मुख्यपृष्ठग्लैमर`मैंने भरपूर मस्ती की हैै!': खुशहाली कुमार

`मैंने भरपूर मस्ती की हैै!’: खुशहाली कुमार

टी सीरीज की मालकिन और नवोदित अदाकारा खुशहाली कुमार जल्द ही फिल्म `धोखा राउंड द कॉर्नर’ से बॉलीवुड में डेब्यू कर रही हैं। इससे पूर्व वे वीडियो एलबमों के द्वारा दर्शकों को रिझा चुकी हैं लेकिन सिल्वर स्क्रीन पर यह उनकी पहली उपस्थिति होगी। पेश है, खुशहाली कुमार से सोमप्रकाश `शिवम’ की हुई बातचीत के प्रमुख अंश-

  • अपनी डेब्यू फिल्म `धोखा राउंड द कॉर्नर’ के बारे में बताएं?
    यह फिल्म बहुत ही खूबसूरत कहानी पर आधारित है और फिल्म के गाने भी बहुत ही मधुर हैं, जो दर्शकों को निश्चित ही रिझाएंगे। जैसा कि हर कलाकार को अपनी डेब्यू फिल्म की सफलता की पूरी उम्मीद रहती है, वैसे ही मैं भी इस फिल्म से अपने करियर के लिए सकारात्मक विचार रखती हूं। मुझे भरोसा है दर्शकों को मेरी ये फिल्म जरूर पसंद आएगी।
  • टी सीरीज की मालकिन होने के बावजूद अभिनय के क्षेत्र में कदम रखने की क्या वजह रही?
    मेरे पापा स्व. गुलशन कुमार बॉलीवुड में एक्टर बनने आए थे लेकिन उन्हें काम नहीं मिला। तब पापा ने अपनी खुद की कंपनी खड़ी की और स्वयं से वादा किया कि मैं कलाकार भले ही न बन पाया लेकिन मैं नए लोगों को कलाकार जरूर बनाऊंगा और आज उन्हीं का सपना साकार करते हुए मैं और मेरी कंपनी आगे बढ़ रही है।
  • एक ही फिल्म में दो तरह की भूमिकाएं निभाना कितना आसान रहा?
    आसान नहीं था पहली ही फिल्म में इस तरह की चुनौती को स्वीकार करना। वैसे फिल्म में मेरा बहुत ही जबरदस्त किरदार है, जिसमें कभी खुशी है तो कभी गम और कभी भरपूर मस्ती। ठीक उसी तरह फिल्म के गीत ‘जुवि जुवि जुव्वी…’ में मैं भरपूर मस्ती करती नजर आ रही हूं। एक कलाकार के नाते हर तरह की भूमिकाएं निभाना मुझे पसंद है।
  • बॉलीवुड में रीमेक फिल्मों और रीमिक्स गाने का दौर लगातार बढ़ता जा रहा है, ऐसे में क्या कभी बॉलीवुड इस रीमेक परंपरा से बाहर भी निकल पाएगा?
    ऐसा नहीं है, पुराने समय में भी बहुत सारे गाने और बहुत सारी फिल्में व्यापक स्तर पर सफल रही थीं, जिनके बारे में आज की जनरेशन को ज्यादा नॉलेज नहीं है। मुझे नहीं लगता कि यह सब बनाना किसी भी तरह से गलत होगा। आज रीमेक फिल्म बनाना या रीमिक्स गाना बनाना नई जनरेशन को उससे जोड़ने का प्रयास है। मैं यकीनन कह सकती हूं कि रीमेक फिल्में व रीमिक्स गानों से दर्शकों को वाकई भरपूर मनोरंजन मिल रहा है, तभी इसका प्रचलन भी बॉलीवुड में तेजी से हो रहा है।
  • बॉलीवुड में बढ़ते अंग्रेजी कल्चर से आप कहां तक सहमत हैं?
    मैं इससे पूरी तरह सहमत नहीं हूं। मुझे लगता है अगर सामने वाला हिंदी में बात कर रहा है तो हमें भी उसको हिंदी में ही जवाब देना चाहिए और अगर कोई अंग्रेजी में बात कर रहा है तब अंग्रेजी में बात करना उचित होगा। पहले की तुलना में आज का दौर बदल रहा है और ये परिवर्तन स्वाभाविक है।

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