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जापान का नया ‘ट्रेंडिंग’ बिजनेस …आओ तुम्हें रोना सिखाएं

मनमोहन सिंह

३३ साल की खूबसूरत हिजूकी अपने केबिन में सुबक-सुबक कर रो रही है। उसका गुलाबी चेहरा लाल हो गया है। छोटी-छोटी आंखें लाल हो गई हैं। चेहरे पर उठी हुई उसकी छोटी-सी नाक भी सुर्ख हो गई है।
उसके सामने एक आकर्षक नौजवान बैठा हुआ है। आहिस्ता-आहिस्ता वह हिजूकी के सिर पर हाथ फिराने लगता है। हिजूकी का सब्र टूट जाता है और वह हिचकियां लेकर रोने लगती है। नौजवान गुलाबी रंग का रूमाल निकालकर उसके आंसू पोंछने लगता है। हिजूकी जोर से उसके हाथों को पकड़ लेती है। अब वह अपनी चेयर से उठकर उस नौजवान के कंधे पर अपना सिर रख देती है। अब वह खुद को काफी हल्का महसूस करती है।
‘तुम्हें याद है, मेरा नाम क्या है?’
हिजूकी भरी आंखों से उसकी तरफ देखते हुए हां में सिर हिलाती है।
‘तो बताओ?’
‘हारूकी’
‘हारूकी का मतलब पता है तुम्हें?’
‘तुम्हीं बता दो न।’
‘हारूकी का मतलब है स्प्रिंग चाइल्ड और इसका दूसरा अर्थ है ब्राइटनेस या फिर जिंदादिल। लेकिन तुम्हारे नाम के सामने कुछ भी नहीं… हिजूकी यानी चांद या राजकुमारी… तुम सचमुच राजकुमारी हो… चंद्रमा की महारानी… तुम्हारा नाम निशिदा होता तो उसका अर्थ होता चांदनी रात और चांदनी रात में तुम्हारे साथ कौन होता?’
‘तुम… और कौन कोई नहीं।’
‘मैं… बड़ा खुश किस्मत हूं मैं… तुम मुझे हारूकी के बदले ‘रुकी’ कहकर भी बुला सकती हो प्यार से…!’
जापान में हिजूकी की तरह कई युवतियां हैं, जो रोना चाहती हैं… अपने इमोशंस शेयर करना चाहती हैं और चाहती एक कंधा जिस पर सिर टिकाकर वह अपना मन हल्का करे सकें… दफ्तर ही नहीं, बल्कि जहां भर की परेशानियों से खुद को फ्री रख सकें।
वहीं हारूकी जैसे कई नौजवान हैं जो इन युवतियों की संवेदनाओं को समझते हुए, उनके जज्बातों की कद्र करते हुए उन्हें भावनात्मक सहारा देते हैं, ताकि उनके दिल का गुबार बाहर निकल सके। हालांकि, इन नौजवान युवकों की अपनी एक फीस होती है जो इन युवतियों को चुकानी पड़ती है।
युवतियों के आंसू पोंछने वाले और इमोशंस शेयर करनेवाले इन युवकों को ‘हैंडसम वीपिंग बॉयज’ कहा जाता है। यानी आंसू पोंछने वाले खूबसूरत युवा। तनावग्रस्त लोगों के आंसू पोंछकर उन्हें कम्फर्ट बनाने वाले यह प्रोफेशनल वीपिंग बॉयज अपने कस्टमर्स (युवतियों/महिलाओं) को इमोशनल सर्पोट देने में कोताही नहीं करते।
इस सर्विस को मुहैया करानेवाले बिजनेसमैन हिरोकी तराई के अनुसार, ‘इकेमेसो दान्शी’ सर्विस को शुरू करने की असल वजह थी, ताकि‍ लोग खुलकर रो पाएं और अपने भीतर के गम को बाहर निकाल सकें। क्‍योंकि‍ साइंस भी कहता है कि रोना सेहत के लिए जरूरी है। रोने से भीतर का तनाव कम होता है। इस तरह की सर्विस शुरू करना एक नई पहल थी। इस सर्विस का कॉन्‍सेप्‍ट रुई-कात्‍सु यानी आंसू तलाशने की थ्योरी पर आधरित है, जिसका उद्देश्‍य है ऐसा वातावरण तैयार करना जहां लोग खुलकर भावनात्‍मक अभिव्‍यक्ति को जाहिर कर सकें और लोगों को सर्पोट मिल सके।
इस सर्विस के तहत कई तरह के इकेमेसो बॉयज की कैटेगरी है, जो क्लाइंट की डिमांड के अनुसार अलग-अलग तरह के इमोशनल सर्पोट सर्विसेज देते हैं। इमोशनल टच से लेकर आउटिंग सर्विसेज हैं। जिसमें रेंट-ए- और नॉन सेक्‍सुअल कड‍लिंग सेशन सर्विसेज है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, इकेमेसो दान्शी के अलावा, टोक्यो में रेंट-ए-प्रâेंड सेवाओं सहित इसी तरह के बिजनेस में काफी तेजी देखी जा रही है। ‘हैंडसम वीपिंग बॉयज’ के रेट अलग-अलग हैं और शुरुआत ७,९०० येन यानी ४,४०० रुपए से होती है।

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