मुख्यपृष्ठस्तंभतहकीकात : बदले की आग... पिटाई से आहत दोस्त बना जानी दुश्मन!

तहकीकात : बदले की आग… पिटाई से आहत दोस्त बना जानी दुश्मन!

जितेंद्र मल्लाह

– पहली बार केबिन पर गुस्सा

– दूसरी बार मिला कत्ल का मौका

दोस्तों के बीच हंसी-मजाक की तरह, छोटी-मोटी तकरार भी आम मानी जाती है, लेकिन खाने-पीने के दौरान होनेवाली आम मानी जानेवाली तकरार कई बार रार (हाथापाई) की वजह भी बन जाती है। पुराने दोस्त के साथ शराब पीने के दौरान हुआ ऐसा ही एक झगड़ा एक ३५ वर्षीय सुरक्षा रक्षक की मौत का कारण बन गया। कार्यस्थल पर उक्त सुरक्षा रक्षक का लहुलुहान शव मिलने के बाद हर कोई हैरान था, क्योंकि राजेश शुक्ला नामक उक्त सुरक्षा रक्षक के किसी दोस्त या दुश्मन के बार में कोई नहीं जानता था। वह ज्यादातर समय सांताक्रुज-पश्चिम स्थित कार्यस्थल पर ही रहता था। लेकिन मुंबई पुलिस क्राइम ब्रांच यूनिट- ९ की टीम ने जब कड़ी मशक्कत के बाद मामले की गुत्थी सुलझाई तो हर कोई हैरान रह गया।
पिटाई के बदले की हत्या
डीसीपी राजतिलक रौशन व एसीपी महेश देसाई के मार्गदर्शन व वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक दया नायक के नेतृत्व में मामले की जांच में जुटी यूनिट-९ की टीम को जांच के दौरान पता चला कि राजेश (मृत सुरक्षा रक्षक) की हत्या एंटॉप हिल निवासी जयशंकर लक्ष्मीकांत मिश्रा ने की है। जयशंकर मिश्रा भी पहले सांताक्रुज में राजेश शुक्ला के साथ काम करता था। तभी से दोनों की दोस्ती थी। बाद में जयशंकर ने नौकरी छोड़ दी थी, लेकिन वह कभी-कभी मिलने, शराब पीने के लिए राजेश के पास आता था। कुछ दिन पहले राजेश के साथ शराब पीने के दौरान जयशंकर का झागड़ा हो गया था, तब राजेश ने जयशंकर को बुरी तरह से पीट दिया था। उस दिन राजेश द्वारा की गई पिटाई से जयशंकर खुद को बेहद अपमानित महसूस कर रहा था। वह बदले की आग में जल रहा था। उसी पिटाई का हिसाब चुकता करने के लिए जयशंकर २८ सितंबर की रात सांताक्रुज स्थित उस क्षेत्र में आया था, जहां राजेश सुरक्षा रक्षक का काम करता था। मौका मिलते ही जयशंकर ने डंडे और कॉन्क्रीट ब्लॉक से वार करके राजेश का काम तमाम किया और मौके से फरार हो गया।
सीसीटीवी फुटेजों से मिला सुराग
यूनिट-९ के पीआई सचिन पुराणिक, दीपक पवार, एपीआई उत्कर्ष वझे, महेंद्र पाटील, सिपाही सुनील म्हालसंक, दत्तात्रेय कोली, महेश मोहिते आदि की टीम मौके पर पहुंची तो वहां सुरक्षा रक्षक की केबिन का सीशा टूटा मिला। सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध केबिन से हड़बड़ी में निकलता नजर आया। उक्त संदिग्ध की तलाश में पुलिस उसके गुजरनेवाले मार्ग के सीसीटीवी फुटेजों को खंगालते हुए सांताक्रुज रेलवे स्टेशन तक पहुंच गई। वहां से उक्त संदिग्ध एक ट्रेन में सवार होता दिखा, बाद में वह अगले स्टेशन पर ट्रेन से उतरा और ट्रेन बदल कर दूसरी ट्रेन में सवार हो गया। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी इसी तरह कई बार अगले स्टेशन पर ट्रेन से उतरा और दूसरी ट्रेन में सवार हुआ।
इससे वह असल में कहां गया, यह जानने के लिए यूनिट-९ की टीम को करीब २५ स्टेशनों की फुटेज खंगालनी पड़ीं। बाद में वह किंग्स सर्कल स्टेशन पर उतर कर स्टेशन से बाहर निकलता नजर आया। वहां से उसकी तलाश करती पुलिस एंटॉप हिल तक पहुंची लेकिन उसके बाद आरोपी का कुछ पता नहीं चला। इस दौरान पुलिस की एक टीम दो दिनों तक किंग्स सर्कल स्टेशन व आसपास के इलाकों में जाल बिछाकर लगातार आरोपी के बारे में जानकारी जुटाने का प्रयास करती रहीr। इन प्रयासों के दौरान पुलिस की मेहनत रंग लाई। लगभग दो दिन बाद उन्हें उनका वांछित संदिग्ध किंग्स सर्कल स्टेशन की ओर आता दिखा। यूनिट-९ की टीम ने पूरी सतर्कता बरतते हुए उसे हिरासत में लिया। यूनिट-९ में लाकर की गई पूछताछ में आरोपी ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
हत्या का हुआ खुलासा
आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह बेदह गुस्से में था। बदला लेने के लिए वह बेचैन था। उस रात वह जब मौका-ए- वारदात पर पहुंचा तो पहले राजेश उसे वहां नहीं मिला। इसलिए आरोपी ने गुस्से में केबिन का कांच तोड़ दिया था। लेकिन कुछ देर बाद जब आरोपी वहां दोबारा पहुंचा तो राजेश सो गया था। उस अवसर का लाभ उठाते हुए आरोपी ने पहले राजेश के सिर पर डंडे से वार किया और फिर बाद में पेवर ब्लॉक से प्रहार करके उसका काम तमाम कर दिया था।

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