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तहकीकात : यूपी में एनकाउंटरों का काला सच … जश्न, इनाम और प्रमोशन!  … सुप्रीम कोर्ट में दायर हुई याचिका 

संतोष तिवारी
यूपी में होने वाले एनकाउंटरों का काला सच बाहर आ रहा है। क्या उत्तर प्रदेश में एनकाउंटरों पर जश्न मनाया जाता है, साथ ही पुलिसवालों को प्रमोशन मिलते हैं और इनाम भी दिए जाते हैं? इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है जिस पर यूपी में होने वाले एनकाउंटरों पर सवाल उठाया गया है। यही नहीं याची ने यूपी सरकार की उस स्टेटस रिपोर्ट पर भी सवाल उठाया है, जिसमें कहा गया है कि यूपी पुलिस की अतीक अहमद और अशरफ की हत्या में कोई गलती नहीं थी। इसके अलावा अन्य एनकाउंटरों को लेकर भी यूपी सरकार ने पुलिस को क्लीन चिट दी है।
असंवैधानिक कार्रवाइयों को बढ़ावा
यूपी के रहनेवाले याचिकाकर्ता विशाल तिवारी ने एनकाउंटरों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया है कि राज्य में एनकाउंटर में हत्याओं पर राज्य की पुलिस के अधिकारी जश्न मनाते हैं। इसके अलावा असंवैधानिक कार्रवाइयों को बढ़ावा दिया जाता है। यही नहीं अधिकारियों को प्रमोशन भी दिए जाते हैं और ऐसी हत्याओं के लिए उन्हें पुरस्कारों से नवाजा जाता है। हालांकि, इस मामले में यूपी सरकार ने जो एफिडेविट दाखिल किया था उसमें कहा गया था पुलिस ने रक्षात्मक कार्रवाई के तहत एनकाउंटर किए थे। जिस पर विशाल तिवारी का कहना है कि जब सामने वाली ताकत कमजोर हो तब एक ताकतवर फोर्स के तौर पर पुलिस को अत्यधिक बल का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
मारने पर उतारू पुलिस 
विशाल तिवारी का कहना है कि यूपी की पुलिस एक ताकतवर फोर्स है। वह हमेशा से ही थ्योरी बताकर कमजोर पक्ष पर हमला नहीं कर सकती, जब वे कम ही लोग हों और उनके पास हथियारों की भी कमी हो। जब पुलिस सामने वाले पर हमला करती है और उसे बिना मारे ही काबू कर लिया जाए तो वह जवाबी ऐक्शन कहलाता है। लेकिन जब पुलिस ऐसा ऐक्शन लेती है कि आरोपी मर ही जाए तो फिर वह न्यायिक प्रक्रिया का पालन किए बिना की गई हत्या है। विशाल तिवारी ने यह भी कहा कि यूपी सरकार ने सही तथ्य सामने नहीं रखे और अदालत को भ्रमित करने का प्रयास किया है।

उठते रहे हैं सवाल
गौरतलब है कि यूपी में एनकाउंटरों की संख्या काफी ज्यादा रही है और उसे लेकर मानवाधिकार संगठन सवाल भी उठाते रहे हैं। पिछले साल बिकरू कांड को लेकर जिस तरह से मनोज दुबे की हत्या की गई उसे लेकर आज तक संदेह बना हुआ है साथ ही कुछ महीने पहले गैंगस्टर अतीक अहमद और उसके भाई अशरफ की पुलिस सुरक्षा में मीडिया के सामने ही गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा अतीक अहमद के बेटे असद समेत कई लोगों के एनकाउंटर भी हुए, जिसमें बदमाश मारे गए।

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