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तहकीकात: दोस्त-दोस्त न रहा… मनी और मर्डर! कुछ पैसों के लिए की हत्या, आरोपी को हुई सजा

नागमणि पांडेय देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में देश के कोने-कोने से लोग अपने सपनों को साकार करने के लिए आते हैं। हर कोई यहां पैसा कमाकर धनवान बनना चाहता है, कोई इसके लिए कड़ी मेहनत करता है तो कोई शॉर्टकट तरीका अपनाता है और इसी शॉर्टकट तरीका अपनाने के चक्कर में लोग अपराध करने से भी नहीं हिचकते हैं। कुछ ऐसी ही घटना सामने आई मुंबई के देवनार इलाके से, जहां दो दोस्तों ने धनवान बनने के लिए चोरी का रास्ता चुना। लेकिन कुछ ऐसा हुआ कि एक दोस्त ने दूसरे की हत्या मात्र २ हजार रुपए के लिए कर दी। इसी घटना पर प्रकाश डालती आज की पड़ताल …
क्या था मामला?
३ जून २०१५ दिन सोमवार शाम ७ बजे के करीब देवनार पुलिस स्टेशन में किसी ने बताया की बैगनवाड़ी सिग्नल के पास मकान के पीछे एक व्यक्ति जख्मी हालत में पड़ा है। जानकारी के आधार पर देवनार पुलिस स्टेशन के पुलिस निरीक्षक (क्राइम) गुलाबराव पाटिल ने टीम के साथ तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर जख्मी युवक को अस्पताल में उपचार के लिए भर्ती कराया। लेकिन उसे उपचार से पहले ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने प्राथमिक जांच में पाया कि युवक की हत्या की गई थी। जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। सबसे पहले मृत युवक की पहचान की गई। आसपास पूछताछ में पता चला कि मृत युवक का नाम अकबर कुरबान (१९) है। और वह घटना वाले दिन अपने दोस्त हासिम अंसारी के साथ था। पुलिस को यह भी पता चला कि हासिम भी अस्पताल में भर्ती है, जिसके बाद पुलिस अस्पताल पहुंची और हासिम से पूछताछ की। उसने बताया कि उस पर और अकबर पर कुछ लोगों ने हमला किया था। उसके बताए अनुसार पुलिस ने स्केच भी बनवाया। अपराध निरीछक गुलाबराव पाटिल ने बताया कि पूछताछ में हर बार हासिम अलग-अलग बयान दे रहा था। जिससे पुलिस को संदेह हुआ। इसके बाद पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया तो हासिम ने अपना गुनाह कबूल कर लिया।
हत्या का राज खुला
हासिम ने पुलिस को बताया कि उसने और अकबर ने मिलकर ४,००० रुपए की छिनैती की थी। लेकिन बंटवारे में अकबर केवल ५०० रुपए हासिम को दे रहा था। जबकि हासिम २,००० रुपए की मांग कर रहा था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। झगड़ा इतना बढ़ा कि हासिम ने अकबर की हत्या करने की साजिश रच डाली। साजिश के अनुसार, हासिम ने अकबर को बैगनवाड़ी जंक्शन पर बुलाया। पुरानी बात को लेकर दोनों के बीच फिर से झगड़ा शुरू हो गया। इसी दौरान हासिम ने अकबर पर चाकू से अनेकों वार किए। अकबर को मरा समझ कर हासिम वहां से निजी अस्पताल में जाकर भर्ती हो गया। इसके बाद देवनार पुलिस ने हासिम के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
पैसा बना हत्या की वजह
जांच में पुलिस को यह भी पता चला कि हासिम और अकबर बहुत अच्छे दोस्त थे। छोटी-छोटी लूटपाट की घटनाओं को अंजाम देते थे लेकिन उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं होने के कारण पुलिस के रिकॉर्ड में नहीं थे। लेकिन इन दोनों की दोस्ती महज लूटे गए ४ हजार रुपए के बंटवारे में खराब हो गई और दोनों एक दूसरे की जान लेने पर उतारू हो गए। जिसमें हासिम ने अकबर की हत्या कर दोस्ती जैसे पाक रिश्ते को नापाक कर दिया। मामले में आरोपी के खिलाफ पुलिस की तरफ से चार्जशीट और गवाहों के बयान कोर्ट में पेश किए गए जिसके बाद कोर्ट ने आरोपी को सजा सुनाई है। रियायत और कम समय में होगा मुंह के रोगों का इलाज! नायर डेंटल अस्पताल की विस्तारित इमारत का काम अंतिम चरण में
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