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भिवंडी तक पहुंची आइसिस की करतूत… एक गांव को ही बना डाला अल शाम!

`खलीफा’ बनकर साकिब नाचन ने युवकों को दी आतंकियों के साथ एकनिष्ठ रहने की शपथ

सामना संवाददाता / ठाणे

आइसिस आतंकियों का अड्डा बने भिवंडी के बोरीवली गांव को `आइसिस’ ने `अल शाम’ घोषित कर दिया है। अल शाम का मतलब है `मुक्त क्षेत्र’। यहां के स्थानीय निवासी और आइसिस का आतंकी साकिब नाचन ने युवकों को `आइसिस’ के एकनिष्ठ रहने की शपथ दिलाई थी। नाचन खुद को `खलीफा’ (अल्लाह का उत्तराधिकारी) मानते हुए जिहादी युवाओं को अपने पड़घा में लाकर उन्हें आतंकवाद का कठोर प्रशिक्षण दिया है। साकिब ने यह भी दावा किया है कि पड़घा हमारे लिए स्वतंत्र क्षेत्र (अल शाम) है, जिससे जांच एजेंसियों के लिए एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है।
आइसिस आतंकियों ने कई बार अलग-अलग जगहों पर बम धमाके करने की योजना बनाई थी। एनआईए ने शनिवार को आइसिस से जुड़े देशभर के ४४ स्थानों पर छापेमारी की और १५ संदिग्ध आतंकवादियों को गिरफ्तार किया। ठाणे और पुणे समेत पूरे दिन छापेमारी चलती रही। भिवंडी के बोरीवली गांव से जमानत पर रिहा हुए मुंबई धमाकों के आरोपी साकिब नाचन को एनआईए ने गिरफ्तार किया। उसके बेटे शमील नाचन को भी एनआईए ने चार महीने पहले पुणे में ‘आइसिस मॉड्यूल’ मामले में हिरासत में लिया था। शनिवार को बोरीवली में एनआईए की कार्रवाई से ४,००० लोगों वाला यह गांव एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

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