मुख्यपृष्ठधर्म विशेषजीवन दर्पण : आर्थिक मजबूती के लिए करें पीपल की परिक्रमा

जीवन दर्पण : आर्थिक मजबूती के लिए करें पीपल की परिक्रमा

गुरुजी, मैं जॉब करूं अथवा बिजनेस, मुझे सफलता किस फील्ड में मिलेगी?
– मुकेश मिश्रा
(जन्म- २५ अप्रैल १९८७, समय- दिन में १०.२५, स्थान- भुलेश्वर, मुंबई)
मुकेश जी, आपका जन्म शनिवार के दिन उत्तरा भाद्रपद नक्षत्र के प्रथम चरण में हुआ है। आपकी राशि मीन बन रही है। लग्न के आधार पर अगर हम बात करें तो मिथुन लग्न में आपका जन्म हुआ है और मिथुन लग्न का स्वामी बुध है। बुध नीच राशि का हो करके आपकी कुंडली में दशम भाव पर बैठा है। वैसे आप व्यापारिक दिमाग के हैं इसलिए व्यापार में ही आपको सफलता मिलेगी, लेकिन व्यापार का विचार सप्तम भाव से किया जाता है। सप्तम भाव का स्वामी देवगुरु बृहस्पति उच्च राशि के शुक्र ग्रह के साथ और राहु ग्रह के साथ दशम भाव पर बैठा है इसलिए पहले आपको नौकरी फिर व्यापार से जुड़ना होगा। आपकी पत्नी की भी कुंडली को देखकर ही यह निर्धारित किया जा सकता है कि आपका व्यापार कब से प्रारंभ होगा और आप किस वस्तु का व्यापार कर सकते हैं। विशेष जानकारी के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाना चाहिए।

गुरुजी, मेरी आर्थिक स्थिति कब तक ठीक होगी, उपाय बताएं?
– शिवम सोनी
(जन्म- ९ सितंबर १९९७, समय- सायं ४.०० बजे, स्थान- प्रतापगढ़, उत्तर प्रदेश)
शिवम जी, आपका जन्म मंगलवार के दिन अनुराधा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ है और आपकी राशि वृश्चिक बन रही है। आपकी राशि पर शनि की ढैया चल रही है। शनि की ढैया खत्म होने के बाद आपकी आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी हो जाएगी क्योंकि शनि ही आपकी कुंडली में धन भाव का स्वामी है। इस समय शनि आपकी राशि से चौथे स्थान पर बैठा हुआ है इसलिए शनि का उपाय करना अति आवश्यक है। इसके लिए ४३ दिनों तक आप पांच मिनट तक पीपल के पेड़ की परिक्रमा करें। परिक्रमा करते समय ‘ॐ पिप्पलाश्रय संस्थिताय नम:’ मंत्र का जाप करें। विशेष जानकारी के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

गुरुजी, मेरी गरीबी कब तक दूर होगी, उपाय बताएं?
– विनोद दत्त
(जन्म- २१ मार्च १९७९, समय- ४.०० बजे प्रात:काल, स्थान- मुंबई)
विनोद जी, आपका जन्म बुधवार के दिन हुआ है और आपकी राशि वृश्चिक बन रही है। वर्तमान समय में वृश्चिक राशि पर शनि की ढैया का भी प्रभाव चल रहा है। यदि लग्न के आधार पर हम देखें तो आपका जन्म मकर लग्न में हुआ है और आपकी कुंडली में शनि धन भाव का स्वामी है, लेकिन चंद्रमा नीच राशि का है, चंद्रमा के आगे-पीछे कोई ग्रह नहीं है इसलिए मध्यम योग भी बन गया है। अपनी गरीबी को दूर करने के लिए ४३ दिनों तक आप पीपल के पेड़ की परिक्रमा कम से कम पांच मिनट तक जरूर करें। जीवन को विस्तारपूर्वक जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

गुरुजी, मेरी राशि क्या है और मेरा भविष्य क्या है?
– खुशी संजय शर्मा
(जन्म- ३० अगस्त २००५, समय- प्रात: ६.०५ बजे, स्थान- बागपत, उत्तर प्रदेश)
खुशी जी, आपका जन्म मंगलवार के दिन पुनर्वसु नक्षत्र के प्रथम चरण में हुआ है और आपकी राशि मिथुन बन रही है। अगर लग्न के आधार पर हम देखें तो सिंह लग्न में आपका जन्म हुआ है। सिंह लग्न में ही लग्न भाव का स्वामी सूर्य बैठा हुआ है इसलिए आप बहुत तेज स्वभाव की हैं। अगर आपके एजुकेशन को देखें तो आपका एजुकेशन भी बहुत अच्छा है, लेकिन १२वें भाव का स्वामी चंद्रमा आपकी कुंडली में लाभ भाव पर बैठकर पंचम भाव को अपनी पूर्ण दृष्टि से देख रहा है इसलिए मन की एकाग्रता आपके लिए विशेष लाभदायी होगी। जीवन को विस्तारपूर्वक जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

गुरुजी, मेरे बेटे का स्वास्थ्य कैसा होगा और शिक्षा कैसी रहेगी?
– वेदांश अमलेश उपाध्याय
(जन्म २१ जुलाई २०२०, समय- दिन में ३.२६, स्थान- भदोही, उत्तर प्रदेश)
अमलेश जी, आपके बेटे का जन्म मूल नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ है और बेटे की राशि कर्क बन रही है। कर्क राशि पर वर्तमान समय में शनि की ढैया का प्रभाव चल रहा है। यदि लग्न के आधार पर हम बात करें तो वृश्चिक लग्न में बेटे का जन्म हुआ है और राशि से आठवें स्थान पर शनि बैठ करके थोड़ा सा स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बनाएगा, लेकिन घबराने की आवश्यकता नहीं है। आप अपने बेटे को चांदी का चंद्रमा बनवाकर जरूर पहनाएं। इससे उसका स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। जीवन को विस्तारपूर्वक जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

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