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जेहाद के रास्ते ‘जिल्लत’ की सीढ़ियां, मुर्तजा के पैरों में जहन्नुम की बेड़ियां!

-आतंकियों का टॉप कमांडर बनना चाहता था दहशतगर्द
मनोज श्रीवास्तव / गोरखपुर। गोरखनाथ मंदिर हमले के मामले में एटीएस की जांच में अब तक यह पता चला है कि मुर्तजा `वन मैन आर्मी’ है। यानी कि अभी वह अकेला ही बड़ी आतंकी घटना को अंजाम देने की फिराक में था। उसकी चाहत थी कि वह आईएसआईएस का टॉप कमांडर बन जाए और फिर जेहाद की सीढ़ियां चढ़ सीधा `जिल्लत’ पहुंच जाए। इसके लिए वह लगातार आतंकी संगठनों से संपर्क साध रहा था। लेकिन माना जा रहा है कि अभी वह किसी आतंकी संगठन से सीधे तौर पर जुड़ नहीं पाया था कि उसके पहले ही उसके पैरोें में जहन्नुम की बेड़ियां पड़ गर्इं।
मुर्तजा पर होगी कड़ी कार्रवाई
जानकारी के अनुसार एटीएस को अब तक की जांच में उसके आतंकी संगठन से सीधा संपर्क होने के ठोस सबूत मिले हैं। जबकि मुर्तजा लगातार इंटरनेट के जरिए और नेपाल बॉर्डर पर स्थित मदरसों में जाकर आतंकी संगठनों से जुड़ने की कोशिश जरूर कर रहा था। एटीएस को इसके पुख्ता सबूत भी हाथ लग गए हैं। ऐसे में अब उस पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम के तहत एटीएस कार्रवाई करने की तैयारी कर रही है। इस कानून का मुख्य उद्देश्य आतंकी गतिविधियों को रोकना होता है।
मुर्तजा को लखनऊ ले गई एटीएस
शायद यही वजह है कि १६ अप्रैल को मुर्तजा की पेशी से पहले एटीएस उसे वारंट बी पर लेकर लखनऊ मुख्यालय चली गई। ताकि अधिकारियों की मौजूदगी में उस पर गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) एक्ट के तहत कार्रवाई कर उसे कोर्ट में पेश किया जा सके। ऐसे में संभावना है कि एटीएस कार्रवाई की प्रक्रिया पूरी कर फिर गोरखपुर कोर्ट में मुर्तजा को पेश करेगी।
क्या है एक्ट?
गोरखपुर सिविल कोर्ट के सीनियर एडवोकेट रविशंकर पांडेय का कहना है कि भारतीय संसद ने १९६७ में गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम को बनाया था। हालांकि, २००४, २००८, २०१२ और २०१९ में इस कानून में बदलाव किए गए। लेकिन, २०१९ के संशोधन में इसमें कठोर प्रावधान जोड़े गए थे, जिसके बाद से ही यह सवालों के कठघरे में है।
खुफिया एजेंसियों ने जब मुर्तजा की पड़ताल की तो पता लगा कि वे सिर्फ संदिग्ध मदरसों में ही नहीं जाता है, बल्कि इंटरनेट पर भी वह लगातार जेहाद और आतंकी गतिविधियों को सर्च करता है।
सीरिया की लड़की के संपर्क में था मुर्तजा
अब तक की जांच में सामने आया है कि वह सीरिया की एक लड़की के भी संपर्क में था, जिसके खाते में उसने ८ लाख रुपए भेजे थे। मंदिर पर हमले से पहले भी वह उसी लड़की से बात कर नेपाल गया था। हालांकि इनमें से कई रिपोर्ट तो एटीएस को मिल गई है। जिसकी एनालिसि​स भी की जा रही है। लेकिन तमाम एप और वेबसाइट्स के सर्वर देश से बाहर होने की वजह से उसके कई डेटा रिकवर करने में अभी वक्त लग रहा है।
मुर्तजा ने एटीएस टीम पर किया हमला
गोरखनाथ मंदिर हमले का आरोपी अहमद मुर्तजा अब्बासी अब एटीएस वालों पर भी हमलावर हो रहा है। पूछताछ के दौरान पुलिसवालों का करीब आना, उसको पसंद नहीं आ रहा है। शातिर मुर्तजा ने पूछताछ के दौरान एक सिपाही को कोहनी से मार दिया। ये वही कोहनी थी, जिस पर प्लास्टर लगा हुआ था। एक इंस्पेक्टर रैंक के अफसर के चेहरे पर नाखून से वार ​कर दिया। इतना ही नहीं, मेडिकल चेकअप के लिए पहुंची डॉक्टरों की टीम से भी मुर्तजा भिड़ गया। ऐसे में एटीएस के अफसर उस पर कड़ी निगरानी रखे हुए हैं।

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