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अंतर्वेग : सांसद की सजा से सबक!

जितेंद्र मल्लाह

सांसद की सजा से सबक!
आगरा में टोरेंट अधिकारी से मार-पीट एवं बलवा करने के १२ साल पुराने मामले में एमपी-एमएलए कोर्ट ने इटावा से सांसद रामशंकर कठेरिया को दोषी करार देते हुए दो साल की सजा के साथ ५० हजार रुपए जुर्माना लगाया है। वर्ष २०११ में हुई मारपीट के इस मामले में टोरेंट पीड़ित अधिकारी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। हरीपर्वत थाना क्षेत्र के साकेत माल स्थित टोरेंट के सतर्कता कार्यालय (विद्युत चोरी निवारण कार्यालय) में प्रबंधक भावेश रसिकलाल शाह १६ नवंबर २०११ को बिजली चोरी से संबंधित मामलों की सुनवाई एवं निस्तारण कर रहे थे। उसी दौरान करीब १०-१५ समर्थकों के साथ पहुंचे एससी-एसटी आयोग के पूर्व अध्यक्ष एवं वर्तमान में इटावा से भाजपा सांसद रामशंकर कठेरिया ने मैनेजर भावेश रसिकलाल शाह से मारपीट की थी। उक्त मामले में दो रोज पहले आए इस पैâसले के बाद दावा किया जा रहा है कि दो वर्ष या उससे अधिक की सजा होने पर जनप्रतिनिधियों की सदस्यता स्वत: समाप्त मानी जाएगी तथा जिसकी सदस्यता जाती है, जब तक उसे दंड सुनाने वाले न्यायालय से बड़ा न्यायालय राहत नहीं देगा तब तक वह संसद के सदस्य नहीं रहेंगे। ऐसे प्रावधान के कारण अब रामशंकर कठेरिया संसद के मानसून सत्र में सदन की कार्यवाही में न भाग ले पाएंगे न ही सदन में प्रवेश कर सकेंगे। आमतौर पर नेताओं द्वारा किसी की पिटाई जैसे तुच्छ माने जानेवाले मामले में सांसद को सजा अब चर्चा का विषय बन गई है। ‘हर मोदी…’ मामले में कांग्रेसी नेता राहुल गांधी को मिली सजा और रद्द की गई उनकी संसद की सदस्यता को लेकर चल रहे बवाल के बीच दी गई कटेरिया की सजा के जरिए भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि हमारे शासनकाल में सभी को एक समान न्याय दिया जा रहा है। वहीं यह भी कहा जा रहा है कि कठेरिया ने जिस अधिकारी को पीटा था, वह गुजराती व्यक्ति है। मोटा भाई यानी पीएम नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने अपने सांसद कठेरिया को सजा दिलवाकर गुजरातियों को खुश करने व यह विश्वास दिलाने का प्रयास किया है कि वे देश में गुजरातियों के हितों की रक्षा के लिए सदा उनका साथ देंगे तथा गुजरातियों को आंख दिखानेवाला ‘कोई’ भी हो, उसे उसके किए की सजा मिले। मोदी सरकार यह सुनिश्चित करेगी।

दारोगा बना दुस्साहस का शिकार!
उत्तर प्रदेश में सरकार चाहे जितने भी इनकाउंटर करवा ले या फिर बुलडोजर चलवा ले लेकिन अपराधियों के पस्त करने में सरकार नाकाम सिद्ध हो रही है। बदमाश जब चाहे पुलिस तक को निशाना बना रहे हैं। फिरोजाबाद में बदमाशों ने एक दारोगा को गोली मार दी। थाना अरांव क्षेत्र में उपनिरीक्षक पद पर तैनात दारोगा दिनेश मिश्रा जो जांच के लिए गए थे, लेकिन लौटते समय पैगू रोड पर अज्ञात बदमाशों ने उनको गोली मार दी। सरकारी ट्रॉमा सेंटर में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। कन्नौज के थाना इंदरगढ़ के गांव सदाअतपुर निवासी दिनेश मिश्रा के सीने में गोली मारी गई। गौरतलब हो कि इससे कुछ महीने पहले जालौन में भी ड्यूटी पर तैनात सिपाही की बाइक सवार बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोली बरसाकर हत्या कर दी थी। उरई कोतवाली क्षेत्र के नेशनल हाईवे स्थित गोविंदम होटल के पास ड्यूटी पर तैनात सिपाही ने बाइक से बदमाशों का पीछा किया था।

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