मुख्यपृष्ठअपराधअंतर्वेग : देवरिया हत्याकांड में कानून का खेल!

अंतर्वेग : देवरिया हत्याकांड में कानून का खेल!

जितेंद्र मल्लाह

उत्तर प्रदेश के देवरिया में एक व्यक्ति प्रेमचंद यादव की हत्या का बदला लेने के लिए की गई पांच लोगों की नृशंस हत्या दिल दहलाने वाले मामले में अब कानून से खेलने का चक्र शुरू हो गया है। पांच लोगों की हत्या के मामले में आरोपियों को कानून से बचाने के लिए कानून को ही हथियार बनाया जा रहा है। इस मामले में मृतक प्रेमचंद यादव के चचेरे भाई अनिरुद्ध यादव ने मृतक सत्यप्रकाश दुबे और उनके परिजनों के खिलाफ कत्ल का केस दर्ज कराया है। अनिरुद्ध यादव की तहरीर पर रुद्रपुर कोतवाली पुलिस ने मृतक सत्यप्रकाश दुबे, किरण दुबे, सलोनी दुबे, नंदिनी, गांधी सहित कुल पांच लोगों को आरोपी बनाया है। गौरतलब हो कि देवरिया जिले के फतेहपुर गांव के लेहड़ा टोला निवासी सत्य प्रकाश दुबे के दरवाजे के पास स्थित लगभग ६ बीघा जमीन के लिए चल रहे विवाद में बीते सोमवार को सत्य प्रकाश दुबे सहित उनके परिवार के पांच लोगों की हत्या कर दी गई थी। बताया जा रहा है कि सोमवार को हुए खून-खराबे की शुरुआत सत्यप्रकाश दुबे ने ही की। प्रेम यादव गांव में सत्यप्रकाश से मिलने आया था। इस दौरान विवादित जमीन को लेकर दोनों के बीच बहस हो गई। इसके बाद सत्यप्रकाश दुबे ने र्इंट मारकर प्रेम यादव को मौत के घाट उतार दिया था। इसकी खबर प्रेम यादव के परिजनों तक पहुंची तो कुछ ही देर बाद हथियारों से लैस प्रेम यादव के परिजनों ने सत्यप्रकाश के घर धावा बोल दिया। कुछ हमलावर फायरिंग कर रहे थे तो कुछ धारदार हथियार से वार कर रहे थे। इस घटना में मृतक सत्यप्रकाश दुबे के बेटे देवेश की जान बच गई, क्योंकि वह भागवत कथा कहने के लिए बलिया गया था। लेकिन वापस लौटने पर उसे जिंदगीभर न भूलने वाला जख्म मिला। उस दिन (२ अक्टूबर) को देवेश के छोटे भाई गांधी का जन्मदिन था, जिसके लिए कथा बांचने पर मिले पैसों से उपहार लाने का वादा करके देवेश घर से बाहर निकला था, लेकिन जब वह वापस लौटा तो घर में उसकी मां, पिता, छोटे भाई गांधी सहित पांच अपनों की लाश पड़ी मिली, जबकि एक अन्य छोटा भाई अनमोल जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा था।
कातिल बीवी कुएं में!
कत्ल या अपराध के ज्यादातर मामलों में आरोपी वारदात के बाद कानून को धोखा देने, सजा से बचने के लिए भागने का प्रयास करते हैं। कई बार अपराध बोध या फिर कानून के डर से आरोपी खुदकुशी भी कर लेते हैं। लेकिन झारखंड के धनबाद जिले से कत्ल का एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां रोज की रार से परेशान होकर एक महिला ने अपने पति को मौत के घाट उतार दिया। कत्ल के बाद वह खुद भी कुएं में कूद गई, लेकिन लोग उस समय हैरान रह गए जब उन्हें पता चला कि वह पुलिस से बचने के लिए कुएं में जाकर छिप गई थी। यह घटना धनबाद शहर के तेलीपाड़ा दामोदरपुर में घटी है। लगभग आठ घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपी महिला को कुएं से बाहर निकाला। बताया जा रहा है कि मंगलवार की देर रात अजीत हांसदा और उसकी पत्नी सरस्वती देवी के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा हुआ था। इसी झगड़े के दौरान सरस्वती ने धारदार हथियार से अजीत पर हमला किया था। सुबह परिजनों को खून से लथपथ अजीत का शव जमीन पर पड़ा मिला, जबकि सरस्वती गायब थी।

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