मुख्यपृष्ठअपराधअंतर्वेग :  दोस्त, दुश्मन और गड्ढा!

अंतर्वेग :  दोस्त, दुश्मन और गड्ढा!

जितेंद्र मल्लाह

दोस्त और पड़ोसी अच्छे हों तो सगे भाई से भी ज्यादा निष्ठा के साथ, साथ निभाते हैं। लेकिन वहीं दोस्त या पड़ोसी जब दगाबाज या घाती बन जाते हैं तो वे दुश्मनों को भी शर्मसार करने वाली हरकतें करते हैं। बचपन के दोस्त की तरक्की से कुढ़ने वाले एक ऐसे ही तकनीकी विशेषज्ञ की तलाश पुणे पुलिस कर रही है। मामला कुछ ऐसा है कि मंगलवार की रात १.१० बजे पुणे पुलिस को एक कॉल आई थी। खुद को तकनीकी विशेषज्ञ बताने वाले कॉलर ने अपना नाम अर्थ पांचाल बताया और उसने दावा किया कि उसका एक परिचित तकनीकी विशेषज्ञ राष्ट्रविरोधी एवं आतंकी गतिविधियों में संलिप्त है। उसने अपने कथित परिचित ‘राष्ट्रद्रोही’ का नाम और मुंबई स्थित उस संस्थान का पता भी बताया, जहां वह काम करता था। इस संबंध में पुणे पुलिस मिली सूचना के बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की एक टीम आनन-फानन में वर्ली स्थित उस संस्थान में पहुंच गई, जहां कथित संदिग्ध आतंकी काम करता था। उस वक्त संस्थान बंद होने के कारण पुलिस सुबह में दोबारा संस्थान में पहुंची और संदिग्ध के बारे में पूछताछ की तो पता चला कि वह कुछ साल पहले नौकरी छोड़कर लंदन चला गया और वहां किसी अन्य संस्थान में नौकरी करता है। पूर्व सहकर्मियों ने संदिग्ध का लंदन का नंबर पुलिस को दिया तथा उसके संदिग्ध जैसी कोई बात न होने का विश्वास भी दिलाया। कथित संदिग्ध से लंदन के नंबर पर बात करने के बाद पुलिस को भी उसके निर्दोष होने का विश्वास हो गया। ‘संदिग्ध’ ने पुलिस को बताया कि पांचाल उसके बचपन का दोस्त है और शायद वह (पांचाल) उसकी (संदिग्ध) की तरक्की से जलता होगा। खैर, अब पुलिस फर्जी कॉल के लिए पांचाल को ही ढूंढ़ रही है, लेकिन वह पुलिस का फोन ही नहीं उठा रहा है।
लल्लू गड्ढे में गिरने से बचा!
दूसरे के लिए गड्ढा खोदने वाला खुद भी गड्ढे में गिरता है, वाली कहावत को चरितार्थ करते उपरोक्त मामले जैसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के चरगवां थाना क्षेत्र से सामने आया है। जहां सूखा गांव निवासी लल्लू बसोर नामक शख्स ने उसकी मुर्गी चोरी होने की लिखित शिकायत थाने में दी थी। लल्लू ने पड़ोसियों द्वारा मुर्गी चुराए जाने का शक जताया था। लल्लू द्वारा कार्रवाई के लिए लगातार दबाव बनाए जाने बावजूद पुलिस ने जांच के बाद ही एफआईआर दर्ज करने का निर्णय लिया। पुलिस ने आस-पड़ोस के लोगों सहित उन पड़ोसियों से भी पूछताछ की, जिनके प्रति लल्लू ने मुर्गी चोरी का शक जताया था। इस दौरान पुलिस को लल्लू और उसके द्वारा संदिग्ध घोषित किए गए पड़ोसियों के बीच रंजिश होने की जानकारी मिली। गांव में यह भी चर्चा थी कि लल्लू ने खुद ही अपनी मुर्गी खा ली थीं, इसलिए चरगवां पुलिस ने लल्लू से सख्ती से पूछताछ करने का निर्णय लिया। थाना प्रभारी विनोद पाठक ने बताया कि लल्लू ने खुद ही मुर्गी को पकाकर खाने और रंजिशन अपने पड़ोसियों को फंसाने के लिए साजिश रचने की बात कबूल कर ली हैं। हालांकि, एफआईआर दर्ज नहीं होने तथा पड़ोसियों द्वारा माफ करने के कारण लल्लू जेल जाने से बच गया। पुलिस ने लल्लू को चेतावनी देकर छोड़ दिया।

अन्य समाचार