जब दे मेट!

भाग ६

मनमोहन सिंह

तकरीबन ३ महीने गुजर चुके थे। अन्ना को अचानक अपने देश यूक्रेन आना पड़ा था। उसकी मां की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। हालांकि, अब उसकी मां की तबीयत ठीक थी, लेकिन इलाज सबसे बड़ी समस्या थी उस वक्त, क्योंकि रूस ने अस्पतालों तक को नहीं बख्शा था। इस समय वह जापोरिजिया में थी। यूक्रेन का एक ऐसा शहर, जिसकी अपनी एक लंबी विरासत है। सामाजिक और ऐतिहासिक। अन्ना की कई पीढ़ियां इसी जापोरिजिया की गवाह रही हैं। उसका बचपन यहीं बीता। कुछ दिन पहले जब उसे पता चला कि जापोरिजिया रूस का निशाना बन रहा है तो बेहद घबरा गई। बात घबराने की ही थी। जापोरिजिया की एक और पहचान है न्यूक्लियर प्लांट के रूप में। यह प्लांट यूरोप में सबसे बड़ा और दुनिया में १० सबसे बड़े प्लांट्स में से एक है। यह प्लांट दक्षिणी यूक्रेन में नीपर नदी के किनारे स्थित है, जहां से यूक्रेन की राजधानी कीव से लगभग ५५० किमी दूर और चेरनोबिल से लगभग ५२५ किमी दूर। रूस ने इस पर २०१४ में कब्जा कर लिया था। जापोरिजिया न्यूक्लियर प्लांट का संचालन यूक्रेनी कर्मचारी और सुरक्षा रूसी सेना के हाथ में है। दोनों ही देश एक-दूसरे पर इस परमाणु प्लांट पर हमला करने का आरोप लगा रहे थे। अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने चेतावनी दी थी कि अगर दोनों देशों ने संयम नहीं बरता और एक भी गोला न्यूक्लियर प्लांट के अंदर गिरा तो तुरंत रेडिएशन की सुनामी आ सकती है। चेरनोबिल न्यूक्लियर प्लांट दुर्घटना को आज तक दुनिया नहीं भूल पाई तो वहां के लोग वैâसे भूल सकते थे।
राशाद और उसके बीच फोन पर लगातार बातें होती रहती थीं। उसने न्यूक्लियर प्लांट का जिक्र राशाद से भी किया था। यूक्रेन के हालात और खराब होते जा रहे थे। अन्ना के माता-पिता भी चाह रहे थे कि वह यूक्रेन छोड़कर वापस तुर्की चली जाए।
कुछ महीने यूं ही और बीत गए। अन्ना लौट आई थी। एक्रिन के कमरे में वे दोनों बातचीत कर रहे थे। बातचीत का मुद्दा था, तुर्की के इतिहास को लेकर। एक्रिन बता रही थी कि एक जमाने का लिबरल तुर्की आज ऑर्थोडॉक्स होता जा रहा था। ये दुनिया का अकेला मुस्लिम बहुमत वाला देश रहा है, जो कि धर्म निरपेक्ष है। उसका श्रेय जाता है, आधुनिक तुर्की के निर्माता अतातुर्क यानी तुर्की के पिता मुस्तफा कमाल पाशा को। एक्रिन ने कहा, `इस देश के बदलते हालात से मैं हिल गई हूं बुरी तरह..’ उसके ये शब्द पूरे हुए भी नहीं थे कि दोनों ही जमीन पर गिर गए। दोनों ही को समझ में नहीं आया कि अचानक हुआ क्या? अन्ना ने हल्के से मजाक के सुर में कहा, `तुमने अभी-अभी कहा कि तुम हालात से बुरी तरह हिल गई हो! लेकिन यहां तो पूरी की पूरी जमीन हिल गई है!’ उसके वाक्य पूरे होते-होते और एक बार जमीन हिली। एक्रिन के मुंह से निकला’ `ओह डेप्राम…जलजला..अर्थक्वेक’
कुछ वक्त बाद एक्रिन उठी और उसने खिड़की से बाहर देखा तो चारों तरफ कोहराम मचा हुआ था। वह बाहर झांक रही थी कि एक बार फिर धरती कांपी और वह उछलकर बेड से टकरा गई। अन्ना ने उसे उठाया। अब बाहर जो शोर हो रहा था, वह कमरे में भी सुनाई देने लगा था। अन्ना का मोबाइल बज उठा। दूसरी तरफ राशद था। उसने पूछा, `हैलो अन्ना… तुम ठीक हो? यहां पर जलजला आया है। घबराओ मत मैं पहुंच रहा हूं।’ उसकी आवाज कांप रही थी।
अचानक एक जोर का धमाका हुआ। वह इमारत जिसमें एन्ना और एक्रिन थे, उसका एक हिस्सा धड़-धड़ाकर गिर पड़ा। एन्ना के हाथों से मोबाइल छिटक कर दूर गिर गया। एन्ना राशाद से कह रही थी…क्या तुमने सुना? मुझे तुमसे प्यार है! क्या तुमने सुना? मैंने तुम्हें कुछ टेक्स्ट किया है।
क्रमश:

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