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तहकीकात : अय्याशी के लिए लूट! …१५ प्रेमिकाओं पर करता था खर्च …तीसरी आंख की मदद से पुलिस के हाथ लगा

नागमणि पांडेय
अक्सर सुनने में आता है कि कोई घर में आर्थिक स्थिति खराब होने पर चोरी, डवैâती करता है तो कोई आदत से मजबूर होकर ऐसी घटनाओं को अंजाम देता है। हालांकि, मुंबई क्राइम ब्रांच की यूनिट-११ की पकड़ में जो युवक आया है, वो एक नहीं, दो नहीं, बल्कि १५ गर्लफ्रेंड्स (प्रेमिका) पर पैसा लुटाने और उनके साथ अय्याशी करने के लिए चोरी और डकैती जैसी घटनाओं को अंजाम देता था। आखिरकार, वो बिल्डिंग में लगी तीसरी आंख में कैद हो गया और उसके सारे राज खुल गए। इसके बाद पुलिस द्वारा फैलाए गए जाल में वह खुद फंस गया। चारकोप पुलिस स्टेशन अंतर्गत आने वाली सोसायटियों और हाई प्रोफाइल इमारतों में चोरी और डकैती जैसी घटनाओं ने पुलिस अधिकारियों को हैरान और परेशान कर रखा था। वे इन अपराधों को अंजाम देने वाले गैंग को पहचानने में नाकाम साबित हो रहे थे। आए दिन पुलिस स्टेशन में चोरी और डवैâती जैसी घटनाओं की शिकायतें बढ़ गई थी। चारकोप पुलिस ने एक टीम तैयार कर जांच शुरू की। इसके साथ ही जांच के लिए क्राइम ब्रांच यूनिट-११ से भी मदद मांगी। पुलिस ने जांच के दौरान दो सोसायटियों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज देखा तो पाया कि दोनों ही जगह एक ही शख्स अंदर गया, जो हारून था। बाद में पता चला कि उसके खिलाफ सेंधमारी की पचास से ज्यादा मामलों में तलाश है। इसके बाद पुलिस ने हारून की तलाश करनी शुरू कर दी। पुलिस को जानकारी मिली कि वो अपने परिवार के साथ मालवणी स्थित घर में रह रहा था। इसके बाद मुखबिर से पुलिस को सूचना मिली कि हारून अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने के लिए एक बार में आने वाला है। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने पूरे इलाके में अपना जाल फैला दिया। बीते १५ वर्षों में सेंधमारी व लूट के पचास से भी ज्यादा मामलों में उसके खिलाफ शहर व बाहर के कई पुलिस स्टेशनों में मामले दर्ज हैं। पूछताछ के दौरान हारून ने कबूल किया कि वह विलासिता पूर्ण जीवन जीने के लिए सेंधमारी व लूट की घटनाओं को अंजाम दिया करता था।

कई बार चकमा दिया
क्राइम ब्रांच यूनिट-११ के तत्कालीन एपीआई चिम्माजी ने बताया कि मालवानी में उसके लिए जाल बिछाया, लेकिन हारून पकड़ में नहीं आ पाया। कुछ घंटों के बाद हमें जानकारी मिली कि वह चारकोप के एक बार में आने वाला है। एपीआई चिम्माजी के साथी एपीआई मोहन हड़पुड़े ने बताया कि उन्होंने जानकारी को क्रॉस चेक किया और उसके बाद हारून को पकड़ने के लिए एक टीम को वहां भेजा गया।

विलासिता पूर्ण जीवन जी रहा था
क्राइम ब्रांच के सूत्रों ने बताया कि जब पुलिस अधिकारी मालवणी स्थित आरोपी के घर पर पहुंचे तो आश्चर्य में पड़ गए। घर को कीमती चीजों से सजाया गया था और पूरा परिवार विलासितापूर्ण जीवन जी रहा था। आखिर में पुलिस को मालवणी के रहने वाले ३२ वर्षीय सेंधमार हारून जयदेव सरदार की काफी दिनों से तलाश थी, उसे गिरफ्तार कर लिया।

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