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मराठा आरक्षण के मुद्दे पर जरांगे-भुजबल आमने-सामने

शिंदे-फडणवीस सरकार ने राज्य में कुनबी रिकॉर्डवाले मराठा परिवारों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसलिए इन मराठा परिवारों को कुनबी जाति प्रमाण पत्र के साथ ओबीसी आरक्षण में शामिल किया जाएगा। राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री छगन भुजबल समेत राज्य के ओबीसी नेताओं ने इस आरक्षण का विरोध किया है। कुनबी जाति प्रमाणपत्र के मुद्दे पर मराठा आरक्षण की लड़ाई लड़ रहे मनोज जरांगे पाटील और छगन भुजबल आमने-सामने आ गए हैं।

विवाद पैदा करने का कर रहे हैं भुजबल पाप!

पूर्व सांसद संभाजी राजे छत्रपति ने भी भुजबल की आलोचना की है। संभाजीराजे छत्रपति ने माइक्रोब्लॉगिंग प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट किया है। इसमें उन्होंने कहा है कि छगन भुजबल राज्य के सामाजिक वातावरण को खराब करने का काम कर रहे हैं। जब आम ओबीसी भाइयों का मराठा समुदाय से कोई विरोध नहीं है तो वे केवल अपनी राजनीतिक स्थिति बनाए रखने के लिए दोनों समुदायों के बीच संघर्ष पैदा करने का पाप क्यों कर रहे हैं?

‘मुझे मंत्री पद की नहीं है परवाह’
संभाजीराजे को संबोधित करते हुए छगन भुजबल ने कहा, ‘याद रखें महाराज, छगन भुजबल को न तो मंत्री पद की परवाह है और न ही विधायक पद की। वह गरीबों के लिए ल़ड़ेगा। परंतु राज्य के राजा तो आप हैं न? छत्रपति शाहू की गद्दी पर बैठे हैं तो सबको न्याय दें महाराज। किसी पर अन्याय न हो’, इसका ध्यान रखें।

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