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झांकी : हनुमान को घरनिकाला

अजय भट्टाचार्य / मुंबई। प्रधानसेवक के स्वघोषित हनुमान चिराग पासवान को दिवंगत पिता रामविलास पासवान का आवंटित बंगला खाली करना पड़ा। हनुमान के इस घरनिकाले में भाजपा और नीतीश कुमार की मुख्य भूमिका रही। चिराग ने १२, जनपथ बंगला खाली करने का नोटिस मिलने के एक माह बाद घर खाली किया। इससे पहले पिछले साल जारी निष्कासन आदेश को अमल में लाने के लिए सरकारी टीम यहां भेजी गई थी। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय के तहत आनेवाले संपदा निदेशालय की टीम के वहां पर पहुंचने के तुरंत बाद लुटियंस दिल्ली के जनपथ स्थित बंगले से फर्नीचर और घरेलू सामान ले जाने की प्रक्रिया शुरू हुई। २००९ में रामविलास पासवान लोकसभा चुनाव हार गए थे। बंगला खाली करना था, तभी २०१० में राज्यसभा चुनाव आ गए। विधायकों की संख्या के आधार पर राजद दो लोगों को राज्यसभा भेज सकती थी। लालू यादव ने एक सीट बिना किसी शर्त या आश्वासन के रामविलास पासवान को दे दी, ताकि उनको बंगला खाली नहीं करना पड़े। रामविलास पासवान उन्हीं राजद विधायकों के वोट से राज्यसभा पहुंचे, जिनको हराने के लिए २००५ में एड़ी-चोटी का जोर लगाए थे और सत्ता की चाबी लिए घूमते-घूमते अपनी चाबी तो गुम करवा लिए लेकिन लालू यादव को राज्य सत्ता से बेदखल कर दिया।
केंद्रीय दखल से मान खफा
केंद्र सरकार द्वारा चंडीगढ़ प्रशासन में केंद्रीय सेवा नियम लागू किए जाने के बाद अन्य राज्यों और सेवाओं के अधिकारियों और कर्मियों को चरणबद्ध तरीके से तैनात किया जा रहा है। इससे सूबे के नए-नवेले मुख्यमंत्री भगवंत मान असहज महसूस कर रहे हैं। उन्होंने इसे पंजाब पुनर्गठन अधिनियम १९६६ के खिलाफ बताते हुए कहा है कि पंजाब चंडीगढ़ पर अपने सही दावे के लिए मजबूती से लड़ेगा। इसके साथ ही भाखड़ा-ब्यास प्रबंध बोर्ड के नियमों में हुए बदलाव का मुद्दा पिछले कुछ दिनों से काफी छाया हुआ है। पंजाब के सभी राजनीतिक दलों की ओर से नियमों में हुए बदलाव का विरोध किया जा रहा है। विपक्ष का दावा है कि बीबीएमबी के नियमों में बदलाव की वजह से पंजाब और हरियाणा के हितों को नुकसानदेह होगा। पंजाब के अधिकार घट जाएंगे। केंद्र ने हाल ही में बीबीएमबी में हरियाणा और पंजाब की स्थायी सदस्यता को खत्म करने का पैâसला लिया था। पहले बीबीएमबी के एक सदस्य के रूप में पंजाब के बिजली विभाग और एक सदस्य हरियाणा के सिंचाई विभाग से तैनात होता था। लेकिन केंद्र के नए संशोधित नियमों के बाद अब दूसरे प्रदेशों से भी सदस्य पद पर नामित किए जा सकते हैं।
नप गए नरेंद्र चक्रवर्ती
तृणमूल विधायक नरेंद्र नाथ चक्रबर्ती सात दिनों तक चुनाव प्रचार नहीं कर पाएंगे। इस संबंध में चुनाव आयोग ने निर्देशिका भी जारी कर दी। साथ ही वे प्रचार के संबंध में मीडिया व सोशल मीडिया से दूर रहेंगे। नरेंद्रनाथ का विवादित बयान वाला वीडिओ वायरल हुआ था, जिसके आधार पर भाजपा ने आयोग में शिकायत की थी। एक वायरल वीडियो में कहते दिख रहे हैं कि अगर लोग आसनसोल के लोकसभा उपचुनाव में वोट करने गए तो वह किसी की जान की जिम्मेदारी नहीं लेंगे। वे मान लेंगे कि उन्होंने भाजपा को वोट दिया है।
पंक्चरवाली आदिलक्ष्मी
तेलंगाना के भद्रादी कोठागुडेम गांव की रहनेवाली ३१ वर्षीय आदिलक्ष्मी टायर मरम्मत का काम करती हैं। शुरुआत में लोग उनके पास टायर मरम्मत करवाने से हिचकते थे। लेकिन अब वे अपने काम की वजह से पूरे तेलंगाना में मशहूर मैकेनिक बन चुकी हैं। कोठागुडेम कस्बे के पास सुजाता नगर में एक छोटा-सा गैरेज चलानेवाली दो बच्चों की मां आदिलक्ष्मी मोटरसाइकिल के साथ ही कार और ट्रैक्टर, ट्रक के टायर ठीक करने का काम करती हैं। उन्होंने टायर ठीक करने का काम अपने पति भद्रम के ऑटोमोबाइल की दुकान से शुरू किया। पिछले पांच सालों में वह इस काम में पूरी तरह से निपुण हो चुकी हैं। जब वह ट्रकों के भारी-भरकम टायरों को बदलती हैं तो लोग हैरान रह जाते हैं। शुरुआत में जब वो दुकान पर बैठती थीं तो लोग उन्हें देखते ही लौट जाते थे, जिससे वो काफी निराश महसूस करती थीं। जब भी उनके पति काम के सिलसिले में टायर ठीक करने कहीं बाहर जाते तो दुकान पर वही बैठती थीं। वे टायरों में हवा भरने जैसे छोटी चीजों से शुरुआत की। दिलचस्पी बढ़ने के साथ उनमें आत्मविश्वास भी आने लगा और वे पति के साथ पंक्चर बनवाने में मदद करने लगीं। वे बताती हैं कि शुरुआत में चार पंक्चर ठीक कर थक जाती थीं, लेकिन अब वह दिनभर में कई सारे पंक्चर ठीक कर सकती हैं।
लेखक वरिष्ठ पत्रकार हैं और देश की कई प्रतिष्ठित पत्र-पत्रिकाओं में इनके स्तंभ प्रकाशित होते हैं।

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