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अंतर्वेग : मुसीबत से माल!

जितेंद्र मल्लाह

मुसीबत से माल!
रेप या प्रेम संबंधों के कारण यदि कोई अविवाहित महिला या युवती गर्भवती हो जाती है तो जन्म लेने वाले बच्चों को लोग पाप, कलंक और न जाने क्या-क्या नाम देने लगते हैं। इसलिए ऐसे बच्चों को पीड़िता के परिजन मुसीबत मानकर उनसे छुटकारा पाने का प्रयास करते हैं। लेकिन गजरौला के एक मोहल्ला निवासी किशोरी के मामले में अलग ही खेला हो गया। किशोरी का पड़ोस में रहनेवाले युवक के साथ प्रेम-प्रसंग चल रहा था, जिससे वह गर्भवती हो गई। परिजनों को अविवाहित बेटी के गर्भवती होने की जानकारी लगी तो उन्हें जबरदस्त झटका लगा। बेटी की कोख में पल रही मुसीबत से छुटकारा पाने के लिए उन्होंने बेटी को चुपचाप निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसने ऑपरेशन से बेटे को जन्म दिया। बिन ब्याही बेटी द्वारा नवजात को जन्म देने से परिजनों को बदनामी का डर सताने लगा। अस्पताल के स्टाफ ने उक्त परिवार की कथित `मुसीबत’ से माल कमाने की योजना बना डाली। स्टाफ ने किशोरी के परिजनों को झांसे में लिया और उनसे मंजूरी मिलते ही ग्राहक ढूंढ़ कर पौने दो लाख रुपए में नवजात का सौदा कर दिया। अब यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया है लेकिन पुलिस इसकी जानकारी होने से इनकार कर रही है। ऐसा माना जा रहा है कि किशोरी के परिजनों की मजबूरी और नवजात की सुरक्षा के लिहाज से पुलिस चुप्पी साधे बैठी है, क्योंकि प्राय: ऐसे नवजात बच्चों को परिजन मंदिर, रेलवे प्लेटफार्म, नाले के किनारे, कचरे के ढेर अथवा किसी निर्जन स्थल पर फेंक देते हैं। कई बार तो परिजन कत्ल तक कर देते हैं।

ढीठ बेटी की ढाल!
कानपुर में अपने ही फर्जी अपहरण कांड की मास्टरमाइंड काजल को जेल भेजने से उसके पिता राजेंद्र वर्मा नाराज हैं। बेटी को निर्दोष बताते हुए राजेंद्र पुलिस पर खुन्नस निकालने का आरोप लगाते हैं। किस्सा ऐसा है कि ४ अगस्त को कानपुर के विश्व बैंक बर्रा सेक्टर १० आई निवासी राजेंद्र कुमार ने बर्रा थाने में अज्ञात के खिलाफ फिरौती के लिए बेटी का अपहरण करने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिसमें उन्होंने कहा कि बेटी कुछ काम से बाहर गई थी, उसके बाद नहीं लौटी। रात १० बजे एक वीडियो और ऑडियो मैसेज मिला, जिसमें उसे छोड़ने की एवज में १० लाख रुपए की फिरौती मांगी गई थी। जांच के बाद पुलिस ने काजल और उसके प्रेमी संजय (सभी नाम काल्पनिक) को बस्ती स्टेशन से गिरफ्तार किया था। अब राजेंद्र का कहना है कि काजल मासूम है, पता नहीं उसकी संजय (सभी नाम काल्पनिक) से वैâसे पहचान हुई। संजय के पास उसके वीडियो थे। उसी से वह काजल को ब्लैकमेल कर रहा था, लेकिन पुलिस ने काजल की पूरी बात नहीं सुनी। पुलिस ने भड़ास निकालने के लिए काजल को जेल भेजा है। जबकि पुलिस का दावा है कि काजल ने पिता को बताए बगैर संजय से कोर्ट मैरिज की है। उसे आर्थिक मदद करने की नीयत से उसने खुद ही अपने अपहरण और अपने पिता से फिरौती वसूलने की साजिश रची थी। वहीं मीडिया के समक्ष काजल ढिठाई करते हुए बोली, `मेरे मां-बाप हैं, खुद देख लूंगी… गलती की है तो कानून सजा देगा। आप अपना काम करें।’

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