मुख्यपृष्ठनए समाचारसाक्षात्कार: `सनातन नहीं बचा तो भारत भी नहीं बचेगा'

साक्षात्कार: `सनातन नहीं बचा तो भारत भी नहीं बचेगा’

कविता श्रीवास्तव

श्रद्धेय शांतिदूत श्री देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज ने कहा है कि हमारे बच्चों को और आगामी पीढ़ियों को सनातन की शिक्षा देना अत्यंत आवश्यक है। उन्हें भारतीय सनातन संस्कृति की जानकारी और सनातनी संस्कार देकर ही हम भारत को बचा सकते हैं। यदि सनातन नहीं बचा तो भारत भी नहीं बचेगा। ठाकुर जी महाराज के पावन सानिध्य में यहां बोरीवली के चीवूâवाड़ी में सात दिवसीय भागवत कथा का भव्य शुभारंभ रविवार को हुआ। इसी दौरान `दोपहर का सामना’ से विशेष बातचीत में उन्होंने कहा कि हिंदुत्व भारत की आत्मा है और सनातन संस्कृति ही भारतवासियों के जीने का आधार है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति पर हर तरफ से हमले हो रहे हैं। यूएस में मंदिर की दीवारों पर भारत विरोधी नारे लिखे जाने पर ठाकुर जी महाराज ने अफसोस व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में सनातन संस्कृति का बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि कुछ लोग सनातन संस्कृति और वेद पुराण के बारे में भी अनाप-शनाप बकवास करते रहते हैं। यह सब उनकी मानसिक दिवालिएपन के अलावा कुछ नहीं है। ठाकुर जी महाराज ने कहा कि साधु-संतों, कथाकारों और करोड़ों श्रद्धालुओं ने मिलकर सनातन संस्कृति को सदियों से पोषित-पल्लवित किया है। हर युग में सनातन संस्कृति पर हमले हुए हैं और अंतत: दुराचारियों का विनाश ही हुआ है।
मुंबई में धार्मिक कथाओं और आध्यात्मिक कार्यक्रमों की भरमार पर सकारात्मक टिप्पणी करते हुए ठाकुर जी महाराज ने कहा कि मुंबईवासियों में धर्म के प्रति बहुत ही निष्ठा और आस्था है। मुंबई पर माता महालक्ष्मी की बड़ी कृपा है। मुंबादेवी का आशीष है और श्री सिद्धिविनायक की महिमा से लोगों की उन्नति होती रहती है। महाराजश्री ने मुंबईवासियों के श्रद्धाभाव की प्रशंसा की और कहा कि उनका प्रेम उन्हें बार-बार यहां खींच लाता है।
महाराज श्री ने यह भी कहा कि मुंबई में बॉलीवुड है, जहां एक से एक सुपर-डुपर स्टार हैं। लेकिन अखंड ब्रह्मांड महानायक मर्यादा पुरुषोत्तम प्रभु श्रीराम और युगों-युगों में लोकप्रिय कन्हैया पूरी सृष्टि के सुपर-डुपर हिट और सर्वत्र लोकप्रिय स्टार हैं। यदि किसी को नकल करनी है तो इनकी नकल करे। भगवान के आदर्शों को अपनाओ तो जीवन सफल हो जाएगा।
भागवत कथा का शुभारंभ करते हुए ठाकुर जी महाराज ने कहा कि सभी श्रद्धालु भागवत कथा श्रवण हेतु अपने बच्चों को अवश्य लेकर आएं। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी अपने संस्कार, अपने वेद-पुराण और भारतीयता से परिचित होती रहेंगी तो देश का भविष्य भी सुरक्षित रहेगा। सनातन संस्कृति की रक्षा होगी। इससे पहले बोरीवली के वजीरा नाका गणेश मंदिर से अत्यंत ही विशाल शोभायात्रा कथास्थल तक निकाली गई। इसमें रामायण की झांकियां तथा ढोल, नगाड़े, ताशे की धुन पर भक्तों का कारवां और हजारों की संख्या में महिलाएं कलश लेकर निकलीं। पूज्य देवकीनंदन ठाकुर जी महाराज स्वयं रथ पर सवार होकर शोभायात्रा में शामिल हुए। महाराजश्री ने कथास्थल पर बने बांकेबिहारी मंदिर में पूजन भी किया। श्रद्धालुओं को इस मंदिर की परिक्रमा का लाभ भी कथास्थल पर मिल रहा है। यह कथा ३० दिसंबर तक चलेगी और ३१ दिसंबर की रात आध्यात्मिक जश्न के साथ नए वर्ष का स्वागत किया जाएगा

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