मुख्यपृष्ठस्तंभजीवन दर्पण : चंद्रग्रहण योग की पूजा कराएं मन की शांति पाएं!

जीवन दर्पण : चंद्रग्रहण योग की पूजा कराएं मन की शांति पाएं!

•  डॉ. बालकृष्ण मिश्र

गुरुजी, मेरा कुछ पैसा फंसा हुआ है। आर्थिक रूप से काफी परेशान हूं। कोई उपाय बताएं? – जगमोहन गुप्ता
(जन्म- ८ अप्रैल १९६४, समय- २०.२५ स्थान- सांगली, महाराष्ट्र)
जगमोहन जी, आपका जन्म बुधवार के दिन धनिष्ठा नक्षत्र के चतुर्थ चरण में हुआ है। आपकी राशि कुंभ बन रही है। कुंभ राशि पर इस समय शनि की साढ़ेसाती चल रही है। शनि की साढ़ेसाती की वजह से आप काफी परिश्रम कर रहे हैं फिर भी आपको पूर्ण रूप से सफलता नहीं मिल पा रही है लेकिन आपको सफलता मिलेगी। आपकी कुंडली में वासुकी नामक काल सर्प योग और भाग्य ग्रहण दोष भी बना हुआ है। भाग्य ग्रहण दोष के साथ कालसर्प योग की पूजा कराना बेहद जरूरी है। मछलियों को आप प्रतिदिन चारा डालें धीरे-धीरे आपको पैसा मिलने लगेगा।

गुरुजी, काफी दिनों से मैं बहुत परेशान हूं। मन बेहद अशांत रहता है। मुझे सही मार्गदर्शन दें? – शर्मिला यादव
(जन्म- २० जनवरी १९८०, समय- १३.२५ स्थान- मुंबई)
शर्मिला जी, शतभिषा नक्षत्र में वृषभ लग्न में आपका जन्म हुआ है। आपकी कुंडली के आधार पर हम आपके करियर को देखें तो आपका करियर काफी अच्छा दिखाई दे रहा है। लेकिन इस समय आप पर शनि की भी साढ़ेसाती चल रही है। इस समय आपकी कुंडली में शनि की साढ़ेसाती ताम्रपत्र पर चल रही है। आपकी समस्या और मन जो बहुत अशांत रहता है, धीरे-धीरे उसके अनुकूल होने का योग दिखाई दे रहा है। आपका मन इसलिए अशांत रहता है क्योंकि पराक्रम भाव का स्वामी करियर स्थान पर बैठ करके केतु के साथ चंद्र ग्रहण योग बना रखा है। आप चंद्र ग्रहण योग की पूजा जरूर करवाएं।

गुरुजी, पति के साथ में संबंध ठीक नहीं है। मार्गदर्शन करें? – रामकुमारी गुप्ता
(जन्म- १६ अक्टूबर १९८९, समय- ९.१३ सुबह, स्थान- जबलपुर)
रामकुमारी जी, आपका जन्म वृश्चिक लग्न में हुआ है और आपकी राशि मेष बन रही है। कुंडली के आधार पर अगर हम आपकी मैरिज लाइफ के बारे में देखें तो सप्तम भाव से आपके वैवाहिक जीवन के बारे में विचार किया जाता है। सप्तम भाव का स्वामी शुक्र है, जो लग्न में बैठा है। अगर आप नहीं चाहेंगी तो आपका पति आपसे दूर नहीं होगा। वैवाहिक जीवन को अनुकूल बनाने के लिए कालसर्प योग की पूजा आप जरूर करवाएं।

गुरुजी, मेरा करियर कैसा रहेगा और मैं कब तक जॉब में सफलता प्राप्त कर पाऊंगा?
– आदर्श दुबे
(जन्म- ३ अगस्त २००५, समय- २१.३० स्थान- जबलपुर, म.प्र.)
आदर्श जी, आपका जन्म पुनर्वसु नक्षत्र में मीन लग्न में हुआ है। कर्मेश आपकी कुंडली में सप्तमेश होकर के बैठा हुआ है। केतु के साथ आपकी कुंडली में गुरु ने चांडाल नामक योग बना रखा है। इस कारण से आप अपने करियर में धीमी गति से सफलता प्राप्त करेंगे। लेकिन आपका फ्यूचर एंड करियर काफी अच्छा दिखाई दे रहा है। जॉब में आपको जल्द सफलता मिल जाएगी। आपकी कुंडली में कालसर्प योग बना हुआ है। कालसर्प योग की पूजा वैदिक विधि से करवाने के बाद निश्चित ही आपको करियर में सफलता प्राप्त होगी।

गुरुजी, शिक्षा में मुझे ग्रोथ नहीं मिल पा रहा है। उपाय बताएं? – आर्यन जायसवाल
(जन्म- २१ मार्च २००३ समय- १९.५० स्थान- मुंबई)
आर्यन जी, आपका जन्म शुक्रवार के दिन विशाखा नक्षत्र के प्रथम चरण में हुआ है और आपकी राशि तुला है। आपकी राशि पर शनि की ढैया का भी प्रभाव चल रहा था लेकिन लग्न के आधार पर अगर हम बात करें तो कन्या लग्न में आपका जन्म हुआ है और द्वितीय भाव पर चंद्रमा बैठा हुआ है। इस कारण आपके मन में एकाग्रता नहीं हो पा रही है। पराक्रम भाव पर केतु और भाग्य भाव पर राहु बैठा होने के कारण आपकी कुंडली में वासुकी नामक कालसर्प योग बना हुआ है। इस योग के कारण न केवल शिक्षा, बल्कि आपका करियर भी प्रभावित होगा इसलिए इसका पूजन आवश्यक है। आप घबराना नहीं, आपकी कुंडली और आपका करियर आपका बहुत अच्छा है।

ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर आपको देंगे सलाह। बताएंगे परेशानियों का हल और आसान उपाय। अपने प्रश्नों का ज्योतिषीय उत्तर जानने के लिए आपका अपना नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म स्थान मोबाइल नं. ९२२२०४१००१ पर एसएमएस करें। उत्तर पढ़ें हर रविवार…!

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