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निवेश गुरु : जिसका काम उसी को साजे, दूजा करे तो बुद्धू बाजे!

भरतकुमार सोलंकी

मंजिल तो मुंबई से दिल्ली जाने की थी लेकिन सीएसटी से चेन्नई की ओर जानेवाली गाड़ी में चढ़ गए। पुणे पहुंचने से पहले पता चलता है कि गलत ट्रेन में बैठ गए तो फिर दादर लौटकर मुंबई सेंट्रल से दिल्ली की ओर जानेवाली ट्रेन में सफर शुरू किया ही था कि बड़ौदा से पहले सूरत में ही उतर गए।
जीवन बीमा बचत और म्युचुअल फंड निवेश दोनों अलग-अलग दिशा की ओर जानेवाली विपरीत ट्रेन हैं। अलग-अलग दिशाओं में चलनेवाली इन ट्रेनों में सफर करवाने वाले कोई और नहीं, बल्कि समाज में मौजूद वे सारथी ही हैं, जो कभी म्युचुअल फंड निवेश की ट्रेन में चढ़ा देते हैं तो कभी बीमा बचत योजनाओं की ट्रेन में बैठा देते हैं। दो नावों पर सवार ऐसे लाखों अभिकर्ताओं की एक बहुत बड़ी फौज है, जिन्हें अपनी खुद की मंजिल ही नहीं मालूम है। समाज में चारों तरफ ऐसे लाखों बीमा एजेंट हैं, जिन्हें यह भी नहीं मालूम हैं कि जाना कहां हैं, वे स्वयं कई बार दिल्ली के लिए यात्रा शुरू करते हैं लेकिन पुणे की गाड़ी में चढ़ जाते हैं। फिर मुंबई आकर वापस दिल्ली की ट्रेन में बैठ जाते हैं और सूरत जाकर फिर मुंबई लौट आते हैं।
पैसे बनाने की इस ‘म्युचुअल फंड निवेश’ की लंबी यात्रा की मंजिल तक पहुंचने में कोई व्यक्ति किसी असामायिक आकस्मिक दुर्घटना का शिकार न हो जाए इसके लिए जीवन बीमा कवरेज जरूर काम करती है। जीवन बीमा का काम पैसा बनाकर देना नहीं है, पैसा बनाने की लंबी जीवन यात्रा में अनहोनी हो जाने पर मुआवजा भरपाई के लिए जीवन बीमा एक आर्थिक सुरक्षा कवच के रूप में काम करता हैं। पैसे से पैसा बनाकर देने का काम तो म्युचुअल फंड निवेश का ही हैं। सोनार से लोहे का काम और सुथार से स्वर्ण ज्वेलरी नहीं बनवा सकते हैं, ठीक वैसे ही पैसे से पैसा बनाने-बढ़ाने का काम भी बीमा कंपनी से नहीं करवाना चाहिए। जिस काम की जिसमें एक्सपर्टाइजेशन हो उससे वही काम करवाने ही बुद्धिमानी मानी जाती है, अन्यथा ‘जिसका काम उसी को साजे, दूजा करे तो बुद्धू बाजे’ वाली कहावत चरितार्थ होती हैं।
जीवन बीमा के मूलभूत कॉन्सेप्ट पर लाखों अपरिपक्व बीमा एजेंट्स के पास तो पच्चीस-पचास लाख की बीमा पॉलिसी बेचने की हिम्मत ही नहीं है। ऐसे अनगिनत बीमा एजेंट आपके आस पास में जरुर होंगे, जिन्हें जीवन बीमा के मूल स्वरूप ‘टर्म लाईफ इंश्योरेंस’ के बारे में नहीं मालूम है, टर्म इंश्योरेंस से एक सामान्य व्यक्ति भी अपना दस-बीस लाख का जीवन बीमा कवरेज आसानी से खरीद सकता है। ज्ञात रहे बीमा कंपनी व्यक्ति की आमदनी का बीमा करती हैं। जीवन बीमा मूल्यांकन का मुख्य आधार आपके भविष्य की आमदनी है, जिसे पूरे गणित के साथ समझकर लेना हर पारिवारिक व्यक्ति की फाइनेंसियल प्लानिंग का एक जरुरी हिस्सा है।
(लेखक आर्थिक निवेश मामलों के विशेषज्ञ हैं)

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