मुख्यपृष्ठनए समाचारठाणे में जरांगे की सभा!, बिगड़ सकती है कानून व्यवस्था

ठाणे में जरांगे की सभा!, बिगड़ सकती है कानून व्यवस्था

सामना संवाददाता / ठाणे

मराठा आरक्षण के लिए राज्य का दौरा कर रहे मनोज जरांगे ठाणे के गडकरी रंगायतन और कल्याण के कोलसेवाड़ी में एक सार्वजनिक सभा करेंगे, लेकिन इस सभा के कारण सामाजिक कलह उत्पन्न होने से कानून व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हो सकती है। सामाजिक कलह न हो इसलिए सभा के साथ-साथ रोड शो की दी गई अनुमति को समय रहते अस्वीकृत किया जाए, ऐसी मांग करते हुए ठाणे जिला ओबीसी फेडरेशन के नेताओं ने शुक्रवार को ठाणे कलेक्टर व डिप्टी कलेक्टर गोपीनाथ थोंबरे को निवेदन दिया। इसके अलावा, ठाणे जिला ओबीसी ने पुलिस आयुक्त कार्यालय के पुलिस उपायुक्त महेश पाटील को भी एक निवेदन दिया है।
बता दें कि मराठा आरक्षण के नेता जरांगे की बैठक के बाद ठाणे जिला ओ.बी.सी. फेडरेशन की बैठक गुरुवार को टिटवाला स्थित कार्यालय में हुई। इसमें मुरबाड, शाहपुर, बदलापुर, अंबरनाथ, नई मुंबई, कल्याण, भिवंडी, ठाणे आदि तालुकाओं से ओबीसी समुदाय के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। इस बैठक में जरांगे और उनके समर्थकों द्वारा दिए गए बयानों पर चर्चा की गई और लिए गए निर्णय के अनुसार कलेक्टर को एक निवेदन दिया गया। इस प्रतिनिधिमंडल में शामिल नेताओं में आगरी सेना के वरिष्ठ नेता दशरथ पाटील, जी.पी. के पूर्व सदस्य सुभाष घरत, एनसीपी के जयराम मेहर, शिवसेना के रामभाऊ दलवी, विश्वनाथ जाधव, सोमनाथ मिरकुटे, संतोष विशे आदि ने मुलाकात की और निवेदन दिया।
ठाणे में ७० फीसदी ओबीसी समाज के लोग
ठाणे जिले में ओबीसी समुदाय लगभग ७० प्रतिशत है और अन्य सभी समुदायों की तुलना में यह बहुसंख्यक समुदाय है। ओबीसी समुदाय मराठा समुदाय और अन्य समुदायों के साथ हर त्यौहार मनाता है।

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