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जीवन दर्पण :  हनुमान जी का दर्शन करने से परेशानियां होने लगेंगी दूर

 डॉ. बालकृष्ण मिश्र

गुरुजी, मेरा विवाह कब होगा और अपनी पसंद से क्या मैं विवाह कर सकता हूं? – राहुल सिंह
(जन्म- २२ अक्टूबर १९९६, रात्रि- १२.५५, स्थान- कुर्ला, मुंबई)
राहुल जी, आपका जन्म मंगलवार के दिन धनिष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण में हुआ है। आपकी राशि कुंभ बन रही है। कुंभ राशि पर वर्तमान समय में शनि की साढ़ेसाती भी चल रही है। यदि आपकी मैरिज को हम देखें तो कर्क लग्न में आपका जन्म हुआ है। कर्क लग्न का स्वामी चंद्रमा आपकी कुंडली में अष्टम भाव पर बैठा है इसलिए आपकी कुंडली मांगलिक नहीं है, लेकिन चौथे स्थान पर सूर्य के बैठने से जीवन साथी का चयन करने में किसी न किसी प्रकार की अड़चन आ रही है। लग्न भाव का स्वामी चंद्रमा आपकी कुंडली में अष्टम भाव पर बैठ करके यह संकेत दे रहा है कि आप अपनी इच्छा से विवाह करना चाह रहे हैं, लेकिन आपको माता-पिता की सहमति के बगैर विवाह नहीं करना चाहिए। आपके विवाह को अगर हम देखें कि आपका विवाह कब होगा तो आप शनि का उपाय करें। २०२५ में आपका विवाह हो सकता है।

गुरुजी, मेरी शिक्षा और स्वास्थ्य वैâसा होगा?
– अर्जुन गुप्ता
(जन्म- २ अगस्त २०१५, समय- रात्रि ४.४२ मिनट, स्थान- प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश)
अर्जुन जी, आपका जन्म रविवार के दिन धनिष्ठा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ है और आपकी राशि कुंभ बन रही है। लग्न के आधार पर कर्क लग्न का स्वामी चंद्रमा है और चंद्रमा आपकी कुंडली में अष्टम भाव पर बैठा है। इस कारण आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती भी चल रही है। इसकी वजह से स्वास्थ्य थोड़ा ऊपर-नीचे हो सकता है, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है। आपको शनि का उपाय करना चाहिए। अगर शिक्षा को हम देखें तो आपकी शिक्षा अच्छी होगी और लग्न में ही नीच राशि का मंगल भी बैठा हुआ है इसलिए आपकी कुंडली मांगलिक है।

गुरुजी, मैं बेहद परेशान हूं। मेरी परेशानी कब तक दूर होगी?
– सौरभ शर्मा
(जन्म- २ मार्च १९७३, समय- १२.५५ स्थान- जौनपुर, उत्तर प्रदेश)
सौरभ जी, आपका जन्म श्रवण नक्षत्र के द्वितीय चरण में हुआ है और आपकी राशि मकर बन रही है। मकर राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। शनि की यह साढ़ेसाती जनवरी २०२५ में समाप्त हो जाएगी। लग्न के आधार पर अगर हम बात करें तो मिथुन लग्न में आपका जन्म हुआ है और शनि की साढ़ेसाती का उपाय आपको करना चाहिए। शनि की साढ़ेसाती के उपाय के लिए प्रतिदिन आपको पीपल के पेड़ की परिक्रमा ७ मिनट तक करना चाहिए और परिक्रमा करते समय ‘ॐ पिप्लाश्रय संस्थिताय नम:’ मंत्र का जाप करें। इसके साथ ही प्रतिदिन तीन बार हनुमान चालीसा का भी पाठ कर हनुमान जी का दर्शन करें। यदि यह उपाय करेंगे तो आपकी परेशानियां धीरे-धीरे समाप्त होने लगेंगी।

गुरुजी, मेरी परेशानियां कब तक दूर होंगी कृपया बताएं?
– सचिन यादव
(जन्म- २६ फरवरी १९९२, समय- दिन बुधवार रात्रि ९.३५, स्थान- भदोही, उत्तर प्रदेश)
सचिन जी, आपका जन्म बुधवार के दिन ज्येष्ठा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ है और आपकी राशि वृश्चिक बन रही है। आपकी राशि पर शनि की ढैया प्रारंभ हो गई है। गोचर के आधार पर अगर हम बात करें तो आपकी राशि से चौथे स्थान पर शनि बैठ करके रोग भाव और दशम भाव को अपनी पूर्ण दृष्टि से देख रहे हैं इसलिए शनि का उपाय करना आवश्यक है। आपको प्रतिदिन तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए।

गुरुजी, पैसे कमाने के बावजूद बचत नहीं कर पाता, उपाय बताएं?
– कुमारेंद्र मोदनवाल
(जन्म- ३० मार्च १९८४, समय- प्रात: ६.२५, स्थान- जोगेश्वरी, मुंबई)
कुमारेंद्र जी, आपका जन्म शुक्रवार के दिन हुआ है और आपकी राशि कुंभ बन रही है। कुंभ राशि पर वर्तमान समय में शनि की साढ़ेसाती चल रही है। यदि लग्न के आधार पर हम आपकी कुंडली को देखें तो मीन लग्न में आपका जन्म हुआ है। शनि आपकी कुंडली में १२वें भाव का स्वामी है। गोचर के आधार पर हम बात करें तो लग्न में ही शनि वैभव का स्वामी हो करके बैठा हुआ है इसलिए व्यय की अधिकता बनी हुई है। शनि का उपाय करने से बचत होने लगेगी। शनि के उपाय के लिए काला तिल, काली उड़द, बादाम, कच्चा कोयला, एक नारियल और काला कपड़ा यह सारी सामग्री अपने सिर से सात बार घुमाकर बहते हुए पानी में डालें।

ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर आपको देंगे सलाह। बताएंगे परेशानियों का हल और आसान उपाय। अपने प्रश्नों का ज्योतिषीय उत्तर जानने के लिए आपका अपना नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म स्थान मोबाइल नं. ९२२२०४१००१ पर एसएमएस करें। उत्तर पढ़ें हर रविवार…!

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