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जैकलीन हुईं गमगीन!…श्रीलंका संकट पर लिखी लंबी पोस्ट

•  २००६ में चुनी गई थीं मिस श्रीलंका
• श्रीलंका के हालात दिल को तोड़नेवाले हैं
• मेरे देश को किसी जजमेंट की जरूरत नहीं
सामना संवाददाता / मुंबई। बॉलीवुड में श्रीलंका से आई अभिनेत्री जैकलीन फर्नांडिस इन दिनों गमगीन हैं। इस गम का कारण श्रीलंका के ताजा हालात हैं। श्रीलंका इन दिनों गहरे आर्थिक संकट से जूझ रहा है। वहां खाने-पीने से लेकर बिजली व तेल का संकट पैदा हो चुका है। महंगाई चरम पर पहुंच गई है।
गौरतलब है कि श्रीलंका अपने अभी तक के सबसे बड़े और गंभीर संकट से गुजर रहा है। श्रीलंका और उसके नागरिकों के हाल काफी खराब हैं। ऐसे में दुनियाभर के लोग और राजनेता इसके बारे में बात कर रहे हैं। हर तरफ श्रीलंका के संकट की खबरें छाई हुई हैं। ऐसे में जैकलीन फर्नांडिस की इस मामले पर चुप्पी कई लोगों को खटक रही थी। अब जैकलीन ने अपनी चुप्पी को तोड़ दिया है। जैकलीन ने इंस्टग्राम पर एक लंबी पोस्ट लिखी है। इसमें उन्होंने अपने देश को बचाव किया है। उन्होंने लिखा, ‘एक श्रीलंकाई होने के नाते मेरे देश और उसमें रहनेवाले लोगों के ऐसे हाल होते देखना दिल तोड़नेवाली बात है। जब से यह संकट शुरू हुआ है, मुझे दुनियाभर से कई बातें सुनने को मिली हैं। मैं कहना चाहूंगी कि कुछ भी देखने के बाद यूं ही जल्दी से जजमेंट ना दें। मेरे देश के लोगों को किसी जजमेंट की जरूरत नहीं है। उन्हें दयालुता और सपोर्ट की जरूरत है। उनकी ताकत और भलाई के लिए २ मिनट की शांति से की गई प्रार्थना आपको उनके ज्यादा नजदीक लेकर आएगी। इसका ऐसा उपाय निकले जिससे सभी को शांति मिले और लोगों का भला हो। इस समस्या का सामना करनेवालों को ताकत मिले ऐसी मेरी कामना है।’ जैकलीन फर्नांडिस के पिता एलरॉय श्रीलंका से हैं। कॉलेज की पढ़ाई पूरी करने के बाद जैकलीन ने कुछ श्रीलंकाई नाटकों में काम किया था। उन्होंने २००६ में मिस श्रीलंका खिताब जीता भी था। इसके बाद उन्होंने मिस यूनिवर्स २००६ में श्रीलंका का प्रतिनिधित्व भी किया था। श्रीलंका पर कोरोना काल काफी भारी पड़ा है। श्रीलंका में इस समय विदेशी मुद्रा की कमी चल रही है। ऐसे में देश में खाने और तेल को आयात करने पर बुरा असर पड़ा है। इस वजह से देशभर में पॉवर कट, खाने के सामान की कमी और अन्य समस्याएं हो रही हैं। इस वजह से श्रीलंका अपने साथी देशों से मदद की गुहार लगा रहा है। उसने हिंदुस्थान से मदद मांगी है और हिंदुस्थान वहां सहायता सामग्री भेज रहा है।

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