मुख्यपृष्ठअपराधअंतर्वेग : चंद्रमा, चोर, कातिल और पुलिस

अंतर्वेग : चंद्रमा, चोर, कातिल और पुलिस

जितेंद्र मल्लाह

हिंदुस्थान का चंद्रयान ३ चंद्रमा पर लैंड होने की तैयारी में है। अर्थात अब से कुछ घंटों बाद हिंदुस्थान अंतरिक्ष में एक उल्लेखनीय उपलिब्ध हासिल कर लेगा। लेकिन इसी बीच हिंदुस्थान से कुछ ऐसी खबरें भी सामने आर्इं, जो हिंदुस्थानियों की दकियानूसी सोच को उजागर करती हैं।
पंचांग से यूपी पुलिस करेगी क्राइम कंट्रोल!
पहली खबर सीएम योगी के सूबे यूपी की है। अपराध पर अंकुश लगाने के लिए यूपी पुलिस अब `पंचांग’ की मदद लेगी। डीजीपी विजय कुमार ने पुलिसकर्मियों को हिंदू पंचांग (वैâलेंडर) में प्रदत्त चंद्रमा की चाल अर्थात अमावस्या-पूर्णिमा के आधार पर पुलिसकर्मियों की तैनाती का आदेश दिया है। उन्होंने इस संदर्भ में सभी वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को सर्वुâलर जारी किया है। इसके पीछे ये तर्क दिया जा रहा है कि अमावस्या की रात में अंधेरा अधिक होने से अपराधी अधिक सक्रिय होते हैं। लेकिन डीजीपी विजय कुमार का उक्त आदेश पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।
मुहूर्त देख कर चोरी!
शादी-ब्याह, गृह प्रवेश आदि शुभ कार्यों के लिए लोग शुभ मुहूर्त देखते हैं लेकिन पुणे में सक्रिय चोरों का एक गिरोह मुहूर्त देख कर चोरी की वारदातों को अंजाम देता था। मुहूर्त देख कर अपराध करने से अनिष्ट नहीं होगा यानी पुलिस गिरफ्तार नहीं करेगी, चोरों का उक्त भ्रम पुलिस ने तोड़ दिया। मामला पुणे स्थित बारामती क्षेत्र का है। जहां ५ चोरों के एक गिरोह ने एक मकान में घुस कर ९५ लाख रुपए नकद और ११ लाख रुपए के गहनों पर हाथ साफ किया था। हालांकि, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपियों को दबोच लिया और उनसे ७६ लाख रुपए भी बरामद कर लिए। शेष रकम के बारे में पूछताछ के दौरान चोरों ने जो बताया, वो सुनकर पुलिस के कान खड़े हो गए। चोरों ने बताया कि उन्होंने चोरी करने से पहले एक ज्योतिषाचार्य से मुहूर्त पूछा था। इस खुलासे के बाद पुलिस ने कथित ज्योतिषाचार्य को भी दबोच लिया है।
खराब कुंडली के
खौफ में कत्ल!
कुंडली और ग्रह दोष का भ्रम लोगों को किस कदर अंधा बना देता है इसका नमूना हैदराबाद के विजयवाड़ा में देखने को मिला। यहां चंद्रशेखर नामक सॉफ्टवेयर इंजीनियर पिता ने अपनी ८ वर्षीया बेटी का पेंसिल कटर के ब्लेड से सिर्फ इसलिए गला रेत दिया, क्योंकि उसकी जन्म कुंडली खराब थी। इस घटना का खुलासा बड़े ही रहस्यमयी घटनाक्रम के बाद हुआ। १८ अगस्त की शाम बच्ची जब स्कूल से घर नहीं पहुंची तो उसकी मां ने चंद्रशेखर को फोन किया। फोन पर उसने बताया कि बेटी सो रही है। इस दरमियान वह शव कार में रखकर उसे ठिकाने लगाने की कोशिश में सड़कों पर चक्कर लगाता रहा। उसी दौरान टायर फटने के कारण उसकी कार डिवाइडर से टकरा गई। रात करीब साढ़े दस बजे हुए इस हादसे के बाद जब लोग कार के पास पहुंचे तो चंद्रशेखर की हालत और कार में पड़ी बच्ची के रक्त रंजित शव को देखकर उन्हें शक हुआ। पुलिस को उसने बताया कि कुंडली बनाने वाले कथित ज्योतिषाचार्य ने बच्ची का भविष्य अंधकारमय होने की जानकारी दी थी। मौत के डर से जीना छोड़ने जैसे इस मामले में जाहिल सॉफ्टवेयर इंजीनियर ने अपने अंधविश्वास के डर से मासूम बच्ची से उसके जीने का अधिकार छीन लिया।

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