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गोलमाल है भाई सब गोलमाल है… साड़ी के सब्जबाग में शक्कर भी स्वाहा!… अंत्योदयों के लिए साड़ी तो आई नहीं, चीनी हो गई गायब …करीब २५ लाख परिवारों को चार महीनों से नहीं मिली शक्कर

सामना संवाददाता / मुंबई
महाराष्ट्र की ‘घाती’ सरकार के राज में सब गोलमाल चल रहा है। सरकार ने अंत्योदय कार्ड के तहत आनेवाले गरीबों को सस्ती साड़ी देने का सब्जबाग दिखाया है। मगर साड़ी के इस सब्जबाग में गरीबों का शक्कर भी ‘स्वाहा’ हो गया है। बोलचाल की भाषा में यहां ‘स्वाहा’ से तात्पर्य है कि चीनी को महत्व न देते हुए उसे गरीबों की पहुंच से दूर कर दिया गया है। इसके कारण राज्य के २४ लाख, ८० हजार अंत्योदय राशन कार्ड धारक पिछले चार माह से सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत रियायती दर पर वितरित होने वाली चीनी से वंचित हैं। इस खबर की पुष्टि खाद्य, नागरिक आपूर्ति मंत्रालय ने की है। मंत्रालय में ऐसी चर्चा है कि लोकसभा चुनावों को ध्यान में रखकर सरकार का सारा ध्यान सस्ती साड़ियों की आपूर्ति पर लगा हुआ है, इस कारण शक्कर पीछे छूट गई है।
मंत्रालय के सूत्रों ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह स्थिति इस कारण उत्पन्न हुई है कि इस शक्कर की फाइल वित्त विभाग के खजाने में फंसी हुई है। दूसरी तरफ राशन के दुकानदारों का कहना है कि जब सरकार ने चीनी की आपूर्ति की ही नहीं है तो वे ग्राहकों को कहां से दें। इस कारण चार महीने से चीनी नहीं मिलने से अंत्योदय लाभार्थी नाराज हैं। अक्टूबर २०२३ से जनवरी २०२४ के इन चार महीनों के दौरान सरकार ने चीनी की आपूर्ति नहीं की है। बता दें कि खुदरा बाजार में इस समय चीनी की कीमतें बढ़ी हुई हैं। एक किलो चीनी ४५ से ४८ रुपए में मिल रही है।
राशन दुकान में अंत्योदय समूह के परिवारों को १८.५० रुपए प्रति किलो के रियायती मूल्य पर चीनी मिलती है। हालांकि, अब सरकार की ओर से इन चार महीनों की चीनी उपलब्ध नहीं कराए जाने से अंत्योदय कार्ड धारकों की तरफ से नाराजगी के स्वर उठने लगे हैं। ऐसे में अंत्योदय ग्राहक राशन दुकानदारों से पूछ रहे हैं कि चीनी कब मिलेगी? लेकिन उन्हें इसका कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिल रहा है। राशन कार्ड धारक सस्ते गल्ले के दुकानदार से चीनी के बारे में पूछते हैं, लेकिन सस्ते गल्ले का दुकानदार हर बार अगले महीने आने की बात कहकर ग्राहकों को टरका दे रहे हैं। खबर लिखे जाने तक ये चीनी राशन दुकानों तक नहीं पहुंची थी। बता दें कि एमपी में मामा की ‘लाडली योजना’ की तर्ज पर सरकार महाराष्ट्र में अंत्योदय राशन कार्ड धारकों को साड़ियां देने जा रही है। सरकार ने आगामी मार्च महीने तक इन साड़ियों का वितरण करने का आदेश दिया है। चूंकि राज्य सरकार ने चीनी की तुलना में साड़ी को ज्यादा महत्व दिया है, इसलिए पिछले चार महीनों से राज्य में राशन की दुकानों में चीनी की आपूर्ति नहीं हो पाई है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्रालय के सूत्रों ने इस खबर की पुष्टि करते हुए बताया कि सरकार ने चीनी खरीद की प्रक्रिया में बदलाव किया है। अब पिछले चार महीनों के लिए ई-टेंडर १६ जनवरी को जारी कर दिया गया है। अंत्योदय राशन कार्ड धारक को एक किलो चीनी दी जाती है। प्रदेश में ६४ हजार १७४ क्विंटल चीनी खरीदने की प्रक्रिया चल रही है और वित्तीय स्वीकृति के लिए फाइल वित्त विभाग को भेज दी गई है।
राशन दुकानदारों को पता नहीं
अंत्योदय राशन कार्ड धारकों के चीनी कोटे का भुगतान हर माह सस्ता गल्ला विक्रेताओं द्वारा किया जा रहा है। लेकिन अंत्योदय कार्डधारकों को चीनी कब वितरित होगी, इसकी उन्हें कोई जानकारी नहीं है। इसलिए राशन दुकानदार भी असमंजस में हैं।

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