मुख्यपृष्ठअपराधअंतर्वेग : सोशल मीडिया का सर्वनाशी प्यार!

अंतर्वेग : सोशल मीडिया का सर्वनाशी प्यार!

जितेंद्र मल्लाह

पब्जी वाले प्यार के लिए पाकिस्तान से सीमा हैदर चार बच्चों को साथ लेकर राजस्थान आ पहुंची। इसी तरह राजस्थान से अंजू फेसबुकिया प्यार के लिए पाकिस्तान पहुंच गई। ये दोनों महिलाएं इन दिनों सोशल मीडिया पर सुर्खियां बटोर रही हैं लेकिन सोशल मीडिया के जरिए खेले जानेवाले प्यार के खेल के कारण कई महिलाएं अपना सवर्नाश भी कर चुकी हैं। सोशल मीडिया के प्यार के चक्कर में उन्हें यौन शोषण से लेकर आर्थिक नुकसान तक उठाना पड़ा है। ऐसी ही एक महिला का मामला सामने आया है, जो अंजू की तरह अपने बच्चों को छोड़ कर नेपाल से बिहार पहुंची है। सरिता नामक उक्त नेपाली महिला की सोशल मीडिया के जरिए बिहार के रक्सौल स्थित बैंक के कर्मचारी गोपाल से दोस्ती हुई थी। बाद में सरिता गोपाल के प्यार के झांसे में फंस गई। उसने अपने पति से तलाक ले लिया और रक्सौल आ पहुंची। वहां सरिता से विवाह का ड्रामा करके कुछ दिन साथ गुजारने के बाद गोपाल गायब हो गया। सरिता ने जब उसके बारे में जानकारी जुटाई तो उसे बड़ा झटका लगा, क्योंकि मूलरूप से दरभंगा का रहनेवाला गोपाल पहले से शादीशुदा निकला और उसके दो बच्चे भी हैं। सरिता ने गोपाल के दरभंगा स्थित निवास पर पहुंच कर उसकी पहली पत्नी प्रीती (सभी नाम बदले हुए) को गोपाल के साथ अपने विवाह के बारे बता दिया। प्रीती ने जब गोपाल से सरिता के बारे में सवाल पूछा तो वह झगड़ा करने लगा, बाद में गोपाल प्रीती और बच्चों को भी छोड़कर लापता हो गया। अब पुलिस उसके खिलाफ कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
पत्नी का भितरघात!
विवाहेतर संबंध और उसके कारण होने वाले अपराध अब आम हो गए हैं। कुछ ऐसा ही सनसनीखेज खुलासा मध्यप्रदेश के अशोकनगर निवासी सेल्समैन बहुचर्चित सौरभ जैन के हत्याकांड में हुआ है। सौरभ की हत्या के आरोप में पुलिस ने उसकी पत्नी रिचा को गिरफ्तार किया है। रिचा ने अपने उस प्रेमी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था, जिसे वह अपना भाई बताती थी। यहां तक कि रिचा अपने बेटे से प्रेमी दीपेश को मामा कहलवाती थी। पति-पत्नी और भाई-बहन के पवित्र रिश्तों को कलंकित करनेवाली इस कहानी की शुरुआत फेसबुक के जरिए ही हुई थी। बताया जा रहा है कि २०२० में फेसबुक पर दोस्त बने सिरोंज निवासी दीपेश के प्यार में पागल हुई रिचा ने अपनी दस साल पुरानी गृहस्थी को दांव पर लगा दिया। दो महीने पहले वह पति और बच्चे को छोड़कर दीपेश के साथ चली गई थी, लेकिन बाद में दीपेश द्वारा प्रताड़ित करने और बेटे की याद का बहाना बनाकर लौटी तो सौरभ ने उसे बेटे की खातिर माफ कर दिया। सौरभ ने यह नहीं सोचा कि उसकी यह भूल उसका काल बन जाएगी। रिचा की खुशी के लिए वह परिजनों से अलग होकर शहर में किराए के मकान में रहने लगा। एक दिन सौरभ, रिचा और दीपेश अचानक गायब हो गए। सौरभ के भाइयों का माथा तब ठनका, जब उन्हें रिचा द्वारा स़ड़क हादसे में सौरभ की मौत का कारण बताकर डेथ सर्टिफिकेट बनवाने की जानकारी मिली, लेकिन पुलिसिया पूछताछ में पता चला कि रिचा और दीपेश ने चंदेरी रोड स्थित मकान में सौरभ की हत्या की थी और लाश के टुकड़े-टुकड़े करके जला दिए थे तथा राख को कभी कुड़ी घाट, कभी तुलसी सरोवर तो कभी नदी में बहाया।

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