मुख्यपृष्ठसमाचारमंगल पर भी सांस लेना होगा मुमकिन! धरती जैसा होगा अहसास

मंगल पर भी सांस लेना होगा मुमकिन! धरती जैसा होगा अहसास

मंगल ग्रह का नाम आते ही वहां पर जीवन की संभावना को लेकर चर्चा शुरू हो जाती है लेकिन लाल ग्रह पर तापमान और वातावरण बहुत ही मुश्किल भरा है। इस ग्रह पर ऑक्सीजन नहीं होने की वजह से जीवन के बारे में सोचना भी मुश्किल है। मगर अच्छी खबर है कि अब यहां सांस लेना मुमकिन होता दिख रहा है। दरअसल इंसानों के लाल ग्रह पर पहुंचने से पहले ही हमारे द्वारा भेजी गई एक डिवाइस ने अपना काम करना शुरू कर दिया है। लंचबॉक्स साइज की एक डिवाइस मंगल ग्रह पर ऑक्सीजन पैदा करने में सफल हो रही है। इस डिवाइस ने नया रिकॉर्ड बनाते हुए पिछले साल ७ बार ऑक्सीजन पैदा की। जाजेरो क्रेटर में मौजूद परसेवेरेंस रोवर धरती से भेजे गए सफलतम मिशन में से एक है। यह रोवर एक लंचबॉक्स साइज की डिवाइस का इस्तेमाल कर रही है। इसका नाम मोक्सी (मार्स ऑक्सीजन इन सीटू रिसोर्स यूटिलाइजेशन एक्सपेरिमेंट) है, जो मंगल पर भी ऑक्सीजन पैदा करने में सफलता हासिल कर रही है। यह ठीक वैसा ही है, जैसे किसी बंजर धरती पर इकलौता पेड़ उग आए। एक रिसर्च पेपर में मोक्सी की खासियतें बताई गई हैं। यह डिवाइस कार्बन डाई ऑक्साइड से भरे वातावरण में भी लगातार ऑक्सीजन पैदा कर रहा है। मोक्सी मंगल ग्रह पर पड़ने वाली भीषण ठंड से बचते हुए क्रेटर से अपने काम को बखूबी अंजाम दे रहा है। सर्द रातों में यह सबसे ज्यादा एयर पैदा करने में सक्षम हो रही है। अच्छी बात यह है कि मंगल के वातावरण में जितनी ज्यादा कार्बन डाई ऑक्साइड होगी, यह डिवाइस उतनी ही ज्यादा ऑक्सीजन बनाएगी।

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