुर वर्षों तक राजस्थान भाजपा के संगठन महामंत्री फिर प्रदेश अध्यक्ष रह चुके हैं। वह दो बार राजस्थान से राज्यसभा सदस्य भी बने थे। वसुंधरा के मुख्यमंत्री बनने के बाद माथुर को राजस्थान से बाहर गुजरात भेज दिया गया था। जहां उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व अमित शाह के साथ मिलकर संगठन का काम किया था। उनकी संगठन क्षमता के चलते ही मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद उनको उत्तर प्रदेश भाजपा का प्रभारी महासचिव बनाया गया था। फिर उन्हें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बनाया गया था। एक समय तो उनका नाम भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष के लिए भी चला था। मगर नड्डा बाजी मार गए थे। पिछले महीने उनका राज्यसभा का कार्यकाल भी समाप्त हो गया था। उसके बाद वह साइड लाइन चल रहे थे। मगर अचानक ही उनको केंद्रीय चुनाव समिति का सदस्य बना कर उनका महत्व बढ़ा दिया गया है। राजस्थान से ही केंद्र में मंत्री भूपेंद्र यादव भी केंद्रीय चुनाव समिति के सदस्य बनाए गए हैं। राजस्थान से दो लोगों को केंद्रीय चुनाव समिति में शामिल करके भाजपा आलाकमान ने वसुंधरा राजे को राजनीतिक रूप से घेरने की चाल चली है।
मंत्री के विवादित बोल
राजस्थान के कैबिनेट मंत्री गोविंदराम मेघवाल करवा चौथ पर विवादित बयान देकर बवाल खड़ा कर दिया है। उन्होंने जयपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि भारत में महिलाएं अभी भी छलनी से चांद देखती हैं और करवा चौथ पर अपने पति की लंबी उम्र के लिए प्रार्थना करती हैं। जबकि विकसित देशों में महिलाएं चांद पर जा रहीं हैं। उन्होंने कहा कि लोग धर्म और जाति के नाम पर एक दूसरों को लड़ा रहे हैं। इस कार्यक्रम में सीएम अशोक गहलोत भी मौजूद थे। अब भाजपा मंत्री के इस बयान को लेकर गहलोत सरकार पर हमलावर हो गई है। भाजपा विधायक रामलाल शर्मा ने निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें इस बात की जानकारी होनी चाहिए कि कल्पना चावला अंतरिक्ष में गई थीं और कई भारतीय महिलाएं पायलट के रूप में काम कर रही हैं। मेघवाल पूर्व में भी कई बार अपने बयानों को लेकर विवादों में रह चुके हैं। गोविंदराम मेघवाल बीकानेर जिले के खाजूवाला से दूसरी बार विधायक बने हैं। हाल ही में जालोर में हुई दलित छात्र की मौत के मामले में उनका एक ऑडियो वायरल हुआ था। बताया जा रहा है कि इस ऑडियो में वे किसी युवक के साथ गाली गलौज कर रहे थे।
भाजपा के तीन पार्षद बर्खास्त
जयपुर ग्रेटर नगर निगम में तत्कालीन आयुक्त से बदसलूकी मामले में दोषी पाए गए भाजपा के तीन पार्षदों शंकर शर्मा, अजय सिंह और पारस जैन को राज्य सरकार ने बर्खास्त कर दिया गया है। साथ ही उनके छह साल तक चुनाव लड़ने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। जबकि मेयर डॉ. सौम्या पर कार्रवाई को लेकर अभी कानूनी राय ली जा रही है। न्यायिक जांच में मेयर डॉ. सौम्या गुर्जर भी दोषी पाई गई है। लेकिन मेयर मामले में रिपोर्ट पेश करने के बाद ही सरकार एक्शन ले सकती है। सूत्रों का कहना है कि सरकार चाहे तो न्यायिक जांच की रिपोर्ट के आधार पर सौम्या गुर्जर को मेयर के पद से बर्खास्त कर सकती है। लेकिन सरकार कोई जल्दबाजी नहीं करना चाहती है। तत्कालीन नगर निगम कमिश्नर यज्ञमित्र सिंह देव के साथ हुए विवाद के बाद सरकार ने सौम्या गुर्जर को ६ जून २०२१ को मेयर पद से निलंबित कर दिया था और उनके खिलाफ न्यायिक जांच के आदेश दिए थे। सौम्या गुर्जर को मेयर पद से निलंबित के आदेश पर इस साल एक फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दिया था। सुप्रीम कोर्ट के स्टे के बाद गुर्जर वापस मेयर की कुर्सी पर बैठी थी।

राहुल के पैरोकार गहलोत
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कांग्रेस अध्यक्ष को लेकर कहा है कि अगर राहुल गांधी अध्यक्ष नहीं बनें तो पार्टी में लोग निराश हो जाएंगे और कार्यकर्ता घर बैठ जाएंगे। गहलोत ने इससे पहले भी अपनी खुद की कांग्रेस अध्यक्ष पद की दावेदारी को खारिज कर दिया था। अब गहलोत ने स्पष्ट कर दिया है कि राहुल गांधी के अलावा कोई और अध्यक्ष नहीं हो सकता है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष कौन बनेगा, यह पार्टी का अंदरूनी मुद्दा है। मोदी जी को राहुल गांधी से क्यों डर लगता है? क्यों राहुल गांधी के अध्यक्ष बनने से भाजपा को चिंता हो रही है? उन्होंने कहा कि मैंने खुद २५० नेताओं से बात की है। जिसमें सब ने राहुल गांधी के नाम पर सहमति जतायी है। इससे पहले भी गहलोत पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा बता चुके हैं। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी कांग्रेस अध्यक्ष नहीं बनते हैं तो पार्टी के सामने बड़ा संकट बन जाएगा। कई लोग निराश हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि मैं कह रहा हूं कि मुझे अध्यक्ष नहीं बनना है। मेरे अध्यक्ष बनने का सवाल ही पैदा नहीं होता है। मुख्यमंत्री गहलोत के इस बयान के बाद राजस्थान में सियासी गलियारों में चर्चा तेज हो गई है।

(लेखक राजस्थान सरकार से मान्यता प्राप्त स्वतंत्र पत्रकार हैं। इनके लेख देश के कई समाचार पत्रों में प्रकाशित होते रहते हैं।)

 

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