मुख्यपृष्ठधर्म विशेषजीवन दर्पण : `केमद्रुम योग' की शांति कराएं सुख-समृद्धि पाएं!

जीवन दर्पण : `केमद्रुम योग’ की शांति कराएं सुख-समृद्धि पाएं!

काशी के सुप्रसिद्ध ज्योतिर्विद
डॉ. बालकृष्ण मिश्र
विद्यावारिधि (पी.एच.डी-काशी)

  • गुरु जी, आर्थिक स्थिति कब तक सुधरेगी, उपाय बताएं?
    – गणेश जगन्नाथ प्रभु
    (जन्मतिथि- १३ जून १९६२, समय- रात्रि १२.५५ बजे, स्थान- कसारगाड, केरल)
    गणेश जगन्नाथ प्रभु जी, आपका जन्म मीन लग्न एवं कन्या राशि में हुआ है। आपकी कुंडली का भली-भांति विचार किया गया। लग्नेश एवं कर्मेश बृहस्पति द्वादश भाव में बैठकर समय-समय पर आपके आत्मबल को भी कमजोर बना देता है तथा आपके परिश्रम का पूर्ण पारिश्रमिक भी प्राप्त नहीं होने देता। क्योंकि पंचम भाव यानी त्रिकोण का स्वामी चंद्रमा सप्तम भाव में बैठकर आपके उपक्रम की वृद्धि तो करेगा लेकिन सप्तम भाव में स्थित चंद्र के आगे-पीछे कोई ग्रह न होने के कारण `केमद्रुम योग’ भी बन रहा है। इस योग के कारण आपके जीवन में निरंतर उतार-चढ़ाव भी बना रहता है। आपकी आय एवं विकास के मार्ग को प्रशस्त करने के लिए वैदिक विधि से `केमद्रुम योग’ की शांति कराना आवश्यक है। जीवन की अन्य गहराइयों को जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।
  • गुरु जी, मेरा इंडिया से बाहर जाना लाभदायक होगा या नहीं? – सूरज गोस्वामी
    (जन्मतिथि- ९ दिसंबर १९८८, समय- १८.५५ बजे, स्थान- मालाड, मुंबई)
    सूरज जी, आपका जन्म मिथुन लग्न एवं वृश्चिक राशि में हुआ है। आपकी कुंडली का विशेष अवलोकन किया गया। दसवें भाव में मंगल बैठकर आपको भाग्यशाली बना दिया है। ज्योतिष शास्त्र में बतलाया गया है कि `दशमे अंगारको यस्य स जातो कुल दीपक:’ अर्थात दसवें घर में मंगल बैठकर आपको पुरुषार्थी, भाग्यशाली, कर्मठ, साहसी एवं तेजस्वी भी बनाया है और आपकी कुंडली  में शनि भाग्येश होकर सप्तम भाव में बैठा है, जो आपके लिए लाभदायक साबित होगा। वर्तमान समय का स्थान परिवर्तन आपके लिए लाभकारी होगा। आपकी कुंडली में पराक्रम भाव में केतु एवं भाग्य भाव में राहु बैठकर भाग्य ग्रहण दोष भी बना रहा है, जो आपको अच्छी ऊंचाई तक ले जाएगा। लेकिन उस ऊंचाई पर स्थित होने के लिए आपको भाग्य ग्रहण दोष की पूजा भी कराना आवश्यक होगा। भाग्य ग्रहण दोष के द्वारा जीवन में शुभ फल प्राप्त करने के लिए वैदिक विधि से पूजन कराना आवश्यक है। जीवन की अन्य गहराइयों को जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।
  • गुरु जी, मेरी राशि क्या है और कुंडली में दोष क्या है? – नीरज परमार
    (जन्मतिथि- ३१ अगस्त १९९३, समय- प्रात: ४.४३ बजे, स्थान- फलोदी, राजस्थान)
    नीरज जी, आपका जन्म कर्क लग्न एवं कुंभ  राशि में हुआ है। लग्नेश चंद्रमा अष्टम भाव में अष्टमेश शनि के साथ में बैठकर विष योग पैदा कर रहा है। इस योग के कारण आपका मन अशांत एवं मन की व्यग्रता भी बनी रहती होगी। इस समय आपकी राशि पर शनि की साढ़ेसाती भी चल रही है और पंचम भाव पर राहु बैठकर किसी-न-किसी प्रकार के आपकी शिक्षा पूर्ण प्राप्त कर लिया है तो शिक्षा का पूर्ण लाभ भी प्राप्त नहीं करने देगा। क्योंकि आपकी कुंडली में राहु एवं केतु के कारण कालसर्प योग भी बन रहा है। इस योग से शुभ फल प्राप्त करने के लिए आपको वैदिक विधि से कालसर्प योग की शांति भी कराना आवश्यक है। जीवन की अन्य गहराइयों को जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण भी बनाना आवश्यक है।
  • गुरु जी, मेरे कुंडली में क्या दोष है एवं उपाय बताएं?
    – योगेश जाधव
    (जन्मतिथि- २१ फरवरी १९९८, समय- ०९.२५ बजे, स्थान- नायगांव, महाराष्ट्र)
    योगेश जाधव जी, आपका जन्म मीन लग्न एवं वृश्चिक राशि में हुआ है। आपकी कुंडली में शनि एकादश एवं द्वादशेश है। आपकी कुंडली में मंगल भाग्येश होकर बारहवें भाव में बैठा है। अत: आपकी कुंडली  मांगलिक भी है। आपकी कुंडली का सूक्ष्मता से अवलोकन करने पर यह ज्ञात हो रहा है कि कालसर्प योग भी बना हुआ है। चंद्रमा आपकी कुंडली में पंचमेश होकर नीच राशि का है तथा लग्नेश भी अस्त होकर बारहवें भाव में बैठा है। इन दोनों ग्रहों को बल देना आवश्यक होगा। जीवन की गहराइयों को जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण भी बनवाना आवश्यक होगा। शुभ फल प्राप्त करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ जरूर करें।
  • गुरु जी, मेरी राशि क्या है तथा कुंडली में दोष क्या है? – अभिषेक ओझा
    (जन्मतिथि- १० जुलाई १९९३, समय- रात्रि ९.४५ बजे, स्थान- प्रतापगढ़, यूपी)
    अभिषेक जी, आपका जन्म कुंभ लग्न एवं मीन राशि में हुआ है। आपके लग्न भाव का स्वामी शनि स्वगृही है। इस कारण आपका आत्मबल बहुत ही ठीक होगा लेकिन पंचम भाव का स्वामी बुध अस्त होकर छठे भाव में बैठा है। अत: आप अपनी बौद्धिक क्षमता का पूर्ण लाभ प्राप्त नहीं कर पाते होंगे। आपकी कुंडली मांगलिक है। विवाह करने से पहले मांगलिक पूजन आपको कराना आवश्यक होगा नहीं तो दांपत्य जीवन में किसी-न-किसी प्रकार की असुविधा प्राप्त होगी। जीवन के और सारे रहस्यों को गहराई से जानने के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाना चाहिए।
    ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर आपको देंगे सलाह। बताएंगे परेशानियों का हल और आसान उपाय। अपने प्रश्नों का ज्योतिषीय उत्तर जानने के लिए आपका अपना नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म स्थान मोबाइल नं. ९२२२०४१००१ पर एसएमएस करें। उत्तर पढ़ें हर रविवार…!

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