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तहकीकात : पहली पत्नी को छोड़ पति ने की शादी … दूसरी पत्नी बनी काल!

नागमणि पाण्डेय

• प्रेमी के लिए कर दी पति की हत्या
•आरोपी भुगत रहे सजा
पति-पत्नी मिलकर अगर समझदारी से गृहस्थी की गाड़ी चलाएं तो जिंदगी आसन हो जाती है, लेकिन इस गृहस्थी की गाड़ी में दोनों में से कोई भी भटका तो गाड़ी डगमगाने लगती है। आज की तहकीकात इसी घटना पर प्रकाश डालती है, जिसमें एक शादीशुदा आदमी प्यार के लालच में दूसरी शादी कर लेता है। लेकिन यही निर्णय उसके के लिए काल बन जाता है…
क्या था मामला?
बिहार के दरभंगा जिले के रहने वाले सरोज की कई वर्ष पहले रिंकू देवी से शादी हुई थी। सरोज के पांच बच्चे होने के बाद भी उसने दो वर्ष पहले दरभंगा की एक शादीशुदा महिला माला देवी से शादी कर ली और उसे भी मुंबई ले आया। माला देवी भी अपने पति राजेश और दो बच्चों को छोड़कर मुंबई आ गई। मुंबई आने के बाद वह जोगेश्वरी पश्चिम में न्यू शक्ति नगर इलाके में सरोज के साथ रहने लगी। सरोज की पहली पत्नी रिंकू भी वहीं पास में रहती थी। मुंबई आने के बाद माला देवी को पड़ोस में रहने वाले एक युवक सुरेश समर बहादुर से प्रेम हो गया। जब इस बात की जानकारी सरोज को हुई तो वह गुस्से में तिलमिला गया। इस बात को लेकर दोनों में आए दिन झगड़े होने लगे। सरोज के साथ रोज-रोज झगड़े से तंग आ चुकी माला देवी ने अपने प्रेमी सुरेश के साथ मिलकर सरोज के कत्ल की साजिश रची। इस काम में सुरेश ने अपने दोस्त महेश कुमार को भी शामिल कर लिया।
हत्या कर फरार हुए आरोपी
४ नवंबर २०१३ को माला देवी, उसके प्रेमी सुरेश और महेश ने मिलकर प्लान के अनुसार सरोज के घर में ही उसका कत्ल कर दिया। घटना के बाद तीनो वहां से फरार हो गए। इस हत्या की जानकारी दो दिनों तक किसी को भी नही हुई। आखिर में दो दिन बाद जब घर में से लाश की बदबू आनी शुरू हुई तो पड़ोसियों ने इसकी जानकारी ओशिवारा पुलिस को दी। पुलिस जब घटनास्थल पर पहुंची तब जाकर इस हत्याकांड की जानकारी सब को हुई। पुलिस ने सरोज की पृष्ठभूमि को खंगालना शुरू किया। पुलिस निरीक्षक रविंद्र पाटिल ने बताया कि इस दौरान पुलिस ने सरोज की पहली पत्नी रिंकू से पूछताछ की तो सरोज और माला देवी के संबंधों की जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस ने माला देवी की तलाश शुरू की। साथ ही जांच के दौरान पुलिस को सुरेश के बारे में भी जानकारी मिली। पुलिस ने जब सुरेश के मोबाईल की लोकेशन को ट्रेस किया तो लोकेशन यूपी का निकला। इसके बाद सुरेश को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस की एक टीम यूपी में उसके गांव भेजी गई। पुलिस ने वहां जाकर उसे गिरफ्तार किया और मुंबई लेकर आई।

चार साल तक चला मुकदमा
पुलिस की पूछताछ के बाद सुरेश ने सरोज की हत्या की बात कबूल कर ली। उसने बताया कि उसका माला देवी के साथ प्रेमसंबंध था, इसलिए माला देवी के कहने पर ही अपने दोस्त के साथ मिलकर सरोज की हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस ने उसके साथी को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके कुछ दिन बाद पुलिस ने फरार माला देवी को भी दबोच लिया। इस मामले में कोर्ट में लगभग चार वर्षों तक सुनवाई चली। सुनवाई के दौरान सबूतों और गवाहों के बयान दर्ज किए गए। जिसके आधार पर कोर्ट ने आरोपियों को सजा सुनाई। और अब सभी आरोपी अपनी सजा काट रहे हैं।

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