मुख्यपृष्ठसमाज-संस्कृतिजीवन दर्पण: शिव को आराधना से रिझाएं, चंद्रमा को अनुकूल बनाएं!

जीवन दर्पण: शिव को आराधना से रिझाएं, चंद्रमा को अनुकूल बनाएं!

डाॅ. बालकृष्ण मिश्र।
गुरु जी, मेरी शादी कब होगी और नौकरी किस प्रकार की रहेगी, कृपया कोई उपाय बताएं? – नीरज

(जन्मतिथि- ९ दिसंबर १९८८, समय-१८.४५ बजे, स्थान- मुंबई)
नीरज जी, आपका जन्म ज्येष्ठा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ है। आपकी राशि वृश्चिक बन रही है। नीरज जी अगर आपकी कुंडली को ही देख लें तो आपका जन्म मिथुन लग्न में हुआ है। यदि मैरिज के बारे में हम देख रहे हैं तो सप्तम भाव का स्वामी बृहस्पति है। वह बृहस्पति आपकी कुंडली में दशम भाव का भी स्वामी होकर के १२वें भाव पर बैठा है। सप्तमेश बारहवें भाव पर बैठता है तो विवाह में बार-बार विघ्न की स्थिति रहती है। प्रोफाइल तो आपके पास बहुत ही आता होगा लेकिन अनुकूल प्रोफाइल नहीं आता है इसलिए आपके विवाह का अनुकूल समय नहीं आ पा रहा है क्योंकि चंद्रमा आपकी कुंडली में द्वितीय भाव का स्वामी है, जो नीच राशि का है। आपकी कुंडली मांगलिक नहीं है लेकिन सप्तम भाव पर शनि बैठकर विवाह में विलंब कर रहा है। आपको शनि का उपाय करना चाहिए क्योंकि २९ अप्रैल, २०२२ से शनि की ढैया भी आनेवाली है। शनि का उपाय करिए जल्द-से-जल्द आपकी शादी हो जाएगी और कहीं-न-कहीं नौकरी भी लग जाएगी। मैरिज के बाद का समय आपके लिए बहुत बेहतर होगा। जीवन की अन्य गहराइयों को जानने के लिए संपूर्ण जीवन बनवाएं।
गुरु जी, मेरी शादी में रुकावट क्यों आ रही है। कृपया कोई उपाय बताएं? – विनोद भंडारी
(जन्मतिथि- १५ मई १९९१, समय- रात्रि ७.५८ बजे, स्थान- कोरेगांव, सातारा)
आपका जन्म रोहिणी नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ है और राशि आपकी वृषभ बन रही है। वृषभ राशि पर चंद्रमा उच्च का होता है। यदि आपके विवाह में आनेवाली सुविधाओं को हम देख रहे हैं तो वृश्चिक लग्न में आपका जन्म हुआ है। वृश्चिक लग्न का स्वामी मंगल आपकी कुंडली में अष्टम भाव पर बैठकर आपकी कुंडली को मांगलिक भी बनाए हुए है। सप्तम भाव का स्वामी शुक्र आपकी कुंडली में अष्टम भाव पर ही केतु के साथ बैठा है और सप्तम भाव पर ही उच्च राशि का चंद्रमा सूर्य के साथ बैठा है। आपकी शादी की बात कहीं-कहीं चलेगी लेकिन आपको मंगल का उपाय करना होगा। सूर्य का उपाय करने के लिए आपको ९ किलो गेहूं और १ किलो चीनी १२ रविवार किसी गरीब को देना चाहिए। मंगल ग्रह के लिए १ किलो लाल मसूर की दाल ८ मंगलवार किसी सफाईकर्मी को जरूर दें तो विवाह में आनेवाली रुकावटें जल्द दूर हो जाएंगी। जीवन की अन्य गहराइयों को जानने के लिए संपूर्ण जीवन बनवाएं।
गुरु जी, मेरा काम बनते-बनते बिगड़ जाता है। बहुत परेशानियां चल रही हैं कोई उपाय आप बताएं?
-राम केदारनाथ कटारिया
(जन्मतिथि- १३ अगस्त १९६९, समय- ६.३५ सुबह बजे, स्थान- मुंबई)
राम केदारनाथ जी, आपका जन्म श्लेषा नक्षत्र के तृतीय चरण में हुआ है और आपकी राशि कर्क बन रही है। अमावस्या तिथि में आपका जन्म हुआ है। अमावस्या तिथि में चंद्रमा क्षीण का होता है और अमावस्या में जन्म लेने वालों की कुंडली में पितृ दोष बना रहता है। इस पितृ दोष के कारण आपका काम बनते-बनते बिगड़ जाता है क्योंकि अष्टम भाव पर आपकी कुंडली में राहु बैठा है। आपको चंद्रमा को अनुकूल बनाने के लिए शिव की पूजा ज्यादा से ज्यादा करनी चाहिए और रुद्राभिषेक कराएंगे तो ज्यादा बेहतर होगा। वैसे २९ अप्रैल के बाद आपके जीवन में परिवर्तन आएगा लेकिन प्रतिदिन आपको विष्णु सहस्रनाम का पाठ यूट्यूब के माध्यम से सुनना चाहिए। जीवन की अन्य गहराइयों को जानने के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाना चाहिए।
गुरु जी, मेरा विवाह कब होगा। कृपया कोई उपाय बताएं? – विक्रम जोशी
(जन्मतिथि- २१ जनवरी १९८६,समय- रात्रि में ११.५४ बजे, स्थान- राजस्थान)
विक्रम जोशी जी, आपका जन्म रोहिणी नक्षत्र के तृतीय चरण में हुआ है। आपकी राशि वृषभ बन रही है। वृषभ राशि पर चंद्रमा तो उच्च राशि का होता है। यदि विवाह के बारे में हम बात करेंगे तो आपकी कुंडली मांगलिक नहीं है लेकिन अष्टम भाव पर राहु बैठा हुआ है और द्वितीय भाव पर मंगल ग्रह के साथ में केतु बैठा हुआ है। आपकी कुंडली में कालसर्प योग भी बना हुआ है। कालसर्प योग के कारण आपके पास प्रोफाइल तो आते होंगे लेकिन अनुकूल प्रोफाइल नहीं आते हैं, इस कारण आप शादी के लिए आगे नहीं बढ़ पा रहे हैं। यदि महादशा के आधार पर आपकी कुंडली की बात करें, वर्तमान समय में बृहस्पति की महादशा चल रही है और शुक्र का अंतर चल रहा है। विवाह के लिए बहुत ही उपयुक्त समय है। आपको कालसर्प दोष की पूजा करवा लेना चाहिए तो २०२२ में ही आपकी शादी कहीं न कहीं निर्धारित हो सकती है। जीवन की संपूर्ण गहराइयों को जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवा सकते हैं।

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