मुख्यपृष्ठधर्म विशेषजीवन दर्पण: चंद्रमा छठे भाव नकारात्मक सोच पैदा करता है!

जीवन दर्पण: चंद्रमा छठे भाव नकारात्मक सोच पैदा करता है!

डाॅ. बालकृष्ण मिश्र।  गुरु जी, मेरी राशि क्या है और मेरी शिक्षा कैसी होगी, क्या कुंडली में किसी प्रकार का दोष है? – संजय भोसले
(जन्मतिथि- ४ दिसंबर २०१४, समय- प्रात: ७.५६ बजे, स्थान- बदलापुर, महाराष्ट्र)
संजय जी, आपका जन्म भरणी नक्षत्र के द्वितीय चरण में हुआ है। आपकी राशि मेष बन रही है। आपका जन्म वृश्चिक लग्न में हुआ है। वृश्चिक लग्न का स्वामी मंगल उच्च राशि का हो करके आपकी कुंडली में पराक्रम भाव पर बैठ करके आपको पराक्रमी बनाया हुआ है और आपकी शिक्षा भी अच्छी होगी। आपके जन्म के बाद आपके पिता के कार्यक्षेत्र का भी विकास हुआ होगा लेकिन चंद्रमा ग्रह आपकी कुंडली में छठे भाव पर बैठा हुआ है, जो आपके स्वास्थ्य में कभी-कभी शिताधिक्य के कारण परेशानियां भी पैदा करता है। बृहस्पति ग्रह आपकी कुंडली में उच्च राशि का होकर आपको बहुत बुद्धिमान बनाया हुआ है और आपकी शिक्षा बहुत ऊंची रखेगा। जीवन की विशेष गहराइयों को जानने के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाना चाहिए।

गुरु जी, मेरी राशि क्या है और मेरी शिक्षा कैसी होगी? – आकाश तिवारी
जन्मतिथि- १० अक्टूबर २०१७, समय- प्रात: ८.४८ बजे, स्थान- बदलापुर, महाराष्ट्र)
आकाश जी, आपका जन्म रोहिणी नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ है। राशि आपकी वृषभ में बन रही है। यदि आपकी शिक्षा की बात हम करेंगे तो तुला लग्न में आपका जन्म हुआ है। तुला लग्न में ही बृहस्पति बैठकर पंचम भाव को देख रहा है इसलिए आप बहुत बुद्धिमान हैं और आपकी शिक्षा बहुत अच्छी होगी। आपकी कुंडली में बुध और सूर्य ग्रह के कारण बुधादित्य योग भी बना हुआ है। बुधादित्य योग के कारण आप बहुत बुद्धिमान हैं लेकिन स्वभाव से जिद्दी भी होंगे क्योंकि आपकी कुंडली में कालसर्प योग भी विद्यमान है। कालसर्प योग की पूजा कराएं, इससे जीवन में सफलता का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा।

गुरु जी, मैं मानसिक चिंता में बहुत रहता हूं, कोई उपाय बताएं। मुझे मानसिक चिंता क्यों परेशान करती है? – संजय यादव
(जन्मतिथि- १३ अगस्त १९८१, समय- प्रात: ५.१९ बजे, स्थान- भदोही, उत्तर प्रदेश)
संजय जी, आपका जन्म पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ है। आपकी राशि धनु बन रही है। राशि के आधार पर अगर हम बात कर रहे हैं तो आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। यदि लग्न के आधार पर आपकी कुंडली की बात करूं तो कर्क लग्न में आपका जन्म हुआ है। कर्क लग्न का स्वामी चंद्रमा है। वह चंद्रमा छठे भाव पर बैठा हुआ है। चंद्रमा छठे भाव पर यदि बैठता है तो नकारात्मक सोच समय-समय पर पैदा करता है और लग्न में ही राहु के साथ में सूर्य बैठकर ग्रहण योग भी बनाए हुए है। आपकी कुंडली में पितृदोष भी बना हुआ है। इस पितृ दोष के कारण आप मानसिक डिप्रेशन में भी रहते हैं और नकारात्मक सोच भी आपके अंदर आती है। यदि महादशा की बात करें तो इस समय राहु की महादशा चल रही है। राहु की महादशा में शुक्र का अंतर चल रहा है। राहु के कारण ग्रहण योग बन रहा है। जीवन की विशेष जानकारियों को प्राप्त करने के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाना चाहिए।

गुरु जी,मेरी राशि क्या है, क्या मेरी कुंडली में कोई दोष है? – वंदना श्रीवास्तव
(जन्मतिथि- २० सितंबर १९८५, समय- प्रात:५.१५ बजे, स्थान- मुंबई)
वंदना जी, आपका जन्म वृश्चिक राशि में हुआ है। यदि लग्न के आधार पर देखें तो सिंह लग्न में आपका जन्म हुआ है। सिंह लग्न का स्वामी सूर्य है और वह सूर्य आपकी कुंडली में द्वितीय भाव पर बुध के साथ में बैठकर बुधादित्य योग बनाया है। आपकी राशि पर अगर गोचर के आधार पर देख रहे हैं तो चंद्रमा ग्रह के साथ में केतु बैठा हुआ है, जो मानसिक दबाव कभी-कभी बनाता है। लग्न के आधार पर अगर हम देख रहे हैं तो लग्न में ही मंगल बैठा हुआ है और वह मंगल आपके अंदर चिड़चिड़ापन भी पैदा कर रहा है। शिव जी की आराधना आपके लिए ज्यादा लाभकारी होगी। संतान की कुशलता के लिए आपको प्रदोष व्रत रखना चाहिए। जीवन की विशेष गहराइयों को जानने के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाना चाहिए।

गुरु जी, मैं अपनी जिंदगी में बहुत परेशान हूं कृपया कोई उपाय बताएं? -भीम शर्मा
(जन्मतिथि- १३ जून १९८४, समय- २.३५ बजे, स्थान- मुंबई)
भीम जी, आपका जन्म जेष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण में हुआ है। आपकी राशि वृश्चिक बन रही है। राशि के आधार पर विचार करें तो आपकी राशि पर नीच राशि का चंद्रमा बैठा हुआ है और गोचर में इस समय चंद्रमा के साथ में केतु भी बैठा हुआ है। चंद्रमा के साथ केतु यदि बैठता है तो जीवन में बार-बार सफलता भी लाता है। आपकी कुंडली को सूक्ष्मता से देखें तो भाग्य भाव पर सूर्य ग्रह के साथ में राहु बैठकर ग्रहण योग भी बनाया हुआ है। आपकी कुंडली में पितृदोष भी है। आपको पितृदोष की शांति वैदिक विधान से करना जरूरी है, तभी आप हर प्रकार की सुख-सुविधा को प्राप्त कर सकते हैं। जीवन की गहराइयों को जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

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