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‘ये आसान तो कतई नहीं!’ – परिधि शर्मा

धारावाहिक ‘जोधा अकबर’ में जोधा का किरदार निभाकर रातों-रात देश-दुनिया में लोकप्रियता हासिल करनेवाली अदाकारा परिधि शर्मा इन दिनों धारावाहिक ‘चीकू की मम्मी दूर की’ में एक बार फिर से अपने दमदार अभिनय के झंडे गाड़ रही हैं। प्रस्तुत है अभिनेत्री परिधि शर्मा से सोमप्रकाश ‘शिवम’ की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

♦ धारावाहिक ‘चीकू की मम्मी दूर की’ में निभाया आपका किरदार एक बार फिर सुर्खियां बटोर रहा है, आप क्या कहना चाहेंगी?
मेरा यह धारावाहिक बीते कुछ सप्ताह पहले ही ‘स्टार प्लस’ पर शुरू हुआ है, जिसमें मेरा किरदार नूपुर जोशी का है, जो एक मराठी बैकग्राउंड पर आधारित फैमिली ड्रामा है। मुझे खुशी है कि दर्शकों को इस बार भी मेरा किरदार लुभा रहा है।

♦ धारावाहिक ‘जोधा अकबर’ में जोधा बनकर आपने घर-घर सुर्खियां बटोरीं, क्या अब उसकी लोकप्रियता का असर आपके करियर में दिख रहा है?
बिल्कुल, यह काफी गहरा असर है। अगर आपके अभिनय में दम है तो लोगों का फोकस भी आप ही पर ज्यादा रहता है। वैसे भी अच्छे कलाकार को हर दर्शक प्यार देना चाहता है। सच कहूं तो मैं उस टीवी शो को कभी नहीं भूल पाऊंगी।

♦ लोकप्रिय होने के बावजूद आज भी आप टीवी सीरियलों में ही व्यस्त हैं। क्या कभी बड़े पर्दे के लिए कोई ऑफर नहीं मिला?
उस तरह का ऑफर कभी मिले तो अवश्य ध्यान दूंगी। मैं जब अपने घर से अभिनय करने के लिए मुंबई आई, तब मैंने सिर्फ एक बेहतरीन अदाकारा बनने का सपना संजोया बड़े या छोटे पर्दे में अंतर नहीं। मैं आज अपने काम से पूरी तरह संतुष्ट हूं।

♦ फिल्मों की भांति अब धारावाहिक भी काफी बोल्ड होते जा रहे हैं आप क्या मानती हैं?
नहीं, मुझे ऐसा कतई नहीं लगता। हमारे टीवी सीरियलों को भारतीय दर्शकों को ध्यान में रखकर निर्माण किया जाता है। बोल्डनेस आपके विचारों पर निर्भर करती है न कि कपड़ों के पहनावे पर। मैं इतना कहना चाहूंगी कि अगर आपके विचारों में बेहतर काम के लिए बोल्डनेस है, तो वह सबसे बेहतर है।

♦ आप अगर आज सिनेमा में नहीं होतीं तो क्या बनना पसंद करतीं?
यह कह पाना काफी मुश्किल होगा कि मैं अगर अभिनेत्री नहीं होती तो क्या बनना पसंद करती। क्योंकि पढ़ाई के दौरान मैंने एमबीए किया था, उसके मुताबिक शायद मैं किसी कॉरपोरेट में जॉब कर रही होती या फिर लिखने का शौक रखने के मुताबिक एक लेखिका होती।

♦  क्या आपको लगता है कि आज फिल्म जगत में नई लड़कियों के लिए करियर बनाना बहुत आसान है?
नहीं, बिल्कुल भी नहीं। इस फील्ड में कामयाबी हासिल करना कतई आसान नहीं है। बहुत संघर्ष के बाद किस्मतवालों को मंजिल मिल पाती है। दरअसल, अभिनय के क्षेत्र में बहुत ही शिद्दत और धैर्य के साथ काम करना पड़ता है। सच कहूं तो एक्टिंग एक तपस्या है, ये आसान तो कतई नहीं।