मुख्यपृष्ठराशि-भविष्यजीवन दर्पण : रहेगी शिव की कृपा तो बन जाएंगे सभी काम

जीवन दर्पण : रहेगी शिव की कृपा तो बन जाएंगे सभी काम

डाॅ. बालकृष्ण मिश्र

गुरु जी मेरा वर्तमान समय कैसा चल रहा है? बड़ी बेचैनी हो रही है कृपया उपाय बताएं। -उमेश चंद्र मिश्रा
जन्म ८ जून १९६०, समय-४:५०, स्थान- उत्तर प्रदेश
उमेश चंद्र जी, आपका जन्म बुधवार के दिन हुआ है। राशि आपकी वृश्चिक बन रही है। वृश्चिक राशि पर इस समय शनि की ढैया भी चल रही है। शनि की ढैया के कारण मानसिक तनाव होता ही है। शनि को अगर हम आपकी कुंडली से देख रहे हैं तो आपकी कुंडली में शनि भाग्य भाव के स्वामी है और दशम भाव का स्वामी वृषभ लग्न में आपका जन्म हुआ है। आपको शनि का उपाय विश्वास के साथ करना चाहिए अगर शनि का उपाय कर रहे हैं तो निश्चित आपको लाभ मिलना चालू हो जाएगा शनि के उपाय के लिए १०० ग्राम काला तिल, १०० ग्राम काली उड़द १०० ग्राम बादाम, १०० ग्राम कच्चा कोयला, एक नारियल, आधा मी काला कपड़ा यह सारी सामग्री काले कपड़े में अपने सर से सात बार घुमाकर कहीं बहते पानी में डालें और शनिवार से ४३ दिन तक पीपल के पेड़ की परिक्रमा ७ मिनट जरूर करें। परिक्रमा करते समय यह मंत्र जरूर पढ़ें-ओम् पिप्पलाश्रय संस्थिताय नम: परिक्रमा के बाद में थोड़ा सा शक्कर पीपल की जड़ के पास जरूर गिराएं। जीवन को और गहराई से जानने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण गोल्ड बनवाएं।

गुरुजी मैं कोई काम प्रारंभ करना चाहता हूं क्या मेरा काम परिपूर्ण हो जाएगा और सफलता मिलेगी?
-राम लुटावन
जन्म ४ सितंबर १९६५, समय-१०:३०, स्थान- बस्ती, उत्तर प्रदेश
राम लुटावन जी, आपका जन्म शनिवार के दिन हुआ है। राशि आपकी धनु बन रही है। लग्न के आधार पर अगर हम बात कर रहे हैं, तो तुला लग्न में आपका जन्म हुआ है। तुला लग्न का स्वामी शुक्र होता है। वह शुक्र आपकी कुंडली में १२वें भाव पर बैठा है। लग्न भाव का स्वामी यदि १२वें भाव पर बैठता है तो करियर में उतार-चढ़ाव होता ही है। लेकिन लग्न में जो मंगल बैठा हुआ है। उससे आप अपने पुरुषार्थ से अपने कार्य को परिपूर्ण तो कर लेंगे लेकिन चंद्रमा ग्रह के आगे-पीछे कोई ग्रह नहीं है। इस कारण एक दुर्योधन रहा है, जिसे कहते हैं केंद्रद्रुम योग। इसके कारण जीवन में उतार-चढ़ाव आता है। इसके लिए आपको शिव की पूजा करनी चाहिए। शिव की कृपा से आपका हर कार्य पूर्ण हो जाएगा। विशेष जानकारी के लिए आपको संपूर्ण जीवन दर्पण बनवाना चाहिए।

गुरुजी मेरी राशि क्या है? पढ़ने में मन नहीं लग रहा है कृपया उपाय बताएं। -युवराज सिंह
जन्म २५ सितंबर २००३, स्थान- मुंबई
युवराज जी आपका जन्म मंगलवार के दिन हुआ है। ज्येष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण में राशि आपकी वृश्चिक बन रही है। वृश्चिक राशि पर वर्तमान समय में शनि की ढैया का प्रभाव चल रहा है और ज्येष्ठा नक्षत्र गंडमूल नक्षत्र कहा जाता है। स्थान नक्षत्र में जन्म लेने के बाद में २७ वें दिन गोमुख प्रसव शांति करना आवश्यक होता है तो अगर आपने शांति करवाया हो तब तो ठीक है नहीं तो आपको गोमुख प्रसव शांति करवाना चाहिए और शनि की ढैया का भी उपाय करना चाहिए। प्रतिदिन कम से कम तीन बार हनुमान चालीसा का पाठ जरूर पढ़ें आपकी शिक्षा अच्छी हो जाएगी।

गुरुजी मेरी परेशानी कब दूर होगी, कृपया मुझे बताएं, मुझे क्या करना चाहिए? -रमेश यादव
जन्म २ जून १९७१, समय-१७:१५ जौनपुर
रमेश चंद्र जी, आपका जन्म बुधवार के दिन हुआ है। उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के तृतीय चरण में राशि आपकी कन्या बन रही है। कन्या राशि का स्वामी बुध होता है और वह बुध आपकी कुंडली में १२ में भाव का स्वामी होकर के सप्तम भाव पर बैठा है और दशम भाव का स्वामी आपकी कुंडली में चंद्रमा है, जो १२वें भाव पर बैठा है। इसी कारण आपकी साधना में या आपके किसी भी कार्य में अड़चन आती है। यदि दशम भाव का स्वामी १२वें भाव पर बैठता है तो दशम भाव से करियर का विचार किया जाता है और १२वें भाव से व्यय का विचार किया जाता है। यह किसी भी प्रकार की साधना में या किसी भी प्रकार का उद्देश्य की पूर्ति में अड़चन डालता है। आपको अगर अपने कर्मों का पूर्ण फल प्राप्त करना है तो आपको ४३ दिनों तक प्रतिदिन कम से कम ७ मिनट पीपल के पेड़ की परिक्रमा करनी चाहिए और परिक्रमा करते समय ओम् पिप्पलाश्रय संस्थिताय नम:’ मंत्र जरूर बोलना चाहिए। परिक्रमा के बाद में थोड़ा-सा शक्कर जमीन पर जरूर गिराएं।

गुरुजी मेरे विवाह में क्यों अड़चनें आ रही हैं, कृपा करके उचित उपाय बताएं। -विशाल ठाकुर
जन्म ६ फरवरी १९९४, समय-रात्रि ४:३०, स्थान- घाटकोपर
विशाल जी, आपका जन्म रविवार के दिन हुआ है। ज्येष्ठा नक्षत्र के तृतीय चरण में राशि आपकी वृश्चिक बन रही है। वृश्चिक राशि पर शनि की ढैया का प्रभाव चल रहा है। लग्न के आधार पर अगर हम आपकी कुंडली को देख रहे हैं तो आपका जन्म धनु लग्न में हुआ है। कुंडली आपकी मांगलिक नहीं है लेकिन १२वें भाव में नीच राशि के चंद्रमा ग्रह के साथ राहु बैठा हुआ है, जिसके कारण आपकी कुंडली में कालसर्प योग बना हुआ है। इस कारण आपकी शादी तय होते-होते भी बिगड़ जाती हैं। आप को कालसर्प योग की पूजा करनी चाहिए और शनि की ढैया का भी उपाय करना चाहिए विस्तार से आपको जानकारी लेने के लिए संपूर्ण जीवन दर्पण भी बनवाना चाहिए।

ग्रह-नक्षत्रों के आधार पर आपको देंगे सलाह। बताएंगे परेशानियों का हल और आसान उपाय। अपने प्रश्नों का ज्योतिषीय उत्तर जानने के लिए आपका अपना नाम, जन्म तारीख, जन्म समय, जन्म स्थान मोबाइल नं. ९२२२०४१००१ पर एसएमएस करें। उत्तर पढ़ें हर रविवार…!

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