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तहकीकात: बच्चों के आपसी झगड़े में कर दी हत्या, मौसा ही निकला हत्यारा! साली को सिखाना चाहता था सबक,

कभी-कभी एक छोटी सी बात इंसान को चुभ जाती है और इसी बात को लेकर वह अपने मन में साजिश का जाल बुन लेता है। एक परिवार में हुए झगड़े की कीमत एक नाबालिग बच्ची को किस तरह से चुकानी पड़ी। इसी घटना पर प्रकाश डालती आज की तहकीकात…
ऐसे खुला हत्या का राज
इस बीच पुलिस को एक सीसीटीवी फुटेज में मुलुंड टोल नाके पर लगभग शाम को ६ बजे सिल्वर रंग की कार में फ्रांसिला के साथ एक आदमी दिखाई दिया। इस कार में फ्रांसिला आगे की सीट पर बैठी थी जबकि कार चलाने वाला व्यक्ति उसके मौसा क्लेरेंस की तरह दिखाई दे रहा था। इस पर पुलिस को संदेह हुआ कि अपहरणकर्ता शायद उसका मौसा हो सकता है। जांच में पुलिस को जब यकीन हो गया कि फ्रांसिला को अगवा करने वाला कोई और नहीं खुद उसका मौसा क्लेरेंस ही है, तब उसे हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में मौसा ने पुलिस को बताया कि फ्रांसिला को अगवा करने के बाद वह उसे घोडबंदर रोड ले गया। वहां गला दबाकर उसकी हत्या कर दी और शव को झाड़ियों मे फेंक दिया। बाद में अपने घर गया और फिर फ्रांसिला की तलाश में उसके परिवार के साथ जुट गया, ताकि उस पर कोई शक न करे। पुलिस ने मौके पर जाकर बच्ची का शव बरामद किया।
साली को सबक सिखाने के लिए की हत्या
क्लेरेंस ने बताया की फ्रांसिला और उसकी मां उसके घर मीरा रोड गए थे। वहां प्रफ्रांसिला और उसके बच्चों के बीच झगड़ा हुआ था। इसको लेकर फ्रांसिला की मां और क्लेरेंस के बीच काफी विवाद हुआ था। तब फ्रांसिला की मां ने क्लेरेंस को समुद्र में जाकर डूब मरने को कहा था। इस पर क्लेरेंस ने उसे सबक सिखाने की धमकी दिया था। तब से ही आरोपी बच्ची का हत्या करने का प्लान बनाया था।
क्या था मामला?
एरोली में रहने वाली आठ वर्षीय बच्ची फ्रांसिला २९ जून २०१५ को शाम के समय स्कूल बस से उतरकर अपनी बिल्डिंग में प्रवेश करने ही वाली थी कि पास खड़ी लाल कार से उसे उसके मौसा ने आवाज दी। अपने मौसा क्लेरेंस को आया हुआ देख फ्रांसिला कार के पास गई। मौसा ने उससे कहा कि तेरी मां मीरा रोड मेरे घर पर है तू भी चल। इसके बाद फ्रांसिला मौसा के साथ चली गई। दूर खड़ा एक युवक यह सब देख रहा था। करीब घंटे भर बाद भी जब फ्रांसिला घर नहीं आई तो मां को चिंता हुई। आसपास सब जगह तलाश की गई, लेकिन फ्रांसिला का कुछ पता नहीं चला। थकहार कर परिवार वालों ने रबाले पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। अदालत का आदेश है कि १० साल से कम उम्र के बच्चे अगर लापता होते हैं तो पुलिस अपहरण का मामला दर्ज कर उसकी तलाश करे। लिहाजा, रबाले पुलिस ने मामला दर्ज कर तत्कालीन पुलिस आयुक्त प्रभात रंजन को इस घटना की जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस की ११ अलग-अलग टीमें बनाई गईं और फ्रांसिला की तलाश में जुट गई। घरवालों ने फ्रांसिला की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर की साथ ही जगह-जगह पोस्टर लगाकर खोजने वाले को इनाम देने का एलान भी किया। फ्रांसिला की तलाश में उसका मौसा भी उसी तरह जुटा रहा, जिस तरह परिवार के दूसरे लोग लगे थे। इस बीच पुलिस भी अपना काम करती रही। फ्रांसिला को सिल्वर रंग की कार में जाते हुए देखने वाले लड़के से भी पूछताछ हुई। फिर आसपास की सीसीटीवी तस्वीरें भी खंगाली गईं।

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