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तहकीकात : पत्नी के तीन टुकड़े कर फ्रिज में रखे …नशेड़ी पति का खौफनाक कारनामा 

• कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा 
• भायंदर में भी घट चुकी है आफताब-श्रद्धा जैसी वारदात

नागमणि पांडेय
उसने जब अपने पति के साथ सात फेरे लिए थे तो उसने यह सोचा भी नहीं था कि अग्नि को साक्षी मान कर, सातों जन्म तक उसकी रक्षा करने की कसम खाने वाला ही एक दिन उसकी जान का दुश्मन बन जाएगा। जी हां, मुंबई से सटे उपनगर भायंदर में रहने वाले एक २७ वर्षीय पति ने हैवानियत की सारी हदें पार करते हुए पत्‍नी की न केवल हत्‍या कीr बल्कि शव के टुकड़े कर कई दिनों तक प्रिâज में भी रखे थे। हैवानियत और दिल को हिलाकर रख देने वाली इस सनसनीखेज वारदात पर प्रकाश डालती आज की तहकीकात…
पहले हुआ प्यार फिर तकरार
भायंदर के नक्षत्र अपार्टमेंट की १४वीं मंजिल पर रहने वाले गिरीश कोटे और मधुवंती की शादी २० जून २००६ को हुई थी। शादी के कुछ समय बाद उन्हें बेटा भी हुआ। मधुवंती और गिरीश शादी से पहले २०११ में दादर के एक मॉल में साथ ही काम करते थे। वहीं पर दोनों की मुलाकात हुई। मुलाकात के बाद दोनों में प्यार हुआ और जल्द ही उन्होंने शादी कर ली। शादी होने से पहले मधुवंती ने माहिम स्थित उसके एक फ्लैट को ६० लाख रुपए में बेचा था, जिसमें से दस लाख रुपए उसने फिक्स डिपॉजिट में रखे थे। शादी के बाद मधुवंती पति गिरीश के साथ भायंदर में रहने लगी। कुछ दिन बाद गिरीश की नौकरी छूट गई और वह बेरोजगार हो गया। जब कई दिनों तक उसे काम नहीं मिला तो उसने नशा करना शुरू कर दिया। यही नहीं उसका संबंध बार में काम करने वाली एक बार गर्ल से भी हो गया था। इसके बावजूद मधुवंती काम कर घर का खर्च चलाती थी। इस बात को लेकर कई बार दोनों के बीच झगड़ा भी होता था। मधुवंती ने गिरीश को कई बार यह चेतावनी दी थी कि अगर वह नहीं सुधरा तो वो अपने दादी के पास फ्रांस चली जाएगी।
पति ने रची हत्या की साजिश
बता दें कि मधुवंती के माता-पिता की मौत हो चुकी थी और उसकी दादी फ्रांस में रहती थी। नशे का आदी हो चुके गिरीश को व्यवसाय शुरू करने के लिए मधुवंती ने कई बार आर्थिक मदद भी की थी। लेकिन गिरीश को नुकसान ही हुआ, जिसके बाद वो घर बैठ गया। कुछ महीनों बाद गिरीश ने होटल शुरू करने के लिए मधुवंती से पैसे मांगे, लेकिन मधुवंती ने पैसे देने से इंकार कर दिया क्योंकि मधुवंती को गिरीश और बार गर्ल के बीच संबंध होने की भनक लग चुकी थी। आखिरकार गिरीश के रवैये से तंग आकर मधुवंती ने अपनी दादी के पास फ्रांस जाने का निर्णय किया। जब इस बात की जानकारी गिरीश को हुई तो उसने विरोध किया, लेकिन मधुवंती नहीं मानी। इस बात से गिरीश इतना नाराज हुआ कि उसने मधुवंती की हत्या करने का प्लान बनाया। घटना वाले दिन मधुवंती और गिरीश के बीच किसी बात को लेकर झगड़ा शुरू हुआ। इसी झगड़े के दौरान गिरीश ने मधुवंती की हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने मधुवंती के शरीर को तीन टुकड़ो में काट दिया। उसने सिर और शरीर के ऊपरी अंगों को प्लास्टिक के दो थैलों में बड़े टेप से लपेटकर फ्रिज में रख दिया। जबकि शरीर के निचले हिस्से को थैले में लपेटकर बेड के अंदर छिपा दिया।
ऐसे खुला हत्या का राज
इस घटना से घबराए गदरे ने पूरी बात अपने पुलिसकर्मी दोस्त को बताई। दोस्त की सलाह के बाद उसने नवघर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी को रात के समय शिवार गार्डन क्षेत्र से पकड़ा। पुलिस ने गिरीश के घर में से प्रिâज में रखे शव के टुकड़ों को भी बरामद किया। इस मामले में ठाणे सेशन कोर्ट में वर्षोंे तक चली सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कई अहम गवाहों के बयान दर्ज किए। साथ ही पुलिस की तरफ से कई सबूत पेश किए गए, जिसके आधार पर कोर्ट ने पति को दोषी करार देते हुए अब उम्रवैâद की सजा सुनाई है।

हत्या कर रिश्तेदार को बताई सच्चाई
इस मर्डर को लेकर जांच अधिकारी पुलिस निरीक्षक दिनकर पिंगले बताते हैं कि घटना के बाद गिरीश ने अपने ममेरे भाई नितिन गदरे को फोन कर घर बुलाया और इस हत्या की जानकारी दी। उसने उससे कहा कि उसे शरीर के टुकड़े करना है इसलिए वह घर से बाहर चला जाए क्योंकि वो यह सब देख नहीं पाएगा। जब गदरे घर से बाहर चला गया तो उसने लाश को टुकड़ों में काटकर प्रिâज में रख दिया।

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