मुख्यपृष्ठस्तंभजीवन दर्पण : कालसर्प योग की पूजा करवाएं, सुखी वैवाहिक जीवन पाएं!

जीवन दर्पण : कालसर्प योग की पूजा करवाएं, सुखी वैवाहिक जीवन पाएं!

डाॅ. बालकृष्ण मिश्र

गुरुजी, पति के साथ संबंध ठीक नहीं दिखाई दे रहे, क्या हमारा डायवोर्स होगा? – रामकुमारी
(जन्म १६ अक्टूबर १९८९ समय- ९.१३ सुबह स्थान- जबलपुर)
रामकुमारी जी, आपका जन्म वृश्चिक लग्न में हुआ है और आपकी राशि मेष बन रही है। कुंडली के आधार पर अगर हम आपकी मैरिज लाइफ देखें तो सप्तम भाव से वैवाहिक जीवन के बारे में विचार किया जाता है। सप्तम भाव का स्वामी शुक्र है, जो आपकी कुंडली में लग्न में बैठा है। आप नहीं चाहेंगी तो आपका डायवोर्स नहीं होगा। अपने वैवाहिक जीवन को अनुकूल बनाने के लिए कालसर्प योग की पूजा आप जरूर करवाएं।

गुरुजी, मेरा कुछ पैसा फंसा हुआ है। आर्थिक रूप से मैं काफी परेशान हूं। कोई उपाय बताएं? -जयराम गुप्ता
(जन्म- ८ अप्रैल १९६४ समय- २०.२५ स्थान- सांगली, महाराष्ट्र)
जयराम जी, आपका जन्म बुधवार के दिन धनिष्ठा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ है और आपकी राशि कुंभ बन रही है। इस समय कुंभ राशि पर शनि की साढ़ेसाती चल रही है। शनि की साढ़ेसाती की वजह से काफी परिश्रम करने के बावजूद आपको पूर्ण सफलता नहीं मिल पा रही है, लेकिन आपको सफलता मिल जाएगी। आपकी कुंडली में वासुकी नामक काल सर्प योग और भाग्य ग्रहण दोष बना हुआ है। भाग्य ग्रहण दोष के साथ ही कालसर्प योग की पूजा कराना भी जरूरी है। प्रतिदिन आपको मछलियों को चारा डालना चाहिए। धीरे-धीरे पैसा आपको मिलने लगेगा।

गुरुजी, मैं काफी दिनों से बहुत परेशान हूं। मन बहुत अशांत रहता है। आप मुझे सही मार्गदर्शन दें?
– शर्मिला टैगोर
(जन्म- २० जनवरी १९८० समय- १३.२५ स्थान- मुंबई)
शर्मिला जी, आपका जन्म शतभिषा नक्षत्र में वृषभ लग्न में हुआ है। आपकी कुंडली के आधार पर अगर हम आपके करियर को देखें तो आपका काफी अच्छा समय दिखाई दे रहा है, परंतु आपकी कुंडली पर इस समय शनि की साढ़ेसाती चल रही है। आपकी कुंडली में इस समय शनि की साढ़ेसाती ताम्रपाद पर चल रही है। आपकी जो भी समस्या और मन जो बहुत अशांत रहता है वह धीरे-धीरे अनुकूल होने का योग दिखाई दे रहा है। आपका मन इसलिए अशांत रहता है क्योंकि पराक्रम भाव का स्वामी करियर स्थान पर बैठ करके केतु के साथ चंद्र ग्रहण योग बना रखा है। आप चंद्र ग्रहण योग की पूजा कराएं।

गुरुजी, मेरा करियर वैâसा रहेगा और मैं जॉब में कब तक सफलता प्राप्त कर पाऊंगा?
– आदर्श यादव
(जन्म- ३ अगस्त २००५ समय- २१.३० स्थान- जबलपुर, एमपी)
आदर्श जी, आपका जन्म पुनर्वसु नक्षत्र में मीन लग्न में हुआ है। कर्मेश आपकी कुंडली में सप्तमेश हो करके बैठा है। आपकी कुंडली में केतु के साथ गुरु ने चांडाल नाम का योग बना रखा है। इस कारण से आप अपने करियर में धीमी गति से सफलता प्राप्त कर पाएंगे, लेकिन आपका फ्यूचर एंड करियर काफी अच्छा दिखाई दे रहा है। जॉब में आपको जल्दी सफलता मिल जाएगी। आपकी कुंडली में कालसर्प योग बना हुआ है। कालसर्प योग की पूजा कराना आवश्यक है। इसी श्रावण महीने में कालसर्प योग की पूजा वैदिक विधि से करवा लें। निश्चित ही आपके करियर में सफलता प्राप्त हो जाएगी।

गुरु जी, मेरी शिक्षा में ग्रोथ नहीं मिल पा रहा है। उपाय बताएं? – आर्यन मौर्या
(जन्म- २१ मार्च २००३ समय- १९.५० स्थान- मुंबई)
आर्यन जी, आपका जन्म शुक्रवार के दिन विशाखा नक्षत्र के प्रथम चरण में हुआ है और आपकी राशि तुला बन रही है। आपकी राशि पर शनि की ढैया का भी प्रभाव चल रहा था। अगर लग्न के आधार पर हम बात करें तो कन्या लग्न में आपका जन्म हुआ है और द्वितीय भाव पर चंद्रमा बैठा हुआ है। इस कारण आपके मन में एकाग्रता नहीं हो पा रही है। पराक्रम भाव पर केतु और भाग्य भाव पर राहु बैठा था इस कारण आपकी कुंडली में वासुकी नामक कालसर्प योग बना हुआ है। इस योग के कारण केवल आपकी शिक्षा ही नहीं, बल्कि आपका करियर भी प्रभावित होगा इसलिए इसका पूजन आवश्यक है। आपकी कुंडली और आपका करियर बहुत अच्छा है, आपको घबराना नहीं है।

ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर आपको देंगे सलाह। बताएंगे परेशानियों का हल और आसान उपाय। अपने प्रश्नों का ज्योतिषीय उत्तर जानने के लिए आपका अपना नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म स्थान मोबाइल नं. ९२२२०४१००१ पर एसएमएस करें। उत्तर पढ़ें हर रविवार…!

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