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जीवन दर्पण : शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए गणपति स्रोत का पाठ करें!

डाॅ. बालकृष्ण मिश्र
गुरु जी, मेरी शादी कब तक होगी। कुंडली में क्या दोष है उपाय बताएं? – अरविंद मिश्रा
(जन्म- २१ फरवरी १९९८, समय- ९.५५, कांदिवली, मुंबई)
अरविंद जी, आपका जन्म मीन लग्न एवं वृश्चिक राशि में हुआ है। आपकी कुंडली में मंगल भाग्येश हो करके बारहवें भाव में बैठा है। अत: आपकी कुंडली मांगलिक भी है। मांगलिक योग के कारण विवाह में विलंब हो रहा है। मंगलचंडिका स्रोत का पाठ कराएं, जिससे अनुकूल जीवन साथी प्राप्त करने का मार्ग प्रशस्त हो जाएगा। चंद्रमा आपकी कुंडली में पंचमेश होकर नीच राशि का है तथा लग्नेश भी अस्त हो करके बारहवें भाव में बैठा है। इन दोनों ग्रहों को बल देना आवश्यक होगा। यदि ऐसा करते हैं तो सन् २४ तक शादी हो सकती है। जीवन की गहराई को जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण भी बनवाना आवश्यक होगा। बृहस्पति को ताकतवर बनाने के लिए विष्णु सहस्रनाम का पाठ सुने। प्रतिदिन विष्णु सहस्रनाम सुनने से बृहस्पति की स्थिति आपके अनुकूल होगी।

मेरी राशि क्या है? क्या कुंडली में मंगल दोष है?
– सुनील विश्वकर्मा
(जन्म- १० जुलाई १९९३, समय- रात्रि ९.४९, स्थान- भदोही, उत्तर प्रदेश)
सुनील जी, आपका जन्म कुंभ लग्न एवं मीन राशि में हुआ है। आपके लग्न भाव का स्वामी शनि स्वगृही है, इस कारण आपका आत्मबल बहुत ही ठीक होगा, लेकिन पंचम भाव का स्वामी बुध अस्त हो करके छठे भाव में बैठा है। अत: आप अपनी बौद्धिक क्षमता का पूर्ण लाभ प्राप्त नहीं कर पाते होंगे। आपकी कुंडली मांगलिक है। अत: विवाह करने से पहले आपको मांगलिक पूजन कराना आवश्यक होगा, वरना दांपत्य जीवन में किसी-न-किसी प्रकार की असुविधा प्राप्त होगी। जीवन की विभिन्न गहराइयों को जानने के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाना चाहिए।

शिक्षा में रुकावट हो रही है। किस प्रकार सुधार किया जाए? – भूपेंद्र यादव
(जन्म- ६ अक्टूबर १९९८, समय- ९.४६, स्थान- जोगेश्वरी, मुंबई)
भूपेंद्र जी, आपका जन्म तुला लग्न एवं मीन राशि में हुआ है। लग्नेश शुक्र नीच राशि का है एवं शिक्षा का विचार पांचवें दृष्टि से देखा जाता है। पांचवें स्थान का स्वामी शनि भी नीच राशि का है तथा भाग्य भाव का स्वामी बुध भी नीच राशि का है। इसलिए शिक्षा में किसी-न-किसी प्रकार की असुविधा होगी। आगे के भविष्य को सुगम एवं सरल और शिक्षा को सुदृढ़ बनाने के लिए संकटनाशन गणपति स्रोत का पाठ करें एवं गणपति जी को केला एवं दूर्वा अर्पित करें। संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं एवं जीवन को प्रशस्त करने के लिए शास्त्र विधि के आधार पर उपाय करें, तभी आपके लिए हितकारी होगा।

क्या कुंडली मांगलिक है। स्वास्थ्य ठीक नहीं रहता, उपाय बताएं? – शिवराज चौहान
(जन्म-१६ सितंबर १९९५, समय- ९.४८ बजे, स्थान- कांदिवली, मुंबई)
शिवराज जी, आपका जन्म तुला लग्न एवं वृष राशि में हुआ है। आपकी कुंडली का सूक्ष्मता से अवलोकन करने पर यह निर्णय किया गया कि सप्तमेश मंगल के साथ राहु ने बैठकर आपकी कुंडली को मांगलिक बना दिया है। वैसे शास्त्र में यह कहा गया है कि मंगल और राहु के संयोग से अंगारक योग भी बन रहा है। आठ मंगलवार लाल मसूर दाल एक किलो किसी सफाई कर्मचारी को देना चाहिए तथा अंगारक योग की पूजा एवं मंगल चंडिका स्रोत का पाठ-पूजन जीवन में कराना आवश्यक होगा। वरना आपका स्वास्थ्य एवं दांपत्य जीवन दोनों प्रभावित होता रहेगा। जीवन की संपूर्ण गहराई को जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

मेरी राशि क्या है और मेरी कुंडली में क्या मंगल दोष है? – अर्चना शर्मा
(जन्म- २१ जुलाई १९९९, समय-१२.५५ स्थान- प्रयागराज, उ.प्र.)
अर्चना जी, आपका जन्म तुला लग्न एवं तुला राशि में हुआ है। आपकी कुंडली का सूक्ष्मता से अवलोकन करने पर यह पता चल रहा है कि लग्न में सप्तमेश मंगल के साथ चंद्र लग्न में बैठ करके आपकी कुंडली को मांगलिक बना रहा है। अत: विवाह से पहले मांगलिक दोष पर विचार करना आवश्यक होगा नहीं तो दांपत्य जीवन में किसी-न-किसी प्रकार की असुविधा भी प्राप्त होगी। जीवन की संपूर्ण गहराई को जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाएं।

ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर आपको देंगे सलाह। बताएंगे परेशानियों का हल और आसान उपाय। अपने प्रश्नों का ज्योतिषीय उत्तर जानने के लिए आपका अपना नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म स्थान मोबाइल नं. ९२२२०४१००१ पर एसएमएस करें। उत्तर पढ़ें हर रविवार…!

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